23/02/2026
Completed 2 Challenging cases few days back!
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उस दिन कैथ लैब की सुबह कुछ अलग थी।
डॉ. सुकृति भल्ला को अंदाज़ा था कि आज सिर्फ़ एक और वर्किंग डे नहीं—एक परीक्षा का दिन है।
पहला केस आया — 79 वर्षीय बुज़ुर्ग, बेहद कम पंपिंग क्षमता, जटिल कैल्सीफाइड लेफ्ट मेन बाइफरकेशन डिज़ीज़ और साथ में RCA CTO। मॉनिटर की हर बीप टीम को याद दिला रही थी कि यह साधारण प्रक्रिया नहीं है।
डॉ. सुकृति Dr. Sukriti Bhalla-Cardiologist ने शांत स्वर में टीम को निर्देश दिए, हर स्टेप की रणनीति स्पष्ट थी। IVL तकनीक से कठोर कैल्सीफिकेशन को नियंत्रित किया गया, और धीरे-धीरे जटिल धमनियों का रास्ता खुलता गया। कुछ घंटों बाद स्क्रीन पर साफ़ फ्लो दिखा — प्रक्रिया सफल रही। जब मरीज मुस्कुराते हुए उठकर बैठा, वही पल पूरे प्रयास का इनाम था।
लेकिन दिन अभी खत्म नहीं हुआ था।
दूसरा केस और भी चुनौतीपूर्ण था — 55 वर्षीय मरीज, ACS, EF लगभग 25%, वेंटिलेटर सपोर्ट और हाई-डोज इनोट्रोप्स पर। कई बीमारियों के कारण सर्जरी संभव नहीं थी। कमरे में सन्नाटा था, क्योंकि सभी जानते थे कि यह निर्णय जीवन और मृत्यु के बीच की रेखा जैसा है।
डॉ. सुकृति ने गहरी साँस ली, टीम की ओर देखा और प्रक्रिया शुरू की। हाई-रिस्क PCI सावधानी और सटीकता से आगे बढ़ी। हर स्टेप पर तकनीक, अनुभव और धैर्य साथ चल रहे थे। अंततः ब्लॉकेज खुला, ब्लड फ्लो बहाल हुआ — और धीरे-धीरे मरीज की स्थिति स्थिर होने लगी।
अगले दिन जब वही मरीज सुरक्षित डिस्चार्ज हुआ, तो पूरी टीम के चेहरे पर संतोष साफ़ दिख रहा था।
उस शाम डॉ. सुकृति ने सोचा —
यही वजह है कि उन्होंने यह रास्ता चुना था।
क्योंकि हर सफल धड़कन, हर स्थिर मॉनिटर लाइन, और हर राहत भरी मुस्कान… किसी डॉक्टर के लिए सबसे बड़ी जीत होती है।
टीमवर्क, तकनीक और विश्वास — यही असली चमत्कार करते हैं।
Dr. SUKRITI BHALLA
HEAD OF CARDIOLOGY-UNIT-II
AAKASH HEALTHCARE SUPERSPECIALITY HOSPITAL DWARKA