09/05/2026
कभी-कभी जिंदगी इंसान को ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है, जहाँ दर्द सिर्फ आँखों में नहीं आत्मा में उतर जाता है।
मैंने अपने जीवन में वो सब देखा है, जिसे याद करके आज भी दिल कांप उठता है।
जिस सासू माँ ने मुझे बेटी से बढ़कर अपनापन दिया, उन्हें गोलियों से छलनी होते देखा
जिस जीवनसाथी के साथ पूरी जिंदगी बिताने के सपने देखे थे, उनके टूटे हुए शरीर को अपनी आँखों के सामने देखा
उस दिन सिर्फ एक पत्नी नहीं टूटी थी
एक माँ भी डर गई थी, क्योंकि उसके बच्चों की जिंदगी पर भी खतरा मंडरा रहा था
सच कहूँ तो मुझे कभी सत्ता या राजनीति का मोह नहीं था।
लेकिन एक वादा हमेशा मेरे साथ खड़ा रहा
इंदिरा जी और राजीव जी से किया हुआ वो वादा
भारत और इसकी जनता को कभी अकेला मत छोड़ना।
शायद उसी वादे ने मुझे हर दर्द से लड़ने की ताकत दी।
मैंने भारत माता को अपनी माँ माना और इस देश की जनता को अपना परिवार।
आज भी नफ़रत, आरोप और साज़िशों का दौर जारी है
लेकिन क्या कोई अपने परिवार को मुश्किल समय में छोड़ देता है
मैं उस परिवार की बहू हूँ जिसने देश के लिए कुर्बानी दी,
जिसने कभी डरकर पीछे हटना नहीं सीखा।
मैं और मेरे बच्चे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा
इस देश, इसकी मिट्टी और इसकी जनता के लिए हर संघर्ष और हर बलिदान देने को तैयार हैं।
अगर आप भी मानते हैं कि देश सेवा सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि त्याग और समर्पण है तो अपनी राय जरूर दीजिए।