Dr.RBS Holistic Care Clinic

Dr.RBS Holistic Care Clinic Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Dr.RBS Holistic Care Clinic, Medical and health, Balaji Enclave,Phase 2F, Dehra Dun.

Healing with compassion and expert care 🏥
Specializing in Electrohomeopathy & Homeopathy 🌿
Your health, our priority 💚
Book your consultation today!
📞 +91-7817804001
Visit us: Dehradun |
WhatsApp Consults 🏥 +91-7817804001
Available 📲

  🤔   है ना ।🤗जी हाँ ,PCOD (Polycystic Ovarian Disease) का इलाज इलेक्ट्रोहोम्योपैथी में बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के पूर्णतय...
07/02/2026

🤔
है ना ।🤗

जी हाँ ,PCOD (Polycystic Ovarian Disease) का इलाज इलेक्ट्रोहोम्योपैथी में बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के पूर्णतया संभव है। 👌
Electrohomeopathy हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्या को प्राकृतिक स्पैग्री से ठीक करती है ।
Electrohomeopathy में PCOD का इलाज रोगी के लक्षणों, उम्र और स्थिति पर निर्भर करता है।

अधिकतर मरीजों को 2-2.5 महीनों में राहत मिल जाती है, रिपोर्ट नॉर्मल हो जाती है।🌹

अधिक जानकारी और दवा के लिए संपर्क करें:-
Dr. Ravi Bhushan Sharma

7817804001

For more Information Contact:-Dr.RBS Holistic Care Clinic  078178 04001 Note:-The price of the medication may increase d...
03/02/2026

For more Information
Contact:-
Dr.RBS Holistic Care Clinic
078178 04001
Note:-
The price of the medication may increase depending on the severity of the illness.

 :-👉Key Features:-Remedies target disturbances in body fluids, lymph, and blood to normalize tissues and organs.Non-toxi...
02/02/2026

:-

👉Key Features:-

Remedies target disturbances in body fluids, lymph, and blood to normalize tissues and organs.
Non-toxic, alcohol-free preparations made through spagyric extraction, emphasizing natural healing forces.
Holistic approach considers physical, emotional, and mental aspects, often with low-level electrical stimulation in some modern interpretations.
👉 Benefits:-
No side effects or risk of overdose, suitable for all ages including children and chronic conditions.
Promotes rapid recovery by regulating lymph and blood homeostasis, preventing disease buildup.
Affordable and non-invasive, aligning with traditional herbal practices, treat root causes.

Dr.Ravi Bhushan Sharma
BEMS(EH), DHMS,Ph.D.
7817804001

27/01/2026


एक दुर्लभ होम्योपैथिक औषधि है, जिसे डबल-हेडेड साँप (Amphisbaena) से तैयार किया जाता है। इसका उपयोग खासकर नसों, दिमाग और मनोवैज्ञानिक लक्षणों में किया जाता है।

🔹 मुख्य उपयोग (Uses)

1. भ्रम और दोहरे विचार (Confusion & Double Thinking)

मरीज को एक ही समय में दो विपरीत विचार आते हैं

निर्णय लेने में बहुत परेशानी

2. मानसिक अस्थिरता (Mental Instability)

मन चंचल रहना

ध्यान केंद्रित न कर पाना

दिमाग में उलझन, बेचैनी

3. नसों से संबंधित समस्याएँ (Nervous Disorders)

नसों में कमजोरी

झनझनाहट या अजीब-सी अनुभूति

4. डिप्रेशन व मानसिक थकान

बिना कारण उदासी

मानसिक रूप से बहुत थका हुआ महसूस करना

5. शरीर में समन्वय की कमी (Lack of Coordination)

सोच और काम में तालमेल न रहना

🔹 Amphisbaena 30 किस प्रकार के मरीज में ज्यादा लाभकारी?

जो व्यक्ति बहुत ज़्यादा सोचता हो

जिनका मन हमेशा दुविधा में रहता हो

मानसिक और स्नायु कमजोरी वाले रोगी

🔹 खुराक (Dose)

डॉक्टर की सलाह अनुसार ।

⚠️ नोट:
यह दवा मानसिक लक्षणों पर काम करती है, इसलिए बिना लक्षण मिलान के खुद से न लें।
पहले होम्योपैथिक चिकित्सक से सलाह लें ।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें :-
Dr.Ravi Bhushan Sharma
7817804001

🙏🏻🌹जय हिन्द🌹🙏🏻
26/01/2026

🙏🏻🌹जय हिन्द🌹🙏🏻

  (स्किज़ोफ्रेनिया) एक गंभीर मानसिक स्थिति है, और होम्योपैथी में इसका इलाज रोगी के "Constitutional" लक्षणों (शारीरिक और ...
24/01/2026


(स्किज़ोफ्रेनिया) एक गंभीर मानसिक स्थिति है, और होम्योपैथी में इसका इलाज रोगी के "Constitutional" लक्षणों (शारीरिक और मानसिक दोनों) पर आधारित होता है। होम्योपैथी में कोई एक दवा हर मरीज के लिए फिक्स नहीं होती, बल्कि लक्षणों के आधार पर दवा चुनी जाती है।

​यहाँ कुछ प्रमुख होम्योपैथिक दवाओं और उनके लक्षणों का विवरण हिंदी में दिया गया है:

​1. Anacardium Orientale (एनाकार्डियम ओरिएंटेल)
​यह दवा उन रोगियों के लिए बहुत प्रभावी मानी जाती है जिनमें "इच्छाशक्ति का संघर्ष" (Conflict of Will) होता है।
​लक्षण: रोगी को ऐसा महसूस होता है कि उसके अंदर दो लोग हैं—एक उसे अच्छा काम करने को कहता है और दूसरा बुरा काम करने को (जैसे एक देवदूत और एक शैतान)।
​मानसिक स्थिति: रोगी को बहुत गुस्सा आता है, याददाश्त कमजोर हो जाती है और वह अक्सर गाली-गलौज (Abusive) करने लगता है।

​2. Hyoscyamus Niger (हायोसायमस नाइजर)
​यह दवा उन मामलों में दी जाती है जहाँ रोगी बहुत ज्यादा शक करता है।
​लक्षण: रोगी को लगता है कि लोग उसे ज़हर देना चाहते हैं या उसके खिलाफ साजिश कर रहे हैं।
​व्यवहार: रोगी बेतुकी हरकतें करता है, जैसे कपड़े उतार देना, लोगों के सामने नग्न होना या अश्लील बातें करना। ईर्ष्या (Jealousy) इसकी एक मुख्य भावना है।

​3. Stramonium (स्ट्रामोनियम)
​यह दवा तब दी जाती है जब रोगी में बहुत ज्यादा डर और हिंसा (Violence) हो।
​लक्षण: रोगी अंधेरे से बहुत डरता है और अकेले रहने से घबराता है।
​व्यवहार: वह हिंसक हो सकता है, मार-पीट कर सकता है, या चीजों को तोड़ सकता है। उसे डरावने मतिभ्रम (Hallucinations) दिखाई देते हैं, जैसे भूत या जानवर।

​4. Lachesis (लैकेसिस)
​यह दवा उन रोगियों के लिए है जो बहुत ज्यादा बोलते हैं (Loquacity)।
​लक्षण: रोगी एक विषय से दूसरे विषय पर लगातार बोलता रहता है और बीच में नहीं रुकता।
​मानसिक स्थिति: इनमें भी बहुत ज्यादा शक (Suspicion) होता है। उन्हें लगता है कि उनके परिवार वाले उनके दुश्मन हैं। यह अक्सर मेनोपॉज के दौरान होने वाली मानसिक समस्याओं में भी दी जाती है।

​5. Aurum Metallicum (ऑरम मेटालिकम)
​यह दवा तब सोची जाती है जब रोगी में गहरा अवसाद (Depression) हो।
​लक्षण: रोगी को लगता है कि उसने कोई बहुत बड़ा पाप किया है और वह जीने के लायक नहीं है।
​मुख्य संकेत: आत्महत्या के विचार (Suicidal thoughts) आना इसका सबसे प्रमुख लक्षण है। रोगी बहुत निराश रहता है।

​6. Platinum (प्लैटिनम)
​यह दवा उन रोगियों के लिए है जिनमें बहुत ज्यादा अहंकार (Arrogance/Pride) होता है।
​लक्षण: रोगी को लगता है कि वह दूसरों से बहुत श्रेष्ठ (Superior) है और बाकी सब लोग उससे छोटे हैं।
​मानसिक स्थिति: उसे ऐसी भ्रांतियां (Delusions) होती हैं कि वह किसी शाही परिवार से है या बहुत अमीर है।

​7. Belladonna (बेलाडोना)
​यह दवा एक्यूट (अचानक और तेज) हमलों के लिए दी जाती है।
​लक्षण: चेहरा लाल हो जाता है, आँखें फैल जाती हैं। रोगी काटता है, थूकता है या पास खड़े लोगों को मारने की कोशिश करता है। यह उन्माद (Mania) की स्थिति के लिए है।

​महत्वपूर्ण नोट (Disclaimer):
Schizophrenia एक जटिल मानसिक रोग है। ऊपर दी गई जानकारी केवल ज्ञानवर्धक उद्देश्यों के लिए है। कृपया किसी भी दवा का प्रयोग बिना किसी योग्य होम्योपैथिक डॉक्टर या मनोचिकित्सक (Psychiatrist) की सलाह के न करें। गंभीर मामलों में एलोपैथिक चिकित्सा के साथ-साथ होम्योपैथी का प्रयोग सहायक चिकित्सा (Supportive therapy) के रूप में किया जा सकता है।

👉Avoid self-medication.

For more Information Contact.
Dr.Ravi Bhushan Sharma
078178 04001

Avoid self-medication.For more Information Contact.Dr.Ravi Bhushan Sharma078178 04001
24/01/2026

Avoid self-medication.

For more Information Contact.
Dr.Ravi Bhushan Sharma
078178 04001

22/01/2026

#इमर्जेंसी_में_होम्योपैथी_का_महत्व l

आमतौर: पर लोगो की धारणा है कि होम्योपैथी इमरजेन्सी में काम नहीं करती है क्योकि इसका असर बहुत धीरेध्रीरे होता है ,और जब तक दवा असर करेगी तब तक रोगी का बहुत नुकसान हो जायेगा लेकिन ऐसा नहीं है ,यदि किसी भी इमरजेन्सी केस में सही समय में सही दवा तुंरत दी जाए तो न केवल रोगी की जान बच जायेगी बल्कि उसे कोई गंभीर नुकसान भी नहीं होगा .एक प्रचलित धारणा यह भी है कि होम्योपैथी दवा सिर्फ बच्चो कि मामूली चोट के लिए ही उपयोगी है किन्तु यहाँ तथ्य पूरी तरह से सही नहीं है .

होम्योपैथिक दवा न केवल साधारण चोट में उपयोगी है बल्कि यह हार्ट अटेक ,कोमा आदि गंभीर इमरजेन्सी में भी अति उपयोगी है .

A) सामान्य चोट– बच्चो को खेलते वक्त चोट लगना ,और काम करते समय मामूली चोट या कट लगना अथवा वाहन से मामूली दुर्घटना होना .ये सभी सामान्य चोट के अर्न्तगत आते है .ऐसे समय में कुछ उपयोगी होम्योपैथिक दवाए न केवल कटे हुए घाव भरने , रक्तस्त्राव रोकने में उपयोगी है बल्कि ये दर्द को भी कम कर देती है जैसे – Calendula, Arnica, Hypericum आदि.

B) रक्तस्राव– यद्यपि रक्तस्राव किसी भी प्रकार की बाह्य या आन्तरिक चोट का परिणाम होता है लकिन रक्तस्राव को कई प्रकारून मैं विभक्त किया जा सकता है – सामान्य चोट लगने पर होनेवाला रक्तस्राव, नाक से रक्तस्राव (नकसीर), महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान होनेवाला अतिस्राव आदि. कभी-२ किडनी मे पथरी की समस्या होनेपर भी मूत्र के साथ रक्तस्राव संभव है. होम्योपैथी मैं रक्तस्राव फ़ौरन रोकने के लिए भी पर्याप्त दावा उपलब्ध हैं जैसे – Calendula, Millofolium , Hammamalis , Crot-Hor आदि. .

C) सामान्य या अचानक उत्पन्न होने वाले दर्द – शरीर के किसी भी भाग मे होनेवाला दर्द स्वयं मे कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह अन्य बीमारियों का अलार्म है. दर्द अनेक तरह के हो सकते हैं – शरीर के किसी भी भाग मे बिना किसी कारण के achanak होनेवाला दर्द, चोट लगने का दर्द, बीमारी का दर्द, मासिक धर्म मे दर्द आदि. कुछ ख़ास होम्योपैथिक दवाए न kewal दर्द को स्थायी रूप से ख़त्म करती हैं बल्कि कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता किन्तु दवाए लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेलेना उचित है. उपलब्ध दवाई हैं – Rhus Tox, Mag. Phos, Arnica आदि.

D) संक्रमण– किसी भी प्रकार के संक्रमण को नियंत्रित करने मैं होम्योपैथिक दवाए सक्षम हैं.मौसमी संक्रमण, फोडे, मुहांसे, खुजली, एक्सिमा,एलर्जी आदि के लिए Gunpowder, Silicea आदि होम्योपैथिक दवाए कारगर हैं.

E) मोच– सामान्य कार्य के दौरान,भारी वजन उठाने से, गलत तरीके से कसरत करने से आदि अनेक कारन हैं जो मोच के लिए उत्तरदायी हो सकते हैं.प्रायः मोच शरीर के लचीले भागों जैसे कलाई, कमर, पैर,आदि को प्रभावित करती है. लोगों का सोचना है के मालिश ही इसका सर्वोत्तम उपचार है लेकिन मोच के लिए भी होम्योपैथिक दवाए उपलब्ध हैं जो ना केवल मोच के दर्द से राहत देती हैं बल्कि सुजन को दूर करने मे भी सहायक हैं यथा –Ruta, Rhus Tox आदि.

• गंभीर इमरजेन्सी –

आमजन के मस्तिष्क मैं यह बात बहुत गहराई तक बैठी हुई है कि गंभीर इमरजेन्सी से होम्योपैथिक दवा का कोई नाता नहीं है क्योंकि गंभीर इमरजेन्सी मैं यह नाकाम है लेकिन यह तथ्य पूर्णतः सही नहीं है. कुछ विशिष्ट होम्योपैथिक दवाए गंभीर इमरजेन्सी को फ़ौरन नियंत्रित करने मैं सक्षम हैं. यहाँ मैंने ऐसे हे कुछ गंभीर इमरजेन्सी और उनकी दवाओं का विवरण दिया है –

F) जलना– जलना एक दर्दनाक प्रक्रिया है जो कई कारणों से हो सकती है – महिलाओं का किचेन मैं कार्य करते वक़्त जल जाना, आग या भाप से जलना, सनबर्न आदि. जलने पर उपरोक्त होम्योपैथिकदवाएं प्रयोग मैं लाये जा सकती हैं – Cantharis, Urtica- Uren, Kali mur आदि.

G) हड्डी टूटना – हड्डी टूटना एक आम इमर्जेंसी है जो प्रायः वृद्ध लोगो मे, बच्चों मैं अथवा दुर्घटना आदि के कारण हो सकती है. लोगो के एक आम सोच है के भला होम्योपैथिक दवाए कैसे इसे ठीक कर सकती हैं?

लेकिन होम्योपथी के खजाने मैं कुछ ऐसे दवाएं भी हैं जो दर्द को दूर करके टूटी हड्डी को पुनः जोड़ने मैं सक्रिय भूमिका निभाती हैं – Sympht, Ruta, Cal. Phos आदि इसी के उदहारण हैं.

H) लू लगना– गर्मी के मौसम मैं बरती गयी लापरवाही या कुछ मामूली गलतियाँ लू लगने के लिए जिम्मेदार होती हैं जैसे – धूप मैं घूमना, धूप से आते ही ठंडा पानी पीना, तेज़ गर्मी से आते ही कूलर या एसी मैं बैठना इन सब कारणों से शरीर तथा बाहरी वातावरण के बीच संयोजन गडबडा जाता है और व्यक्ति लू का शिकार हो जाता है. प्रायः लोग नहीं समझ पाते कि उनको लू का आघात लगा है. इसके मुख्य लक्षण- तेज़ बुखार, वामन, तेज़ सिरदर्द आदि हैं. लक्षण गंभीर होनेपर रोगी की मृत्यु भी संभव है. लू से बचाव के लिए होम्योपैथिक दवाए उपयोगी हैं. लू लगने पैर इनके फ़ौरन दी गई १ या २ खुराक रोगी की जान बचाने के लिए पर्याप्त हैं. जैसे – Nat-Mur, Glonine आदि.

I) टिटनेस – लोहे की ज़ंग लगी वास्तु से चोट लगाने पर या वाहन से दुर्घटना होने पर टिटनेस का खतरा पैदा हो जाता है जो जानलेवा भी साबित हो सकता है. होम्योपैथी मैं टिटनेस के लिए दोनों हे विकल्प मौजूद हैं –

1) चोट लगने पर फ़ौरन ली जानेवाली दवाई ताकि भविष्य मैं टिटनेस की सम्भावना न रहे.

2) टिटनेस हो जानेपर उसे आगे बढ़ने से रोकने तथा उसके उपचार हेतु ली जानेवाली दवाई.

जैसे – Hypericum, Led Pal आदि.

J) सदमा– यह एक अत्यधिक गंभीर इमर्जेंसी है जो व्यक्ति पर अस्थायी अथवा दूरगामी दोनों प्रकार के प्रभाव छोड़ सकती है. अचानक कोई ख़ुशी या गम का समाचार, प्रियजनों के मृत्यु, किसी भयानक दुर्घटना या खून आदि के घटना को साक्षात देखना आदि सदमे के मुख्य कारण हो सकते हैं. इसमें व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाता है, उसकी आँखें चढ़ जाती हैं, दांत बांध जाते हैं तथा कभी कभी आवाज़ या याददाश्त भी चली जाती है. ऐसी अवस्था मैं प्रति ५-५ मिनट के अन्तराल पर कुछ विशिष्ट होम्योपैथिक दवाओं के खुराक दे कर व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है जैसे – Ars Alb, Carbo Veg, Nat. Mur आदि.

K) हार्टअटेक– यह बड़ा प्रचलित तथ्य है कि हार्ट अटेक जैसी अति गंभीर इमर्जेंसी और होम्योपैथिक दवाओं के बीच कोई सम्बन्ध नहीं है क्यूंकि ऐसी हालत मैं हॉस्पिटल हे अंतिम विकल्प है जबकि अनेक बार ऐसा भी होता है कि रोगी हॉस्पिटल पहुँचने से पहले रास्ते मैं हे दम तोड़ देता है क्योंकि हार्ट अटेक के रोगी को फ़ौरन देखभाल तथा उपचार की ज़रूरत होती है.

होम्योपैथिक दवाओं मैं केवल हार्ट अटैक से बचाव करने के ही शक्ति नहीं है बल्कि यह रक्त संचार को नियमित बनाकर भविष्य मे हार्ट अटैक से बचाव प्रदान करती है, हार्ट के नालियों मे खून का थक्का बननेपर उसको घोल के समाप्त कर देती है तथा हार्ट की पेशियों को ताकत प्रदान करती है. सर्वोत्तम बात यह है कि इन दवाओं को जीवनभर प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं होती किन्तु इनका प्रभाव स्थाई होता है. जैसे – Glonine, Ammonium Carb आदि.

L) बच्चेकापेटमेंउल्टाहोना / प्रसवमेंसमस्या– यह एक बहुत ही गंभीर स्थिती है जिससे अधिकांश महिलाएं प्रसव के दौरान गुजरती हैं. अपने विकास काल के दौरान कभी-२ शिशु गर्भाशय मैं आड़ा या उल्टा हो जाता है. यह स्थिति माता और शिशु दोनों के ही जीवन के लिए खतरनाक हो सकती है यहाँ तक कि कई बार ऑपरेशन हे अंतिम विकल्प रह जाता है. इसी प्रकार से कई बार प्रसव के दौरान महिला को प्रसव पीडा अचानक बंद हो जाती है जो शिशु जन्म मैं तकलीफ का कारण बन जाती है.

होम्योपैथी मैं कुछ ऐसे विशिष्ट दवाएं हैं जो इस प्रकार के आपात अवस्था मे देने पर फ़ौरन अपना प्रभाव उत्पन्न करती हैं, ये रुकी हुई प्रसव पीडा को पुनः प्रारंभ करती हैं, शिशु जन्म को सरल बनती हैं तथा गर्भ मे शिशु की स्थिति को भी पुनः सही कर देती हैं लेकिन ये दवाएं किसी कुशल होम्योपैथिक सलाहकार की देख रेख मैं हे लेना उपयोगी होता है. कहा जा सकता है कि यह दवाएं ऑपरेशन से बचाव प्रदान करती हैं. जैसे – Sepia, Pulsatila, Caulophyllum.

👉Avoid self-medication.

For more Information Contact.
Dr.Ravi Bhushan Sharma
078178 04001
Dr.RBS Holistic Care Clinic

Discover holistic recovery and self-improvement with tailored treatment plans from experienced homeopaths or electrohome...
22/01/2026

Discover holistic recovery and self-improvement with tailored treatment plans from experienced homeopaths or electrohomeopaths.

" ानेंगे_CarboVeg_के_बारे_में " “Carbo Veg 30 — होमियोपैथी में इसे प्यार से कहा जाता है- मरे हुए शरीर को भी फिर से जगा द...
19/01/2026

" ानेंगे_CarboVeg_के_बारे_में "

“Carbo Veg 30 — होमियोपैथी में इसे प्यार से कहा जाता है- मरे हुए शरीर को भी फिर से जगा देने वाली चमत्कारी होम्योपैथिक औषधि!” (“The Co**se Reviver”)

अगर शरीर थक कर चूर हो गया हो, चेहरा पीला पड़ गया हो,
साँस चल रही हो पर जान जैसे निकलती जा रही हो —
तो Carbo Vegetabilis 30 ही वह औषधि है जो फिर से जीवन की लौ जला देती है ।🔥

क्या है Carbo Veg 30 ❓

यह दवा लकड़ी के कोयले (vegetable charcoal) से बनाई जाती है।

होम्योपैथी में कोयले की राख को जीवनदायिनी माना गया है ।
क्योंकि यह शरीर में टॉक्सिन्स को सोखकर नई ऊर्जा पैदा करती है।

यह उन लोगों के लिए वरदान है जो बेहद कमजोर, थके हुए और जीवनशक्ति-हीन महसूस करते हैं।

Carbo Veg 30 के प्रमुख लाभ और उपयोग

🫁 1. साँस फूलना और ऑक्सीजन की कमी में सहायक

अगर व्यक्ति का चेहरा नीला पड़ जाए, साँस भारी लगे, या बेहोशी जैसी स्थिति हो —
तो Carbo Veg 30 तुरंत राहत देती है।

यह शरीर को ऑक्सीजन अवशोषित करने में मदद करती है और फेफड़ों को ताकत देती है।

💨 2. पेट गैस, अपच और भारीपन में सर्वश्रेष्ठ

जिन्हें खाने के बाद गैस, डकारें, पेट में फूलना या जलन महसूस होती है —
उनके लिए यह औषधि वरदान है।

यह पाचन तंत्र को शक्ति देती है और पेट की “आग” को संतुलित करती है।

💀 3. बेहद कमजोरी, थकावट या बेहोशी में उपयोगी

अगर व्यक्ति का शरीर ठंडा हो, चेहरा पीला, और बोलने की ताकत न बचे —
Carbo Veg 30 जीवन की ऊर्जा वापस लाती है।

यह शरीर के पुनर्जीवक (revitalizer) के रूप में कार्य करती है।

🧠 4. रक्त संचार और मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी में लाभकारी

रक्त का प्रवाह धीमा हो, सिर चकराए या नींद के बाद भी थकान महसूस हो —
Carbo Veg 30 दिमाग और शरीर को नई चेतना देती है।

🤒 5. बुखार, संक्रमण या गंभीर रोगों के बाद कमजोरी

लंबे बुखार या बीमारी के बाद जब रोगी कमजोर और निढाल हो जाए —
यह औषधि शरीर की खोई ऊर्जा वापस लाती है।

👉 इसे “Post-Illness Recovery Medicine” भी कहा जाता है।

💧 सेवन विधि:- संपर्क करें 📞78178-04001

⚠️ सावधानी
Avoid Self medications.

👉“जहाँ साँस रुक जाए, वहीं Carbo Veg 30 जीवन की ज्योति जला दे।”
“यह औषधि है — Life Restorer, Gas Reliever और Energy Giver तीनों एक साथ!”


अधिक जानकारी के लिए,औषधि के लिए संपर्क करें ।📞

डॉ रवि भूषण शर्मा
7817804001

17/01/2026

#टेस्टोस्टेरोन की कमी के कारण थकान, यौन इच्छा में कमी, मांसपेशियों का कम होना, पुरुष का मूड स्विंग्स होना,
हड्डियां कमजोर होना और बाल झड़ना आदि लक्षण हैं ।

#टेस्टोस्टेरोन की कमी पुरुषों में कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बनती है, जिसके प्रमुख कारक उम्र बढ़ना, मोटापा,पुरानी बीमारियां इत्यादि ।

कहीं आप भी तो इस कमी से नहीं जूझ रहे हैं ?
यदि हां ,तो आज ही निःसंकोच संपर्क करें ।
पूर्णतया सुरक्षित एवं हानिरहित उपचार ।

डॉ रवि भूषण शर्मा
Dr.RBS Holistic Care Clinic
7817804001

 ी_इस_भागदौड़_वाली_ज़िंदगी_में_सिर्फ_होमियोपैथी /  #इलेक्ट्रो- #होमियोपैथी_ही_ज़रूरी_क्यों ?इलेक्ट्रो होमियोपैथी और होमियोप...
17/01/2026

ी_इस_भागदौड़_वाली_ज़िंदगी_में_सिर्फ_होमियोपैथी / #इलेक्ट्रो- #होमियोपैथी_ही_ज़रूरी_क्यों ?

इलेक्ट्रो होमियोपैथी और होमियोपैथी दोनों वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियां हैं, लेकिन इनकी उत्पत्ति, सिद्धांत और औषधि निर्माण में मुख्य अंतर है।
होमियोपैथी #सैमुएल_हैनिमैन द्वारा विकसित है, जबकि इलेक्ट्रो होमियोपैथी 19वीं शताब्दी में #काउंट_सीज़र_मैटेई द्वारा बनाई गई ।
#औषधि_निर्माण:-
होमियोपैथी दवाएं पौधों, खनिजों या पशु उत्पादों से बनती हैं, जो बार-बार तनुकरण और शेकिंग द्वारा शक्तिशाली बनाई जाती हैं।
इलेक्ट्रो होमियोपैथी केवल वनस्पतियों (लगभग 115 पौधों) से स्पैगरिक विधि द्वारा बनाई जाती हैं, जो रक्त और लिम्फ को शुद्ध करने पर केंद्रित हैं।
#उपचार_दृष्टिकोण:-
होमियोपैथी व्यक्ति के समग्र लक्षणों और मानसिक स्थिति पर जोर देती है, जबकि इलेक्ट्रो होमियोपैथी रोगी के रक्त की स्थिति और ऊर्जा संतुलन पर फोकस करती है, जो क्रॉनिक रोगों में तेजी से असरदार मानी जाती है।

आज के तनावपूर्ण और प्रदूषित जीवन में होमियोपैथी और इलेक्ट्रो होमियोपैथी प्राकृतिक, सुरक्षित विकल्प के रूप में महत्वपूर्ण हैं, जो शरीर की स्वाभाविक चिकित्सा क्षमता को मजबूत बनाती हैं।
ये जीवनशैली रोगों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और तनाव से निपटने में सहायक हैं।
#जीवनशैली_रोगों_पर_नियंत्रण :-
जीवनशैली विकार जैसे मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोग आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी से बढ़ रहे हैं, जहां होमियोपैथी शरीर के आंतरिक संतुलन को बहाल कर इम्यूनिटी बढ़ाती है।
इलेक्ट्रो होमियोपैथी रक्त और लिम्फ प्रवाह को संतुलित कर क्रॉनिक स्थितियों जैसे गठिया और तंत्रिका समस्याओं का उपचार करती है।
#सुरक्षा_और_कोई_साइड_इफेक्ट्स :-
ये दोनों पद्धतियां गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित हैं, क्योंकि इनमें कोई दुष्प्रभाव या लत नहीं लगती।
प्लांट-बेस्ड दवाएं होने से ये एलोपैथी दवाओं के साथ पूरक रूप से काम कर सकती हैं।
#समग्र_स्वास्थ्य_लाभ :-
होमियोपैथी शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य सुधारती है, थकान कम करती है और जीवन गुणवत्ता बढ़ाती है।
इलेक्ट्रो होमियोपैथी विद्युत ऊर्जा पर आधारित होकर मेटाबॉलिज्म को ठीक करती है, जो आधुनिक तकनीकी प्रभावों से प्रभावित स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त है ।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:-
डॉ रवि भूषण शर्मा
Dr.RBS Holistic Care Clinic
7817804001

Address

Balaji Enclave,Phase 2F
Dehra Dun
248007

Opening Hours

Monday 9am - 8pm
Tuesday 9am - 8pm
Wednesday 9am - 8pm
Thursday 9am - 8pm
Friday 9am - 8pm
Saturday 9am - 8pm
Sunday 1pm - 6pm

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Dr.RBS Holistic Care Clinic posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram