Dr. Deepak Singh

Dr. Deepak Singh ◆ MD & Founder of Shivshakti Aarogya Foundation


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(4)

Congratulations 🎉 Sanju samson
01/03/2026

Congratulations 🎉 Sanju samson

Sciatica Kit Order Now : 082954 64849
01/03/2026

Sciatica Kit
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Leucoplakia  वह स्थिति है जिसमें मुंह के अंदर (गालों, जीभ या मसूड़ों पर) सफेद रंग के मोटे धब्बे बन जाते हैं, जो आसानी से...
01/03/2026

Leucoplakia वह स्थिति है जिसमें मुंह के अंदर (गालों, जीभ या मसूड़ों पर) सफेद रंग के मोटे धब्बे बन जाते हैं, जो आसानी से रगड़ने पर भी नहीं हटते।

होम्योपैथी में "Leucoplakia 30" नाम की कोई एकल दवा नहीं है, बल्कि लक्षणों के आधार पर कई प्रभावी दवाओं की 30CH पोटेंसी का उपयोग किया जाता है।

ल्यूकोप्लाकिया के लिए प्रमुख औषधियाँ (30CH)

1. Merc Sol 30 (मर्क सोल)
यह ल्यूकोप्लाकिया के लिए सबसे प्रमुख दवाओं में से एक है।
* लक्षण: मुंह में अत्यधिक लार बनना, सांसों में तेज दुर्गंध, और जीभ के किनारों पर दांतों के निशान।
* उपयोग: जब सफेद धब्बे संवेदनशील हों और उनमें जलन महसूस हो।

2. Hydrastis Canadensis 30 (हाइड्रास्टिस)
इसे "होम्योपैथिक स्कैल्पल" कहा जाता है, जो अस्तर (mucous membrane) के विकारों के लिए श्रेष्ठ है।
* लक्षण: जीभ पर एक मोटी पीली परत होना और धब्बे कठोर महसूस होना।
* उपयोग: यह उन लोगों के लिए अच्छी है जो तंबाकू का सेवन अधिक करते हैं।

3. Nitric Acid 30 (नाइट्रिक एसिड)
* लक्षण: जब सफेद धब्बों के किनारों पर तेज चुभन वाला दर्द (जैसे कांटा चुभ रहा हो) महसूस हो।
* उपयोग: यदि धब्बों से खून आने की प्रवृत्ति हो या वे अल्सर में बदल रहे हों।

4. Thuja Occidentalis 30 (थूजा)
* लक्षण: यह किसी भी प्रकार की असामान्य वृद्धि या अति-वृद्धि (Overgrowth) को रोकने की मुख्य दवा है।
* उपयोग: सफेद धब्बों को कम करने और उन्हें फैलने से रोकने के लिए।

सावधानियां और जीवनशैली (Important Steps)
ल्यूकोप्लाकिया को अक्सर "Pre-cancerous" स्थिति माना जाता है, इसलिए उपचार के साथ-साथ इन बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है:
* तंबाकू का त्याग: धूम्रपान, गुटखा, खैनी या पान मसाला का सेवन तुरंत और पूरी तरह बंद कर दें।

* शराब से परहेज: अल्कोहल मुंह की झिल्ली में जलन पैदा कर स्थिति को बिगाड़ सकता है।
* नुकीले दांत: यदि कोई टूटा हुआ या नुकीला दांत लगातार गाल या जीभ को रगड़ रहा है, तो उसे डेंटिस्ट से ठीक करवाएं।

* बायोप्सी: यदि धब्बे तेजी से बढ़ रहे हैं या उनमें घाव बन रहा है, तो विशेषज्ञ की सलाह पर बायोप्सी जरूर करवाएं।

खुराक (General Dosage)
* पोटेंसी: 30CH।
* मात्रा: 2 बूंदें दिन में तीन बार (सुबह, दोपहर, शाम)।
* अवधि: इसे लंबे समय तक (3-6 महीने) नियमित लेने की आवश्यकता होती है।

01/03/2026

Best Homeopathic medicine for liver enlargement

जी मिचलाने (Nausea) और उल्टी की सबसे असरदार दवा । इसका सबसे बड़ा संकेत यह है कि रोगी को लगातार मतली महसूस होती है, लेकिन...
01/03/2026

जी मिचलाने (Nausea) और उल्टी की सबसे असरदार दवा । इसका सबसे बड़ा संकेत यह है कि रोगी को लगातार मतली महसूस होती है, लेकिन उल्टी करने के बाद भी उसे राहत नहीं मिलती।

यहाँ इसके मुख्य फायदों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:

Ipecacuanha 30 के मुख्य उपयोग
* लगातार मतली (Persistent Nausea): पेट खराब होने, सफर के दौरान (Motion Sickness), या गर्भावस्था (Morning Sickness) में होने वाली मतली के लिए।

* साफ जीभ (Clean Tongue): गंभीर बीमारी और उल्टी की इच्छा के बावजूद रोगी की जीभ एकदम साफ और गुलाबी रहती है।
* श्वसन संबंधी समस्याएं: छाती में कफ की घरघराहट (Rattling) होना, लेकिन कफ बाहर न निकल पाना। बच्चों में ऐसी खांसी जिससे दम घुटने लगे।

* रक्तस्राव (Bleeding): शरीर के किसी भी मार्ग से चमकीले लाल (Bright Red) खून का बहना।
* मुंह में लार: मतली के साथ मुंह में बहुत अधिक थूक या लार का बनना।

खुराक (Dosage)
* मात्रा: 2 बूंदें सीधे जीभ पर या एक चम्मच पानी में मिलाकर।
* समय: दिन में 3 से 4 बार।
* आपातकालीन स्थिति: यदि मतली बहुत ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह पर इसे हर आधे घंटे में दोहराया जा सकता है जब तक आराम न मिले।

सावधानी
* दवा लेने से 15-20 मिनट पहले और बाद में कुछ भी न खाएं-पिएं।
* तेज गंध वाली चीजों (जैसे कच्चा प्याज, लहसुन, कॉफी) से परहेज करें क्योंकि ये होम्योपैथिक दवा के असर को कम कर सकती हैं।


कब्ज (Constipation) , खुजली (Itching), हृदय रोग (Heart Disease) , बाल झड़ना और गंजापन की अच्छी दवा
01/03/2026

कब्ज (Constipation) , खुजली (Itching), हृदय रोग (Heart Disease) , बाल झड़ना और गंजापन की अच्छी दवा

Carduus Marianus Q और Kalmegh Q (Andrographis Paniculata) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। ये दोनों औषधियाँ होम्योप...
01/03/2026

Carduus Marianus Q और Kalmegh Q (Andrographis Paniculata) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। ये दोनों औषधियाँ होम्योपैथी के "लिवर स्पेशलिस्ट" के रूप में जानी जाती हैं और अक्सर लिवर को डिटॉक्स करने के लिए साथ में दी जाती हैं।

1. Carduus Marianus Q (कार्डुस मैरिएनस)
इसे 'St. Mary’s Thistle' कहा जाता है। यह लिवर की कोशिकाओं (Hepatocytes) को पुनर्जीवित करने के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
मुख्य उपयोग और लक्षण:
* लिवर डिटॉक्स: यह शराब (Alcohol) या दवाओं के दुष्प्रभाव से खराब हुए लिवर को ठीक करने में सबसे आगे है।

* फैटी लिवर और सिरोसिस: जब लिवर का आकार बढ़ जाए (Hepatomegaly) और उसमें वसा जम जाए।
* पित्त की पथरी (Gallstones): पित्त के प्रवाह को सुचारू करती है और पथरी के दर्द को कम करती है।
* वैरिकोज वेन्स (Varicose Veins): जब लिवर की खराबी के कारण पैरों की नसें फूल जाएं या बवासीर (Piles) की समस्या हो।
* विशिष्ट लक्षण: दाईं ओर पसलियों के नीचे दर्द होना जो झुकने पर बढ़ जाता है।

2. Kalmegh Q (कालमेघ)
इसे 'Indian Echinacea' भी कहा जाता है। यह आयुर्वेद और होम्योपैथी दोनों में संक्रमण से लड़ने और लिवर को शक्ति देने के लिए उपयोग की जाती है।

मुख्य उपयोग और लक्षण:
* पाचन और भूख: यह उन बच्चों और वयस्कों के लिए रामबाण है जिन्हें बिल्कुल भूख नहीं लगती और जिनका पेट हमेशा खराब रहता है।
* पीलिया (Jaundice): खून में बिलीरुबिन (Bilirubin) के स्तर को कम करने में बहुत सहायक है।

* बुखार: मलेरिया या वायरल बुखार के बाद होने वाली लिवर की कमजोरी को दूर करती है।
* पेट के कीड़े: बच्चों के पेट के कीड़ों के कारण होने वाली अपच में भी प्रभावी है।
* विशिष्ट लक्षण: मुंह का स्वाद बहुत कड़वा होना और कब्ज व दस्त का बारी-बारी से होना।


खुराक (Dose & Instructions)
लिवर टॉनिक के रूप में इन दोनों को मिलाकर या अलग-अलग लिया जा सकता है:
* मात्रा: 10-10 बूंदें दोनों में से (यानी कुल 20 बूंदें)।
* तरीका: आधा कप गुनगुने पानी में मिलाकर दिन में तीन बार।
* समय: भोजन से 20 मिनट पहले लेना सबसे अच्छा है।


Aegle Folia Q  इसे भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी में 'बिल्व' या 'बेल' (Bael) के नाम से जाना जाता है। यह औषधि विशेष रूप स...
01/03/2026

Aegle Folia Q इसे भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी में 'बिल्व' या 'बेल' (Bael) के नाम से जाना जाता है। यह औषधि विशेष रूप से पाचन तंत्र के विकारों और पुराने पेचिश के लिए एक रामबाण उपचार है।

Aegle Folia Q (बेल के पत्तों का मदर टिंचर)
यह किससे बनी है? (Made Of)

यह औषधि बेल के पेड़ की ताजी पत्तियों (Fresh Leaves) से तैयार की जाती है। बेल के फल (Aegle Marmelos) की तरह इसकी पत्तियाँ भी औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं, जो शरीर की गर्मी को शांत करने और संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं।

मुख्य उपयोग और फायदे (Key Uses)
* पेचिश और दस्त (Dysentery & Diarrhea):
* यह पुराने पेचिश (Chronic Dysentery) के लिए सबसे प्रभावी दवाओं में से एक है।
* जब मल के साथ आंव (Mucus) आता हो और पेट में मरोड़ महसूस होती हो।
* दस्त के बाद होने वाली कमजोरी को दूर करने में सहायक।

* पाचन शक्ति (Digestive Tonic):
* यह आंतों की कार्यक्षमता को बढ़ाती है और कब्ज (Constipation) व दस्त के बीच झूलती स्थिति को ठीक करती है।
* पेट फूलना और भोजन के प्रति अरुचि को कम करती है

* मधुमेह (Diabetes):
* होम्योपैथी में इसका उपयोग रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को नियंत्रित करने के लिए एक सहायक औषधि के रूप में किया जाता है।
* बुखार और इन्फ्लेमेशन:
* शरीर की अंदरूनी गर्मी को कम करने और इन्फ्लुएंजा जैसे बुखार में राहत देने के लिए उपयोगी।

शारीरिक लक्षण (Key Symptoms)
* मरोड़ (Tenesmus): मल त्याग के समय या उससे पहले पेट में तेज ऐंठन होना।
* जीभ: जीभ पर सफेद परत जमी होना और मुंह का स्वाद खराब रहना।

* प्यास: रोगी को बार-बार थोड़ा-थोड़ा पानी पीने की इच्छा होना।

मानसिक लक्षण (Mental Symptoms)
* चिड़चिड़ापन: पेट की लगातार गड़बड़ी और कमजोरी के कारण रोगी का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाना।
* सुस्ती: काम करने में मन न लगना और शारीरिक भारीपन महसूस होना।

खुराक (Dose)
* मात्रा: 10 से 15 बूंदें।
* तरीका: आधा कप सामान्य या गुनगुने पानी में मिलाकर दिन में तीन बार।
* विशेष: इसे खाली पेट लेना अधिक प्रभावी माना जाता है।


Rauwolfia Serpentina Q इसे भारतीय आयुर्वेद और होम्योपैथी में 'सर्पगंधा' के नाम से जाना जाता है और यह उच्च रक्तचाप (High ...
01/03/2026

Rauwolfia Serpentina Q इसे भारतीय आयुर्वेद और होम्योपैथी में 'सर्पगंधा' के नाम से जाना जाता है और यह उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) के लिए सबसे भरोसेमंद प्राकृतिक औषधियों में से एक है।

Rauwolfia Serpentina Q (सर्पगंधा मदर टिंचर)
यह किससे बनी है? (Made Of)
यह औषधि सर्पगंधा के पौधे की ताजी जड़ (Root) से तैयार की जाती है। इसमें 'रैसेरपाइन' (Reserpine) नामक तत्व होता है, जो नसों को शांत करने और रक्त वाहिकाओं को फैलाने में मदद करता है।

मुख्य उपयोग और फायदे (Key Uses)
* उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure):
* यह बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए होम्योपैथी की 'नंबर 1' दवा मानी जाती है।
* यह बिना किसी दुष्प्रभाव के सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों प्रेशर को कम करने में मदद करती है।

* अनिद्रा (Insomnia/Sleeplessness):
* उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें मानसिक तनाव, घबराहट या हाई बीपी के कारण नींद नहीं आती।

* यह मस्तिष्क को शांत कर गहरी और प्राकृतिक नींद लाने में सहायक है।

* मानसिक रोग (Mental Disorders):
* अत्यधिक उत्तेजना, हिस्टीरिया, और मानसिक अशांति को कम करने में प्रभावी।

* पुराने समय में इसे "पागलपन की दवा" भी कहा जाता था क्योंकि यह हिंसक मानसिक व्यवहार को शांत करती है।

* हृदय स्वास्थ्य:
* यह दिल की धड़कन (Palpitations) को सामान्य करती है और हृदय की नसों के तनाव को कम करती है।

शारीरिक लक्षण (Key Symptoms)
* गर्मी: सिर और चेहरे में खून का संचार बढ़ने के कारण गर्मी महसूस होना।

* सिर चकराना: बीपी बढ़ने पर चक्कर आना और सिर के पिछले हिस्से में भारीपन।
* नाक बंद होना: इसका एक विशिष्ट लक्षण है कि बीपी के साथ रोगी को नाक बंद होने (Nasal congestion) जैसा महसूस हो सकता है।

मानसिक लक्षण (Mental Symptoms)
* बेचैनी: मन में लगातार डर और घबराहट की स्थिति।
* अवसाद: लंबे समय से तनाव में रहने वाले रोगियों के लिए उपयोगी।

खुराक (Dose)
* मात्रा: 10 से 20 बूंदें।
* तरीका: आधा कप सामान्य पानी में मिलाकर दिन में दो से तीन बार।
* सावधानी: इसे नियमित रूप से लेने के दौरान अपने ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहें। यदि बीपी बहुत कम रहने लगे, तो खुराक कम कर दें।

Fucus vesiculus q मोटापा, घेंघा रोग एवं थायरॉयड की वजह से वजन बढ़ने में काफी प्रभावी हैDose: 10 drops 3 times in a day w...
01/03/2026

Fucus vesiculus q मोटापा, घेंघा रोग एवं थायरॉयड की वजह से वजन बढ़ने में काफी प्रभावी है
Dose: 10 drops 3 times in a day with half cup water

Ferrum Metallicum 6X इसे होम्योपैथी में "Iron Tonic" के रूप में जाना जाता है, जो मुख्य रूप से रक्त की कमी और शरीर की कमज...
01/03/2026

Ferrum Metallicum 6X इसे होम्योपैथी में "Iron Tonic" के रूप में जाना जाता है, जो मुख्य रूप से रक्त की कमी और शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है।

Ferrum Metallicum 6X (फेरम मेट मेटालिकम)
यह क्या है? (What is it?)
यह शुद्ध लोहे (Iron) से तैयार की गई एक बायोकेमिक दवा है। 6X पोटेंसी में यह शरीर द्वारा बहुत आसानी से अवशोषित (absorb) कर ली जाती है, जिससे यह हीमोग्लोबिन के स्तर को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने में मदद करती है।

मुख्य उपयोग और फायदे (Key Uses)

* एनीमिया (Anemia - रक्त की कमी):
* शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की कमी को पूरा करना।
* उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनका चेहरा पीला दिखता है, लेकिन हल्का सा उत्तेजित होने या व्यायाम करने पर तुरंत लाल (Flushed) हो जाता है।

* शारीरिक कमजोरी और थकान:
* थोड़ा सा चलने या काम करने पर सांस फूलना और दिल की धड़कन (Palpitations) बढ़ जाना।

* बार-बार चक्कर आना और लेटने की इच्छा होना।

* सिरदर्द (Throbbing Headache):
* सिर में हथौड़े चलने जैसा दर्द, जो अक्सर खून की कमी के कारण होता है।

* यह दर्द धीरे-धीरे चलने (Gentle motion) से बेहतर महसूस होता है।

* पाचन संबंधी समस्याएं:
* खाना खाने के तुरंत बाद बिना पचे हुए भोजन की उल्टी (Lienteric diarrhea) होना।
* भोजन के प्रति अरुचि, विशेषकर मांस (Meat) के प्रति।

* महिलाओं का स्वास्थ्य:
* मासिक धर्म (Periods) के दौरान अत्यधिक कमजोरी और खून का बहुत पतला व पानी जैसा होना।

शारीरिक लक्षण (Key Symptoms)
* छद्म स्वास्थ्य (Pseudo-plethora): रोगी देखने में स्वस्थ या लाल चेहरे वाला लग सकता है, लेकिन वास्तव में वह बहुत कमजोर और एनीमिक होता है।

* आराम और हरकत: रोगी को चुपचाप बैठने या लेटने से तकलीफ होती है, लेकिन धीरे-धीरे टहलने (Gentle slow motion) से बहुत आराम मिलता है।

* संवेदनशीलता: शोर और तेज आवाज के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता।

मानसिक लक्षण (Mental Symptoms)
* चिड़चिड़ापन: छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना और विवाद करने की प्रवृत्ति।

* मानसिक थकावट: किसी भी काम में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस करना।

खुराक (Dose)
चूंकि यह एक बायोकेमिक ट्रिच्युरेशन (Trituration) टैबलेट है:
* वयस्क: 4 गोलियाँ दिन में तीन बार (सुबह, दोपहर, शाम)।
* बच्चे: 2 गोलियाँ दिन में दो बार।
* तरीका: गोलियों को जीभ पर रखकर चूसें या आधे कप गुनगुने पानी के साथ लें।

Cina 30 इसे होम्योपैथी में मुख्य रूप से 'बच्चों की दवा' के रूप में जाना जाता है, विशेषकर जब समस्या पेट के कीड़ों (Worms)...
01/03/2026

Cina 30 इसे होम्योपैथी में मुख्य रूप से 'बच्चों की दवा' के रूप में जाना जाता है, विशेषकर जब समस्या पेट के कीड़ों (Worms) से जुड़ी हो।

Cina 30 (सिना/Artemisia Contra)
यह किससे बनी है? (Made Of)
यह औषधि 'Wormseed' नामक पौधे के सूखे फूलों से तैयार की जाती है। इसमें 'सैंटोनिन' (Santonin) होता है, जो परजीवियों को नष्ट करने के लिए जाना जाता है।

मानसिक लक्षण (Mental Symptoms)
सिना का रोगी (विशेषकर बच्चा) स्वभाव से बहुत कठिन होता है:
* चिड़चिड़ापन: बच्चा बहुत ज्यादा चिड़चिड़ा होता है, हर समय रोता रहता है और उसे छूना या देखना भी पसंद नहीं होता।
* अजीब मांग: बच्चा किसी चीज के लिए जिद करता है, लेकिन मिलने पर उसे फेंक देता है (जैसे Chamomilla में होता है)।
* शांत न होना: उसे गोद में उठाकर टहलाने से भी आराम नहीं मिलता।

मुख्य उपयोग और फायदे (Key Uses)

* पेट के कीड़े (Intestinal Worms):
* यह राउंडवॉर्म (Roundworms) और थ्रेडवॉर्म (Threadworms) के लिए सबसे प्रभावी दवा है।

* लक्षण: बच्चा अपनी नाक में उंगली डालता रहता है या उसे रगड़ता रहता है

* नींद के विकार (Sleep Issues):
* सोते समय दांत किटकिटाना (Grinding of teeth)।
* नींद में चौंक कर उठ जाना या चीखना (Night terrors)।
* बच्चा अक्सर पेट के बल सोता है।

* पाचन और भूख:
* झूठी भूख (Canine Hunger): पेट भरा होने के बावजूद बच्चा बार-बार खाने की मांग करता है।

* पेट में नाभि के आसपास तेज दर्द होना।
* खांसी (Spasmodic Cough):

* ऐसी खांसी जो बहुत अचानक आती है और जिसके अंत में बच्चा नीला पड़ जाता है या उसे जकड़न महसूस होती है।

शारीरिक लक्षण (Key Symptoms)
* चेहरा: आंखों के नीचे काले घेरे (Dark circles) और चेहरा पीला या सफेद दिखना। नाक के आसपास का हिस्सा नीला पड़ जाना।

* पेशाब: पेशाब दूधिया सफेद (Milky white) रंग का हो सकता है।

* नाक रगड़ना: बच्चा अपनी नाक को तकिये या बिस्तर पर बार-बार रगड़ता है।

खुराक (Dose)
* पोटेंसी: 30CH।
* मात्रा: 2 बूंदें सीधे जीभ पर (बच्चों के लिए 1 चम्मच पानी में 1 बूंद)।
* तरीका: दिन में तीन बार (सुबह, दोपहर, शाम)।
* कीड़ों के लिए: इसे अक्सर रात को सोते समय देने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।

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