Mother Teresa Wellness Group

Mother Teresa Wellness Group KARANEHAS WELLNESS CAFÉ
Promoting Wellness
I wish to introduce myself as a naturopath doctor working in the field of drugless therapies/alternate therapy.

Page was created to promote Naturopathy, Yoga, Reiki, Sujok therapy & Acupuncture, Ayurveda Acupressure, Color therapy, Seed therapy, Magnet therapy and other Drugless therapies and help under privileged people. I wish to promote naturopathy, yoga, Reiki, sujok therapy & accupuncture, ayurvedic accupressure, colour therapy, seed therapy, magnet therapy and other famous chinese therapies and food s

upplements to arm our body with required nutrients to fight diseases. As we are all aware that our body is attacked by air pollution, water pollution, food contaminations and above all, electro magnetic radiations (mobile radiations and on the other hand we lack nutrients inside our body . In other words, we are not supplying our body enough raw material in the shape of neutraseuticals to repair body’s daily wear and tear from air, water food cotaminations and radiations rather we are supplementing our body with more chemical contaminants in the shape of medicines which further worsens the condition of our body to the next phase of chronic disease. I , through my organization Karanehas Wellness Café took pledge to free world from these pollutions and food contaminations with the help of naturopathy, yoga ,and other drugless therapies. In the process we joined hands with certain groups and individuals to fullfill our mission. We are also educating & training people about these drugless therapies and internationally certified food supplements. We organize free health camps through health awareness programs & treatment camps to treat people with the help of these therapies. On the whole we are promoting wellness, a new upcoming concept of 21st century. We came up with a new health concept i.e, ABCD - cleansing balancing activating and defending our body with holistic treatments and drugless therapies. Dr.Anju (NDDY,DHNE)

19/11/2024

*Know about the human body, which many people may not know and tell others too…*
☞. The universal donor blood group is:→ O
☞. The universal acceptor blood group is:→ AB
☞. RH factor is related to:→ blood
☞. Discoverer of RH factor:→ Landsteiner and Winner
☞. Blood is purified by:→ kidney
☞. The weight of kidney is:→ 150 grams
☞. Blood is a solution:→ alkaline
☞. The pH value of blood is:→ 7.4
☞. The controller of the heartbeat is:→ pacemaker
☞. The blood vessel that carries blood from the body to the heart is called:→ vein
☞. The blood vessel that carries blood from the heart to the body is called:→ Artery
☞. Germ-7 is:→ Artificial heart
☞. Transportation of oxygen in the body:→ By blood
☞. Smallest bone:→ Stapes (in the middle ear)
☞. Largest bone:→ Femur (in the thigh)
☞. Longest muscle:→ Sartorius
☞. Largest gland:→ Liver
☞. Highest regeneration capacity:→ Liver
☞. Lowest regeneration capacity:→ Brain
☞. Hardest part of the body:→ Tooth enamel
☞. Largest salivary gland:→ Parotid gland
☞. Smallest WBC:→ Lymphocyte
☞. Largest WBC : → Monocyte
☞. Largest vein : → Encephalitis
☞. Life span of RBCs : → 120 days
☞. Time to form blood clot : → 2-5 days.
☞. Gregor John Mendel is called the father of genetics.
☞. Hargovind Khurana got the Nobel Prize for his discovery related to gene DNA.
☞. Ribosome is called the factory of protein.
☞. The number of chromosomes in the human body is 46 (23 pairs).
☞. The smallpox vaccine was discovered by Edward Jenner.
☞. The PH value of the blood of a healthy human body is 7.4.
☞. Red blood cells RBC are formed in the bone marrow.
☞. Cells were discovered by English scientist Robert Hooke.
☞. Newborn babies have 300 bones in their body.
☞. The longest bone in human body is called 'femur' (thigh bone).
☞. The smallest bone in human body is 'stapes' which is in the ear.
☞. There are 12 ribs on each side of the chest of a human.
☞. Liver and spleen are called the graveyard of RBC (red blood cells).
☞. Vitamin K is helpful in clotting of blood.

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*मानव शरीर के बारे में जानें, जिसे बहुत से लोग नहीं जानते होंगे और लोगों को भी बतायें...*
☞. सर्वदाता रक्त समूह है :→ O
☞. सर्वग्राही रक्त समूह है :→ AB
☞. RH फैक्टर सबंधित है:→ रक्त से
☞. RH फैक्टर के खोजकर्ता:→ लैंड स्टीनर एवं विनर
☞. रक्त को शुद्ध करता है :→ वॄक्क (किडनी)
☞. वॄक्क का भार होता है:→ 150 ग्राम
☞. रक्त एक विलयन है :→ क्षारीय
☞. रक्त का pH मान होता है:→ 7.4
☞. ह्र्दय की धडकन का नियंत्रक है:→पेसमेकर
☞. शरीर से ह्रदय की ओर रक्त ले जाने वाली रक्तवाहिनी कहलाती है :→शिरा
☞. ह्रदय से शरीर की ओर रक्त ले जाने वाली रक्तवाहिनी कहलाती है:→धमनी
☞. जराविक-7 है:→ कृत्रिम ह्रदय
☞. शरीर में आक्सीजन का परिवहन :→ रक्त द्वारा
☞. सबसे छोटी अस्थि:→ स्टेपिज़ (मध्य कर्ण में)
☞. सबसे बड़ी अस्थि:→फिमर (जंघा में)
☞. सबसे लम्बी पेशी:→ सर्टोरियास
☞. सबसे बड़ी ग्रंथि : →यकृत
☞. सर्वाधिक पुनरुदभवन की क्षमता:→यकृत में
☞. सबसे कम पुनरुदभवन की क्षमता :→ मस्तिष्क में
☞. शरीर का सबसे कठोर भाग : → दांत का इनेमल
☞. सबसे बड़ी लार ग्रंथि : → पैरोटिड ग्रंथि
☞. सबसे छोटी WBC : → लिम्फोसाइट
☞. सबसे बड़ी WBC : → मोनोसाइट
☞. सबसे बड़ी शिरा : → एन्फिरियर
☞. RBCs का जीवन काल :→ 120 दिन
☞. रुधिर का थक्का बनाने का समय:→ 2-5 दिन।
☞. अनुवांशिकी के पिता ग्रेगर जॅान मेंडल को कहा जाता है।
☞. हरगोविंद खुराना को नोबेल पुरस्कार जीन DNA से संबंधित खोज के लिए मिला था।
☞. राइबोसोम (Ribosome) को प्रोटीन की फैक्ट्री कहा जाता है।
☞. मानव शरीर में गुणसूत्रो की संख्या 46 (23 जोड़ा) होती है।
☞. चेचक का टीका की खोज एडवर्ड जैनर ने की थी।
☞. स्वस्थ मनुष्य के शरीर के रक्त का PH मान 7.4 होता है।
☞. लाल रक्त कणिकांए RBC का निर्माण अस्थिमज्जा में होता है।
☞. कोशिका की खोज अंग्रेज वैज्ञानिक राबर्ट हुक ने की थी।
☞. नवजात बच्चों के शरीर में 300 हड्डियां होती है।
☞. मानव शरीर की सबसे लंबी हड्डी को ‘फीमर’ कहते है (जांघ की हड्डी)।
☞. मनुष्य के शरीर की सबसे छोटी हड्डी ‘स्टेप्स’ है जो कान में होती है।
☞. मनुष्य की छाती में दोनों तरफ 12-12 पसलियां होती है।
☞. RBC लाल रक्त कण की कब्रगाह यकृत और प्लीहा को कहा जाता है।
☞. रक्त का थक्का बनाने में विटामिन-K सहायक होता है।

*✅वर्ष  भर, 365  दिन,    52  हफ्ते स्वस्थ रहें ✅*https://chat.whatsapp.com/K7WDA2L0BwpC4h1c6n80Mu🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🍎🍏🍊🍇1-- 90 प्रति...
12/12/2023

*✅वर्ष भर, 365 दिन, 52 हफ्ते स्वस्थ रहें ✅*

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1-- 90 प्रतिशत रोग केवल पेट से होते हैं। पेट में कब्ज नहीं रहना चाहिए। अन्यथा रोगों की कभी कमी नहीं रहेगी।
2-- कुल 13 अधारणीय वेग हैं ।
3--160 रोग केवल मांसाहार से होते है ।
4-- 103 रोग भोजन के बाद जल पीने से होते हैं। भोजन के 1 घंटे बाद ही जल पीना चाहिये।
5-- 80 रोग चाय पीने से होते हैं।
6-- 48 रोग ऐलुमिनियम के बर्तन या कुकर के खाने से होते हैं।
7-- शराब, कोल्डड्रिंक और चाय के सेवन से हृदय रोग होता है।
8-- अण्डा खाने से हृदयरोग, पथरी और गुर्दे खराब होते हैं।
9-- ठंडे जल (फ्रिज) और आइसक्रीम से बड़ी आंत सिकुड़ जाती है।
10-- मैगी, गुटका, शराब, सूअर का माँस, पिज्जा, बर्गर, बीड़ी, सिगरेट, पेप्सी, कोक से बड़ी आंत सड़ती है।
11-- भोजन के पश्चात् स्नान करने से पाचनशक्ति मन्द हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है।
12-- बाल रंगने वाले द्रव्यों (हेयरकलर) से आँखों को हानि (अंधापन भी) होती है।
13-- दूध (चाय) के साथ नमक (नमकीन पदार्थ) खाने से चर्म रोग हो जाता है।
14-- शैम्पू, कंडीशनर और विभिन्न प्रकार के तेलों से बाल पकने, झड़ने और दोमुहें होने लगते हैं।
15-- गर्म जल से स्नान से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है। गर्म जल सिर पर डालने से आँखें कमजोर हो जाती हैं।
16-- टाई बांधने से आँखों और मस्तिश्क हो हानि पहुँचती है।
17-- खड़े होकर जल पीने से घुटनों (जोड़ों) में पीड़ा होती है।
18-- खड़े होकर मूत्र-त्याग करने से रीढ़ की हड्डी को हानि होती है।
19-- भोजन पकाने के बाद उसमें नमक डालने से रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) बढ़ता है।
20-- जोर लगाकर छींकने से कानों को क्षति पहुँचती है।
21-- मुँह से साँस लेने पर आयु कम होती है।
22-- पुस्तक पर अधिक झुकने से फेफड़े खराब हो जाते हैं और क्षय (टीबी) होने का डर रहता है।
23-- चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है, मलेरिया नहीं होता है।
24-- तुलसी के सेवन से मलेरिया नहीं होता है।
25-- मूली प्रतिदिन खाने से व्यक्ति अनेक रोगों से मुक्त रहता है।
26-- अनार आंव, संग्रहणी, पुरानी खांसी व हृदय रोगों के लिए सर्वश्रेश्ठ है।
27-- हृदय-रोगी के लिए अर्जुन की छाल, लौकी का रस, तुलसी, पुदीना, मौसमी, सेंधा नमक, गुड़, चोकर-युक्त आटा, छिलके-युक्त अनाज औशधियां हैं।
28-- भोजन के पश्चात् पान, गुड़ या सौंफ खाने से पाचन अच्छा होता है। अपच नहीं होता है।
29-- अपक्व भोजन (जो आग पर न पकाया गया हो) से शरीर स्वस्थ रहता है और आयु दीर्घ होती है।
30-- मुलहठी चूसने से कफ बाहर आता है और आवाज मधुर होती है।
31-- जल सदैव ताजा (चापाकल, कुएं आदि का) पीना चाहिये, बोतलबंद (फ्रिज) पानी बासी और अनेक रोगों के कारण होते हैं।
32-- नीबू गंदे पानी के रोग (यकृत, टाइफाइड, दस्त, पेट के रोग) तथा हैजा से बचाता है।
33-- चोकर खाने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। इसलिए सदैव गेहूं मोटा ही पिसवाना चाहिए।
34-- फल, मीठा और घी या तेल से बने पदार्थ खाकर तुरन्त जल नहीं पीना चाहिए।
35-- भोजन पकने के 48 मिनट के अन्दर खा लेना चाहिए। उसके पश्चात् उसकी पोशकता कम होने लगती है। 12 घण्टे के बाद पशुओं के खाने लायक भी नहीं रहता है।
36-- मिट्टी के बर्तन में भोजन पकाने से पोशकता 100%, कांसे के बर्तन
में 97%, पीतल के बर्तन में 93%, अल्युमिनियम के बर्तन और प्रेशर कुकर में 7-13% ही बचते हैं।
37-- गेहूँ का आटा 15 दिनों पुराना और चना, ज्वार, बाजरा, मक्का का आटा 7 दिनों से अधिक पुराना नहीं प्रयोग करना चाहिए।
38-- 14 वर्श से कम उम्र के बच्चों को मैदा (बिस्कुट, बे्रड, समोसा आदि) कभी भी नहीं खिलाना चाहिए।
39-- खाने के लिए सेंधा नमक सर्वश्रेश्ठ होता है उसके बाद काला नमक का स्थान आता है। सफेद नमक जहर के समान होता है।
40-- जल जाने पर आलू का रस, हल्दी, शहद, घृतकुमारी में से कुछ भी लगाने पर जलन ठीक हो जाती है और फफोले नहीं पड़ते।
41-- सरसों, तिल, मूंगफली या नारियल का तेल ही खाना चाहिए। देशी घी ही खाना चाहिए है। रिफाइंड तेल और वनस्पति घी (डालडा) जहर होता है।
42-- पैर के अंगूठे के नाखूनों को सरसों तेल से भिगोने से आँखों की खुजली लाली और जलन ठीक हो जाती है।
43-- खाने का चूना 70 रोगों को ठीक करता है।
44-- चोट, सूजन, दर्द, घाव, फोड़ा होने पर उस पर 5-20 मिनट तक चुम्बक रखने से जल्दी ठीक होता है। हड्डी टूटने पर चुम्बक का प्रयोग करने से आधे से भी कम समय में ठीक होती है।
45-- मीठे में मिश्री, गुड़, शहद, देशी (कच्ची) चीनी का प्रयोग करना चाहिए सफेद चीनी जहर होता है।
46-- कुत्ता काटने पर हल्दी लगाना चाहिए।
47-- बर्तन मिटटी के ही परयोग करन चाहिए।
48-- टूथपेस्ट और ब्रश के स्थान पर दातून और मंजन करना चाहिए दाँत मजबूत रहेंगे। (आँखों के रोग में दातून नहीं करना)
49-- यदि सम्भव हो तो सूर्यास्त के पश्चात् न तो पढ़े और लिखने का काम तो न ही करें तो अच्छा है।
50-- निरोग रहने के लिए अच्छी नींद और अच्छा (ताजा) भोजन अत्यन्त आवश्यक है।
51-- देर रात तक जागने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कमजोर हो जाती है। भोजन का पाचन भी ठीक से नहीं हो पाता है आँखों के रोग भी होते हैं।
52-- प्रातः का भोजन राजकुमार के समान, दोपहर का राजा और रात्रि का भिखारी के समान।

👉आशा है स्वयं के परिवार में भी इसे लागु करेंगे.
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WhatsApp Group Invite

🙏प्रिय सदस्यों,🙏 मैं आप सभी को सूचित करना चाहता हूं कि सरकार।  भारत ने एक वरिष्ठ नागरिक हेल्प लाइन फोन नंबर स्थापित किया...
09/04/2023

🙏प्रिय सदस्यों,🙏
मैं आप सभी को सूचित करना चाहता हूं कि सरकार। भारत ने एक वरिष्ठ नागरिक हेल्प लाइन फोन नंबर स्थापित किया है। 14567.
मैंने इस फोन पर जांच की और एक महिला की प्रतिक्रिया से मुझे सुखद आश्चर्य हुआ।
यह केंद्र वरिष्ठ नागरिकों को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच कोई भी सहायता/सहायता प्रदान करता है। दिन या रात के किसी भी समय संकट में वरिष्ठ नागरिक के मामले, चिकित्सा सहायता की आवश्यकता, या उत्पीड़न से सुरक्षा, आस-पास के टीकाकरण केंद्रों आदि को संदर्भित किया जा सकता है।
मैं उस व्यक्ति से बहुत प्रभावित हुआ जिसने तुरंत मदद करने का वादा करते हुए चिंता व्यक्त की। मेरा सुझाव है कि हमें इस जानकारी को साझा करना चाहिए और व्यापक रूप से प्रसारित करना चाहिए ताकि जरूरतमंद लोगों की मदद की जा सके।🙏🏻🙏🏻
कृपया ध्यान दें कि यह सेवा केवल सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच ही उपलब्ध है।
क्या आप इस संदेश को अपनी मंडली के सभी वरिष्ठ नागरिकों (मित्रों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों) तक प्रसारित करेंगे।
यह भारत सरकार द्वारा की गई एक महान पहल है और निश्चित रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों को लाभ प्रदान करेगी जिन्हें सहायता की आवश्यकता है।
👏👏👏👏👏👏👏
https://chat.whatsapp.com/FilKATT4D27GFd4y0uDl1v

Dear members,
I wish to inform you all thatGovt. India has set up a senior citizen help line phone no. 14567.
I checked on this phone & I was pleasantly surprised by the response by a lady.
This centre provides any help / support needed by senior citizens in between 8Am to 8 pm.
One can refer a case of senior citizen in distress , medical help needed, or protection from harassment, Vaccination centres nearby etc at any time of the day or night.
I was very impressed by the person who expressed concern with promise to immediate help.
I would suggest we must share and circulate this information widely to help those in need of help.
🙏🏻🙏🏻
Please note that the service is available between 8 am to 8 pm only.
Will you please circulate this message to all the Senior Citizens in your circle ( friends, relatives, Neighbours).
This is a great initiative taken by the Government of India and will definitely extend benefits to those senior citizens who are in need of assistance.
👏👏👏👏👏👏👏
https://chat.whatsapp.com/FilKATT4D27GFd4y0uDl1v

WhatsApp Group Invite

Time for Covid precautions again. Stay tuned!
21/12/2022

Time for Covid precautions again. Stay tuned!

20/12/2022

OCA, Regeneration International, and Hudson Carbon are currently working on a grassroots-powered global campaign to help make the best practices of organic and regenerative food, farming, land use, and health the norm, rather than just the alternative. While defending ourselves and our communities f...

20/12/2022

“Virginity testing” aka “two-finger testing” has no scientific or clinical basis. It is an inspection of female genitalia designed to determine whether a 👩 or 👧 has had vaginal in*******se.

Virginity testing MUST END.

🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷Shubhprabhat Subhash*ta 😊*दीपो नाशयते ध्वान्तं धनारोग्ये प्रयच्छति |**कल्याणाय भवत्येव दीपज्योतिर्नमोSस्तुते |...
24/10/2022

🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷
Shubhprabhat Subhash*ta 😊

*दीपो नाशयते ध्वान्तं धनारोग्ये प्रयच्छति |*
*कल्याणाय भवत्येव दीपज्योतिर्नमोSस्तुते ||*

दीप प्रज्ज्वलित करने से अंधकार का नाश होता है, धन और आरोग्य की प्राप्ति होती है तथा सुख और समृद्धि भी प्राप्त होती है। हे दीपक ! हम तुम्हारे उज्ज्वल प्रकाश को नमन करते हैं।

A Lighted Lamp Destroys Darkness And Gives Wealth And Good Health As Also Happiness And Welfare.
O lamp ! We All Therefore, Bow Reverentially Before Your Bright Flame 🙏

*शुभ दीपावली - Shubh Deepawali*

Team 🧑‍🤝‍🧑Knwc👫Chandigarh

*सपरिवार अश्वनी कुमार सेठी चंडीगढ़ 🙏*
🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔

https://chat.whatsapp.com/K7WDA2L0BwpC4h1c6n80Mu☘️ *_नीम - एक बहुआयामी, अद्भुत वृक्ष: प्रकृति ही ईश्वर की पहली प्रतिनिधि...
11/06/2022

https://chat.whatsapp.com/K7WDA2L0BwpC4h1c6n80Mu

☘️ *_नीम - एक बहुआयामी, अद्भुत वृक्ष: प्रकृति ही ईश्वर की पहली प्रतिनिधि है_*

स्वस्थ भारत सबल भारत
*डॉ राव पी सिंह*
जिओ जी भर

*नीम का पेड़*
भारत में पाई जाने वाली सर्वाधिक उपयोगी और मूल्यवान वृक्ष प्रजातियों में से एक है। यह पीएच 10 तक की अनेक प्रकार की मिटि्टयों में उग सकता है, जो कि इसे भारतीय उप महाद्वीप में एक सर्वाधिक बहुआयामी और महत्वपूर्ण वृक्ष बनाता है। इसके अनेक प्रकार के उपयोगों की वजह से, भारतीय कृषकों द्वारा इसकी खेती प्राचीन काल से की गई है और अब यह भारतीय संस्कृति का अंग बन गया है।
भारत में, यह पूरे देश में पाया जाता है और, ऊंचे एवं ठंडे क्षेत्रों तथा बांध-स्थलों को छोड़कर, हर प्रकार के कृषि-जलवायु अंचलों में अच्छी तरह उग सकता है।

*नीम के पेड़ की जड़ से लेकर छाल, तना, निंबोली और पत्तियां सभी कुछ उपयोगी है।*
कई शोधों में नीम के कई चमत्कारित गुण सामने आए हैं। आयुर्वेद में नीम को अमृत के समान माना जाता है।

शास्त्रों में भी नीम की मान्यता है। त्रिवेणी भी बड़ और पीपल के साथ तभी पूरी होती है जब उसमें नीम साथ लगाई जाए। गांव व शहरों में पुराने समय से ही त्रिवेणी रोपी जाती रही है और इसका मुख्य कारण नीम का गुणकारी होना है। शास्त्रों व आयुर्वेद से जुड़े साहित्य में नीम को गुणों की खान कहा गया है।

नीम के पेड़ की जड़ से लेकर छाल, तना, निंबोली और पत्तियां सभी कुछ उपयोगी है।
ईंधन से लेकर दवाई तक में नीम का इस्तेमाल हमेशा ही होता आया है।
नीम को लेकर भारत सहित तमाम देशों में शोध होते रहे हैं और इन शोधों ने नीम के कई चमत्कारित गुण दुनिया को बताएं हैं।

*आयुर्वेद से जुड़े लोग नीम को अमृत के समान बताते हैं।*
नीम एक ऐसा पेड़ है जो सबसे ज्यादा कड़वा होता है परंतु अपने गुणों के कारण आयुर्वेद व चिकित्सा जगत में इसका अहम स्थान है।
नीम रक्त साफ करता है।
दाद, खाज, सफेद दाग और ब्लडप्रेशर में नीम की पत्ती लेना लाभदायक होता है।

नीम कीड़ों को मारता है। इसलिए इसकी पत्तों को कपड़ों व अनाज में रखा जाता है।
नीम की 10 पत्ते रोज खाने से रक्तदोष खत्म हो जाता है।

नीम के पंचांग, जड़, छाल, टहनियां, फूल पत्ते और निंबोली बेहद उपयोगी हैं। इसलिए पुराणों में इसे अमृत के समान माना गया है।
नीम आंख, कान, गला और चेहरे के लिए उपयोगी है। आंखों में मोतियाबिंद और रतौंधी हो जाने पर नीम के तेल को सलाई से आंखों में डालने से काफी लाभ होता है।

नीम के पत्ते को पीसकर अगर दाईं आंख में सूजन है तो बाएं पैर के अंगूठे पर लेप लगाएं। सूजन अगर बायीं आंख में हो तो दाएं अंगूठे पर लेप करें। आंखों की लाली और सूजन ठीक हो जाती है।

कान में दर्द या फोड़ा फुंसी हो गई हो तो नीम या निंबोली को पीसकर उसका रस कानों में टपकाए।

कान में कीड़ा गया हो तो नीम की पत्तियों का रस गुनगुना कर इसमें चुटकी भर नमक टालकर कान में टपकाकर, कीड़ा मर जाएगा।

अगर कान से पीप आ रहा है तो नीम के तेल में शहद मिलाकर कान साफ करें, पीप आना बंद हो जाएगा।
सर्दी जुकाम हो गया हो तो नीम की पत्तियां शहद मिलाकर चाटें। खराश तुरंत ठीक हो जाएगी।

हृदय रोगों में भी नीम लाभदायक है।
हृदय रोगी नीम के तेल का सेवन करें तो काफी फायदा होगा।
नीम की दातुन से दांत साफ करना काफी फायदेमंद होता है।
घर पर इसका मंजन भी बनाया जा सकता है।
अपच की समस्या हो तो निंबोली खाने से रूका हुआ मल बाहर निकल जाता है।

बासी खाना खाने से पित्त, उल्टियां हो तो इसके लिए नीम की छाल, सोंठ और कालीमिर्च को पीस लें और आठ-दस ग्राम सुबह शाम पानी से फांक लें। तीन चार दिनों में पेट साफ हो जाता है।

दस्त हो रहे हों तो नीम का काढा बनाकर लें। (नीम के किसी भी प्रयोग को करने से पहले चिकित्सक परामर्श अवश्य लें।)

नीम (neem) बहुत ही लाभदायक और ओषधीय गुण से भरपूर एक पेड़ है। जिसका प्रयोग प्राचीनकाल से प्राकृतिक, होमियोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने में तो किया ही जाता है साथ ही बहुत से अंग्रेज़ी और ओर्गेनिक दवायो में किया जाता है। इतना ही नहीं नीम का प्रयोग त्वचा संबंधित क्रीम, लोशन, पाउडर और फ़ेसवश में भी किया जाता है, इसलिए तो नीम को ओषधीय गुण से भरपुर माना जाता है, जिससे हम विभिन्न बीमारियो से लड़ने में सहता मीलती है जैसे की एंटीवाइरल बुखार, त्वचा रोग, मधुमेह, चेचक, रक्तशुद्ध आदी बीमारियो में ऐंटीसेप्टिक की तरह अपना काम करता है और जल्दी आराम भी दिलाता हैं।

नीम के पेड़ का प्रत्येक भाग जैसे तना, छाल, जड़, बीज़ का तेल इत्यादि सभी भागो को आयुर्वेदिक दवाए बनाने में प्रयोग किया जाता है।
नीम के विभिन्न सरल एवं लाभदायक उपयोग है, जो हमारे जीवन के लिए बहुत उपयोगी है।

*1. नीम के उपयोग त्वचा के लिए:-*
नीम एक एंटीसेप्टिक है जो हमारे त्वचा के रोगो के जैसे कील, मुहासे, चकते, टेनिंग एकजीमा जैसे रोगो को रोकने के लिए उपयोगी है।

*2. नीम रूसी के लिए:-*
नीम में फंग्स और जीवाणु रोधी गुण होते है जो आपके बालो को स्वस्थ रखते है। इससे आप के बालों का सूखापन एवं खुजली में भी लाभ मिलेगा।

*3. नीम बाल मे से जू दूर करने का उपाय:-*
नीम के बीज मे कीटाणुनाशी गुण होते जिससे की सिर के जुओ को 10 दिनो में खत्म कर देता है, ऐसा परीजीवी विज्ञान अनुसंधान द्वरा सन 2012 में प्रकाशित एक पत्रिका मे बताया गया है।

*4. नीम मसुरों की लिए:-*
मसूढ़ो की बीमारी जैसे की मसूरों का कटना, सूजन, खून आना, नाजुक मसूढ़े से दाटन का हिलना आजकल आम बीमारी हो गई है। इसके लिए भी एक गूणकारी ओषधि है।

*5. नीम रक्त शुद्ध करने में नीम* एक गुणकारी रक्तशोधक और विशंषक औषधि है। यह शरीर के सभी भागों में आवश्कयक तत्त्व और ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। रक्त की किसी भी प्रकार की समस्या से परेशान होने पर बिलकुल चिंता की जरुरत नहीं है।

*6. मधुमेह : -*
नीम में मौजूद यौगिक तत्त्व रक्त शर्करा को रोकने के लिए रामबाण इलाज हैं। मधुमेह कितना भी पुराना हो चूका हो या शुरूआती चरण में हो ,यह रोगी की इन्सुलिन आवश्यकता को पूरी तरह ख़तम कर देता है।

*7. नीम गठिया (आर्थराइटिस) का उपचार:-*
गठिया रोग के लिए नीम का तेल लाभकारी औषधि है। पुराने से पुराने गठिया का दर्द या शरीर के किसीभी भाग के जोड़ो का दर्द, पीठ का दर्द इत्यादि केलिए एक कप पानी में एक मुट्ठी नीम की पत्तियों औरफूलों को उबालकर ठंडा करे, इस पानी को सुबहशाम दिन में दो बार लगातार 3 महीने तक सेवन करने से सभी प्रकार के गठिया एवं जोड़ों के दर्द सेराहत मिलती है।

*8. नीम पेट के कीड़े:-*
नीम एक एंटीबायोटिक औषधि भी है। पेट में कीड़े होने की अवस्था में सुबह शाम नीम के कुछ कोमल पत्तों को चबाकर खाना चाहिए साथ में चाय के साथ नीम की पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेकर पेट के कीड़ों के लिए नीम की आयुर्वेदक कैप्सूल्स का भी सेवन कर सकते है।

*9. नाखून संक्रमण:-*
नीम के एंटीबॉयोटिक गुणों के कारण इसे हाथ एवं पैरों के नाखून संक्रमण को रोका जा सकता है। नीम के तेल का दिन में 2 बार हाथ एवं पैरों के नाखूनों में लगाने से नाखून संक्रमण से बचे रहते है।

नाखून में नीम का तेल लगाने से नाखून जड़ से मजबूत और सुन्दर बने रहते हैं।

10. नीम कटने या घाव होने पर शरीर पर किसी भी प्रकार की खुली चोट या घाव होने या कटने पर नीम के पेड़ की छाल को घर लाकर धूप में सूखा ले, सूखने के बाद उसका बारीक़ चूर्ण तैयार करे और उसे नीम के तेल या सरसो के तेल के साथ घाव पर लगा देने से घाव जल्दी सूखता है और उसके बढ़ने की कोई आशंका नहीं रहती।

नीम का एक पेड़ लगाएं और उसकी देखरेख करें जब तक की वह अच्छे से चेत नहीं जाता या बड़ा नहीं हो जाता है।

भारत माता की जय 🇮🇳
*सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः*

The group is created to promote home remedies and keep India fit and build immunity of Indians as per our old traditions.As we all know we are overburdened by Chemical and Pesticides,We need to fight back by old
*Dadi Maa Ke Nuskhe*
and natural remedies that lost due to our nuclear family tradition.Wish to keep our age old remedies and make kitchen
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03/11/2020

*Dengue* (Dandaka Jwara)

It has been described that a particular species of mosquito is the basic cause of spread of fever called Dandaka jvara. This fever mostly subsides within a week, however, it is said to be more dangerous for the children and old people.

*Symptoms*

Feeling of breaking of bones, weakness, dyspepsia, tastelessness of food are the premonitory symptoms of dandaka jwara.

Severe breaking pain in bone and joints as if some one has been beaten by stick. Reddish or purpuric rashes on the body, fleeting/shifting joint pain associated with swelling may occur. High temperature of 103 to 105 degrees F. may occur which gets subsided and may relapse again within three to four days. On 8th day, it subsides on its own..During fever, pulse is not proportionately as fast as it should be with fever . Symptoms of common cold (Pratishyaya) cough, and throat pain are also common symptoms of dandaka jwara which becomes endemic due to virulence of kapha and vata dosha.

*Management*

Ayurveda stresses to strengthen immune system of the body and keeping a control on hyperthermia.

Amrita (Guduchi)Tulasi(Holi basil) Shunthi(Dried ginger)Papaya are the commonly available medicinal plants and used to prevent its complications by potentiating immune system so that disease gets controlled within a period of 4to 8 days.

*Diet*During Dandaka jvara*

Rice gruel (Kanji),Rice porridge (khichari) cooked with ginger and lemon is useful.

Tea prepared with Tulasi, Ginger and cardamom may be taken at two hourly interval.

Spicy and Oily food should be strictly avoided.

*AYURVEDIC TREATMENT FOR DANDAKA JWARA :-*

Leaves of coriander should be taken to reduce fever.

Eatables rich in Vitamin C, especially Amla should be consumed as it helps in absorption of Iron .

Chyavanprash can be taken as an immune booster.

Punarnava (Borhavia diffusa) Is a herb which helps in flushing out toxins through perspiration.

Amrithotharam kashayam,Amritha satva(Sat giloy) are some of the good herbal medicines advised in Dengue fever.

Boil tulasi in water and drink this water throughout the day to build up immune system.

Dhatura is an ayurvedic herb which has potency to reduce seriousness of dengue fever, but should be strictly taken after consulting Ayurvedic physician.

Fenugreek leaves can be taken as herbal tea to reduce fever.

Pomegranate /black grape juice can be taken to increase blood count.

*Karanehas Wellness Cafe👫*

19/10/2020

Address

#3743 Sector 46-c
Chandigarh
160047

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