28/02/2026
जनपद देहरादून में आज गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) की रोकथाम हेतु राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम का राज्य स्तरीय शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर देहरादून एवं हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया, जो महिला स्वास्थ्य, किशोरियों के कल्याण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन महात्मा गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय (जिला चिकित्सालय) में किया गया, जबकि हल्द्वानी में राज्य स्तरीय शुभारम्भ का नेतृत्व माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड द्वारा किया गया, जिससे प्रदेश-व्यापी अभियान की औपचारिक शुरुआत हुई।
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में माननीय राज्यपाल, उत्तराखण्ड लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) श्री गुरमीत सिंह, माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, माननीय सांसदगण एवं विधायकगण, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन, मेडिकल कॉलेजों तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गर्भाशय ग्रीवा कैंसर भारत में एक गंभीर जन-स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। वर्ष 2024 में देश में इसके लगभग 78,499 नए मामले सामने आए तथा 42,392 महिलाओं की मृत्यु हुई। ये आंकड़े इस बात को स्पष्ट करते हैं कि एचपीवी टीकाकरण जैसे प्रभावी निवारक उपायों की अत्यंत आवश्यकता है।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रदेश भर में 155 एचपीवी टीकाकरण केन्द्रों की पहचान की गई है, जो सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्थित हैं। इन केन्द्रों पर 14 वर्ष आयु की पात्र किशोरियों को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर एचपीवी टीका लगाया जाएगा, जिससे संक्रमण से पूर्व अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत क्वाड्रीवेलेंट एचपीवी वैक्सीन (गार्डासिल) का उपयोग किया जा रहा है, जो एचपीवी वायरस के चार उच्च-जोखिम प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करती है। यह वही वैक्सीन है जिसकी निजी क्षेत्र में प्रति डोज कीमत लगभग ₹4,000 है, किन्तु इसे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
राज्य में कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु डॉक्टरों, नर्सों एवं फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया गया है तथा टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर एक रोके जा सकने वाला रोग है तथा एचपीवी टीकाकरण एक सुरक्षित एवं प्रभावी स्वास्थ्य कार्यक्रम है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सभी वर्गों से अपील की कि वे अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें, ताकि हर पात्र किशोरी को टीका लगाया जा सके।
अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी पात्र बेटियों के एचपीवी टीकाकरण हेतु U-WIN डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कर टीकाकरण की तिथि निर्धारित करें।
पंजीकरण हेतु वेबसाइट:
https://uwin.mohfw.gov.in/home
जानकारी एवं सहायता के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी स्वास्थ्य कार्यकर्ता / एएनएम से संपर्क कर सकते हैं अथवा निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर मार्गदर्शन एवं टीकाकरण सेवाएँ प्राप्त कर सकते हैं। एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभिभावक राज्य स्वास्थ्य टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 104 पर भी कॉल कर सकते हैं।
उत्तराखण्ड सरकार सभी हितधारकों के सहयोग से सर्वाइकल कैंसर-मुक्त उत्तराखण्ड की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
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