16/01/2026
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से पढ़ने वाले छात्रों को आज अपराधी की तरह देखा जा रहा है, जबकि उनका अपराध सिर्फ़ इतना है कि उन्होंने पढ़ने का सपना देखा।
जब राज्य सरकार चुनाव जीतने के लिए हज़ारों–हज़ार करोड़ रुपये खर्च कर सकती है,
तो क्या बिहार के 3.89 लाख युवाओं के भविष्य के लिए
शिक्षा ऋण माफ़ करना असंभव है?
आज स्थिति यह है कि पढ़ाई पूरी हो चुकी है,नौकरी नहीं है
बेरोज़गारी चरम पर है
और ऊपर से लोन चुकाने का मानसिक दबाव
जिसने हज़ारों छात्रों को डिप्रेशन और तनाव में धकेल दिया है।
सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए—
👉 या तो स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से पढ़े छात्रों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता मिले
👉 या फिर उनका शिक्षा ऋण पूर्णतः माफ किया जाए
आधी-अधूरी राहत, ब्याज माफ़ी या केस दर्ज करना
👉 समस्या का समाधान नहीं, बल्कि युवाओं को तोड़ने का तरीका है।
आदरणीय मुख्यमंत्री जी Nitish Kumar जी 🙏
यह समय छात्रों को डराने का नहीं,
बल्कि उन्हें संभालने, सहारा देने और भविष्य देने का है।
बिहार का युवा भीख नहीं, अवसर और न्याय मांग रहा है।