04/01/2026
🔯 कुंडली में राहु पहले घर (लग्न भाव) में हो तो क्या प्रभाव पड़ता है? 🔯
राहु अचानक बदलाव, रहस्य, भ्रम, आकर्षण, महत्वाकांक्षा और अलग सोच का कारक होता है। जब राहु कुंडली के पहले घर यानी लग्न भाव में स्थित होता है, तो इसका असर सीधे व्यक्ति के स्वभाव, शरीर, सोच, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा पर पड़ता है।
🧠 1. व्यक्तित्व पर प्रभाव
राहु लग्न में होने पर व्यक्ति:
भीड़ से अलग सोचने वाला होता है
खुद को सबसे अलग और खास दिखाना चाहता है
कभी बहुत आत्मविश्वासी तो कभी अत्यधिक भ्रम में रहता है
दूसरों पर जल्दी प्रभाव डालने की क्षमता रखता है
ऐसे लोग रहस्यमयी, चालाक और रणनीतिक सोच वाले होते हैं।
😕 2. मानसिक स्थिति
मन में हमेशा कुछ नया करने की बेचैनी रहती है
निर्णय लेने में भ्रम और दुविधा हो सकती है
कभी-कभी डर, वहम, ओवरथिंकिंग और बेचैनी
नींद की समस्या या मानसिक तनाव भी देखा जाता है
👤 3. शारीरिक प्रभाव
अचानक स्वास्थ्य समस्या
त्वचा रोग, एलर्जी, सिरदर्द
शरीर पर तिल, निशान या अजीब आकृति
थकान जल्दी होना
💼 4. करियर और पैसा
राहु लग्न में होने से व्यक्ति:
राजनीति, मीडिया, फिल्म, ज्योतिष, तंत्र-मंत्र, IT, ऑनलाइन काम
विदेशी कंपनियों या विदेश से जुड़े काम
अचानक धन लाभ और अचानक नुकसान – दोनों संभव
रिस्क लेने की आदत होती है, कभी बहुत ऊँचाई तो कभी गिरावट।
❤️ 5. रिश्तों और विवाह पर प्रभाव
रिश्तों में शक और गलतफहमी
जीवनसाथी से विचारों का टकराव
आकर्षण जल्दी लेकिन स्थिरता देर से
प्रेम संबंधों में धोखा या भ्रम की संभावना
⚠️ 6. नकारात्मक प्रभाव (अगर राहु अशुभ हो)
गलत संगति
झूठ बोलने की आदत
नशे की ओर झुकाव
तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत का भय
समाज में बदनामी या विवाद
🌟 7. सकारात्मक प्रभाव (अगर राहु शुभ हो)
असाधारण बुद्धि
समाज में नाम और पहचान
विदेशी लाभ
भीड़ से अलग पहचान
अचानक सफलता
🕉️ राहु के दोष से बचने के उपाय
✔️ दुर्गा माता या भैरव जी की पूजा
✔️ राहु शांति हवन
✔️ शनिवार को काले तिल दान
✔️ नशा और गलत संगति से दूर रहें
✔️ योग्य ज्योतिषीय सलाह लेकर उपाय कराएं
👉 ध्यान रखें:
राहु का फल राशि, नक्षत्र, दृष्टि और दशा के अनुसार बदल जाता है।
सही परिणाम जानने के लिए पूरी कुंडली का विश्लेषण जरूरी होता है।
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ललित ज्योतिष समाधान
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