14/02/2026
Thank you dr diwakar patel ( MD MEDICINE )
आपका सोशल मीडिया पर लेख के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद …
आज के समय में बीमारियाँ उम्र का लिहाज़ नहीं करतीं।
कभी कम उम्र में हार्ट अटैक, तो कभी ऐसी गंभीर बीमारियाँ जो कभी सिर्फ़ बुज़ुर्गों तक सीमित थीं—अब मासूम बच्चों की ज़िंदगी में भी दस्तक दे रही हैं।
ऐसी ही एक कहानी है 11 वर्ष के आफ़ताब की…
आफ़ताब की दुनिया धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही थी।
ब्लैकबोर्ड साफ़ नहीं दिखता था, किताबों के अक्षर तैरने लगे थे, और खेलते समय बार-बार ठोकर लगती थी।
माता-पिता के चेहरे पर चिंता थी, और आफ़ताब की आँखों में डर—
डर अँधेरे का… डर उस दुनिया के खो जाने का जिसे वह अभी ठीक से देख भी नहीं पाया था।
जाँच में पता चला—
👉 दोनों आँखों में मोतियाबिंद।
एक ऐसी बीमारी, जिसका नाम आमतौर पर बुढ़ापे से जुड़ा होता है, लेकिन यहाँ शिकार बना था एक बच्चा…बच्चों की आँखें बेहद नाज़ुक होती हैं। बाल्यावस्था में मोतियाबिंद की शल्यक्रिया सिर्फ़ एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि सूक्ष्म गणनाओं, भविष्य की दृष्टि और अत्यंत अनुभव की परीक्षा होती है।
क्योंकि—
👉 मोतियाबिंद का ऑपरेशन जीवन में केवल एक बार किया जाता है
👉 लेंस एक ही बार प्रत्यारोपित होता है
👉 और वही लेंस बच्चे की आने वाली पूरी ज़िंदगी की दृष्टि तय करता है आफ़ताब के पिता कई जगह भटकते रहे…
कहीं उम्मीद मिली, कहीं निराशा। आख़िरकार एक सज्जन व्यक्ति ने उन्हें सलाह दी—“दमोह में एन के हॉस्पिटल एवं क्लीनिक में मेरे प्रिय मित्र नेत्र रोग विशेषज्ञ
डॉ. मयंक प्यासी से मिलिए।”सघन जाँच के बाद स्पष्ट हुआ—
दोनों आँखों में परिपक्व (मैच्योर) मोतियाबिंद। जोखिम थे, चुनौतियाँ थीं, लेकिन साथ था अनुभव, धैर्य और मानवीय संवेदनशीलता। सभी संभावित जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए,अत्यंत सावधानी और विशेषज्ञता के साथ सफल शल्यक्रिया की गई।✨ और फिर… चमत्कार नहीं, चिकित्सा की जीत हुई।
आज आफ़ताब फिर से साफ़ देख सकता है।उसकी आँखों में चमक लौट आई है,चेहरे पर मुस्कान है,और आत्मविश्वास फिर से उड़ान भर रहा है। यह केवल एक ऑपरेशन नहीं था—
यह एक बच्चे के सपनों, उसकी पढ़ाई, उसके खेल और उसके भविष्य को फिर से उजाला देने का प्रयास था। बच्चे की आँखों की रोशनी के साथ साथ उसके माता पिता के जीवन में आने वाला अंधकार भी दूर हुआ | मुझे गर्व है मेरे मित्र डॉ मयंक प्यासी पर जिन्होंने बड़े शहरों में ना रहकर हमारे अपने जिले दमोह में अपनी विशेषज्ञ सेवाएं हमारे अपनों के बीच शुरू की जिसका लाभ हमारे जिले वासियो को मिल रहा जो जिन जटिल सर्जरी के लिए लोगों को बाहर जाना पड़ता था वो सुविधा हमारे अपने जिले में मिल रही है | यदि आपके आसपास कोई बच्चा या कोई भी व्यक्ति दृष्टि संबंधी समस्या से जूझ रहा है,
तो देर न करें—समय पर सही परामर्श ही अँधेरे को उजाले में बदल सकता है