12/12/2024
बेहद ही सोचने का विषय
मैं डॉक्टर अजय कुमार कुशवाहा , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , धानापुर , चंदौली , ड्यूटी पर पहुंचने का मेरा समय 15 मिनट है । इस दौरान लगभग 8 से 10 बाइक वाले मेरे सामने से गुजरते हैं । जिसमें से लगभग 7 से 8 व्यक्ति मोबाइल से बात करते हुए मिलते हैं , जिसमें से कुछ लोग एयरफोन से बात करते हैं , कुछ लोग मोबाइल कान से चिपका कर बात करते हैं , कुछ लोग वीडियो कॉलिंग करते हैं , कुछ लोग चैटिंग करते हुए चलते हैं । बहुत ही दुख होता है कि महीने में तकरीबन मेरे स्वास्थ्य केंद्र पर 20 से 25 एक्सीडेंटल केस आते हैं , जिसमें से 15% प्रतिशत भविष्य के लिए विकलांग के तौर पर हो जाते हैं । यदि प्रत्येक व्यक्ति खुद यह सोचे कि मैं यह क्या कर रहा हूँ , और किस प्रकार गाड़ी चला रहा हूँ , तो ऐसा नहीं होगा । आपको अपने शरीर , अपने स्वास्थ्य के साथ साथ कम से कम यह तो विचार अवश्य करना चाहिए कि आपके आश्रित , आपके माता-पिता , भाई-बहन , पत्नी , बच्चे और लोग भी हैं । जागरूकता तभी आएगी जब सभी व्यक्ति य़ह ध्यान देंगे , कि इस प्रकार गाड़ी चलाना कानून तौर पर जुर्म है , आप कानून को न सही , अपने को देखें , आप अपने जीवन को देखें ।प्रत्येक व्यक्ति यह ठान ले कि मैं गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल से बात नहीं करूंगा या जो व्यक्ति गाड़ी चला रहा है उससे मैं मोबाइल पर बात नहीं करूंगा ।यदि इस प्रकार सभी लोग करें , तो सबका कल्याण होगा , साथ ही एक्सीडेंट की घटनाएं , जो आए दिन घट रही हैं , वह समाप्त हो जाएंगी। मैं सभी व्यक्तियों से निवेदन करता हूँ कि कृपया आप गाड़ी चलाते समय मोबाइल से कुछ भी कार्य नहीं करें , ना ही आप जिस व्यक्ति को बात कर रहे हैं , वह मोबाइल चलाते हुए आपसे बात करते हैं तो उस समय , गाड़ी चलाता है तो उससे बात ना करें या आवश्यक हो तो गाड़ी खड़ा करके बात करें । जीवन बहुमूल्य है , समय कीमती नहीं है , वह आपके जीवन के आगे कुछ भी नहीं है ।
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