29/12/2025
आईएएस, आईएफएस, आईपीएस, अधिकारियों ने लिया मुनी श्री विमल कुमार जी, मुनी श्री उदित कुमार जी का दर्शन लाभ
श्री महावीर सिंघवी, आईएफएस, जोकि विदेश मंत्रालय में अभी-अभी अतिरिक्त सचिव के पद पर पदोन्नत हुए हैं, और जिनको भारत सरकार ने कनाडा के टोरंटो शहर में भारत के काउंसलर जनरल के रूप में नियुक्त किया है, उनके सम्मान में अणुव्रत भवन में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें अनेक उच्च पदस्थ प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे।
उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में श्री अजय जैन, जिला जज, श्री आकाश जिंदल, आईपीएस, श्री अनूप जैन, आईआरएस, श्री डीसी जैन, आईपीएस, डॉ धीरज जैन, आईआरएस, डॉक्टर हर्ष सुराना, एडवोकेट, श्रीमती मंजूषा जैन, सदस्य रेलवे बोर्ड, श्रीमती नम्रता गांधी, आईएएस, श्री नवीन जैन, आईआरएस, श्रीमती पूजा राणावत, आईआरएस, श्री राजा बांठिया, आईपीएस, श्री राहुल जैन, आईएएस, श्री राजीव जैन, आईपीएस, श्री सम्यक जैन आईएएस, डॉक्टर समीक्षा पोखरियाल, श्री संजीव मित्तल, आईएएस, श्री सौरभ जैन, आईएएस, श्री श्रीधर, आईआरएस, श्री वैभव प्रताप जैन, आईआरएस, श्री वैभव बजाज, आईआरएस, श्री विनय गुप्ता, जिला जज, श्री राजकुमार सहरावत जिला जज, श्री हर्ष मंगला, आईएएस, श्री हेमेंद्र खटाना, कमांडेंट, सीआरपीएफ के अतिरिक्त हल्दीराम ग्रुप के चेयरमैन श्री मनोहर लाल जी अग्रवाल और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मधुसूदन जी अग्रवाल भी उपस्थित थे।
श्री के सी जैन, प्रबंध नयासी अणुव्रत न्यास ने श्री महावीर सिंघवी का संक्षिप्त परिचय दिया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की ।
न्यास की ओर से श्री सुभाष जी जैन, श्री सुशील जी बोथरा, श्री सुशील जी राखेचा, श्री हेमंत जी चौरडिया और श्री शांति कुमार जी जैन ने उनका स्वागत किया । तेरापंथ समाज की ओर से दिल्ली सभा के महामंत्री श्री प्रमोद जी घोड़ावत, श्री सुशील जी जैन, श्री नत्थूराम जी जैन, श्री ऋषभ जैन, श्री हरीश जी चौधरी आदि ने साहित्य भेंट कर सम्मान किया । इसके अतिरिक्त भी जैन समाज से अन्य कई विशिष्ट जन इस अवसर पर उपस्थित थे ।
इससे पूर्व उपस्थित सभी महानुभावों ने मुनि श्री विमल कुमार जी एवं मुनि श्री उदित कुमार जी आदि चारित्रत्माओं की सन्निधि में उपस्थित होकर मंगल पाठ सुना । मुनि श्री ने जैन सिद्धांतों की पालना करते हुए कर्तव्य निष्ठ रहते हुए अपने दायित्व को पालन करने का पाथेय प्रदान किया ।
अपने संबोधन में श्री महावीर सिंघवी ने सभी आगंतुकों और संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यह भावना व्यक्त की कि वे दिए गए दायित्व को राष्ट्रहित को समक्ष रखते हुए अपनी क्षमता और विवेक के अनुसार समाहित करने का प्रयास करते रहेंगे ।