Diet and Nutrition by Nikita

Diet and Nutrition by Nikita Good & healthy diet is our basic need of life which we have redirected to packed food and fast food.

Give answer to your body now or ask me about your healthy diet.

Happy Diwali to all of you
24/10/2022

Happy Diwali to all of you

25/05/2021
26/05/2020

Do you know all lifestyle disease starts from your GUT
And almost every disease is lifestyle disease?

23/05/2020

All life style disease can CURED by taking care of
GUT

Essential bacteria for your GUT
23/05/2020

Essential bacteria for your GUT

इसी तरह, शरीर के अंदर, खासकर पेट और आंतों में मित्र बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए दही, छाछ, न...
23/05/2020

इसी तरह, शरीर के अंदर, खासकर पेट और आंतों में मित्र बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए दही, छाछ, नारियल पानी, फल जैसे खाद्यपदार्थों को अपने खाने की सूची में पर्याप्त जगह दीजिए। लाभदायक बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को Probiotics कहा जाता है। दही और छाछ भारतीय रसोई में सदियों से इस्तेमाल किए जाने वाले बेहतरीन प्रोबायोटिक्स खाद्य पदार्थ हैं। खीरा, नींबू, आंवला, गोभी आदि के खमीर उठाकर बने (fermented) भारतीय अचार भी प्रोबायोटिक का काम कर सकते हैं, बशर्तें उनमें तेल और मसालों की मात्रा सीमित हो। चाहें तो बाजार में मिलने वाले Yakult जैसे पैकेज्ड उत्पादों का भी उपयोग किया जा सकता है।
टायफायड, गंभीर घाव, सर्जरी जैसी परिस्थितियों में हाइ-पावर एंटीबायोटिक दवाएं (high-powered antibiotics) लेनी जरूरी होती है। इन हाइ-पावर एंटीबायोटिक्स से रोगकारी बैक्टीरिया के साथ-साथ शरीर में पहले से मौजूद मित्र बैक्टीरिया का भी सफाया हो जाता है। ऐसे में शरीर के अंदर बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने के लिए प्रोबायॉटिक पदार्थों का सेवन खास तौर पर करना चाहिए।

23/05/2020

मित्र बैक्टीरिया की मदद : प्रोबायोटिक आहार (Probiotics)
प्रोबायोटिक में हैं लाभदायक बैक्टीरिया
इसी तरह, शरीर के अंदर, खासकर पेट और आंतों में मित्र बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए दही, छाछ, नारियल पानी, फल जैसे खाद्यपदार्थों को अपने खाने की सूची में पर्याप्त जगह दीजिए। लाभदायक बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को Probiotics कहा जाता है। दही और छाछ भारतीय रसोई में सदियों से इस्तेमाल किए जाने वाले बेहतरीन प्रोबायोटिक्स खाद्य पदार्थ हैं। खीरा, नींबू, आंवला, गोभी आदि के खमीर उठाकर बने (fermented) भारतीय अचार भी प्रोबायोटिक का काम कर सकते हैं, बशर्तें उनमें तेल और मसालों की मात्रा सीमित हो। चाहें तो बाजार में मिलने वाले Enhanced Essential Probiotics उत्पादों का भी उपयोग किया जा सकता है।

टायफायड, गंभीर घाव, सर्जरी जैसी परिस्थितियों में हाइ-पावर एंटीबायोटिक दवाएं (high-powered antibiotics) लेनी जरूरी होती है। इन हाइ-पावर एंटीबायोटिक्स से रोगकारी बैक्टीरिया के साथ-साथ शरीर में पहले से मौजूद मित्र बैक्टीरिया का भी सफाया हो जाता है। ऐसे में शरीर के अंदर बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने के लिए प्रोबायॉटिक पदार्थों का सेवन खास तौर पर करना चाहिए

23/05/2020

लाभदायक बैक्टीरिया को बचाएं : Antibiotics से बचें
दोस्तो, अपने शरीर के अंदर बैक्टीरिया की कुदरती मौजूदगी और हमारे स्वस्थ रहने में उनकी भूमिका को जान लेने के बाद अपने स्वास्थ्य को अब आप एक नए नजरिए से देखेंगे। अब आप जरूर यह समझ गए होंगे कि एंटीबायोटिक के सेवन से हानिकारक बैक्टीरिया के साथ-साथ हमारे मित्र बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाते हैं। इसलिए, एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। आजकल, एंटीबायोटिक लेकर तुरंत बीमारी ठीक करने का रुझान बढ़ रहा है। जुकाम-सर्दी जैसे वायरस जनित रोगों में भी लोग बेझिझक एंटीबायोटिक्स लेने लगे हैं। यह हमारे शरीर को बहुत ही खतरनाक स्थिति की ओर ले जाता है।
शरीर में मित्र बैक्टीरिया की कुदरती व्यवस्था को किसी भी हाल में क्षति न पहुंचे इसका पूरा ध्यान रखना जरूरी है। एंटीबायोटिक्स का प्रयोग केवल तभी करना चाहिए जब दूसरे विकल्प न हों। उदाहरण के लिए, छोटे-मोटे घावों को केवल उन्हें साफ रखकर, कीटाणुनाशी मरहम लगाकर सही तरीके से पट्टी बांधकर ठीक किया जा सकता है। भले ही घाव ठीक होने की रफ्तार थोड़ी कम हो, लेकिन इनके लिए ओरल एंटीबायोटिक्स लेना ठीक नहीं। जरा सोचिए, अपनी त्वचा या मांसपेशी पर पर लगे घाव के लिए जब आप एंटीबायोटिक दवा खाते हैं या इंजेक्शन लेते हैं तो इसका असर संपूर्ण शरीर पर पड़ता है और आपकी आंतों से लेकर खून तक में पाए जाने वाले मित्र बैक्टीरिया बेवजह मारे जाते हैं। इसकी कीमत हमारे इम्यून सिस्टम को चुकानी पड़ती है।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

23/05/2020

आंंत में रहने वाले लाभदायक बैक्टीरिया यानी (useful Gut Bacteria)
हमारे पेट (और आंत) में लगभग 600 से 1000 किस्मों के बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इनमें से अनेक मित्र बैक्टीरिया हैं जो न केवल हमारे पाचन तंत्र (digestive system) और मेटाबॉलिज्म संतुलित रखते हैं बल्कि हमारी इम्यून शक्ति, यानी बीमारियों से लड़ने की हमारी आंतरिक क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं। मित्र बैक्टीरिया का एक ऐसा ही किस्म है Bifidobacteria, जो हमारे पेट और आंत में रहते हैं और पाचन में मदद करते हैं। मित्र बैक्टीरिया की भरपूर संख्या शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया के प्रवेश को रोकने में मदद करती है। हानिकारक बैक्टीरिया से लड़कर वे हमारी रक्षा करते हैं। “Human Microbiota” यानी मानव शरीर के अंदर सूक्ष्मजैविक व्यवस्था पर हुए रिसर्च बताते हैं कि कैसे अलग-अलग शारीरिक रोगों और मनोदशाओं वाले लोगों की आंत में बैक्टीरिया की किस्म और उनकी संख्या अलग-अलग होती है।
अधिक जानकारी के लिये संपर्क करें।

25/01/2020

The High Protein Low Carb Diet

The high protein diet which restricts the use of of sugary foods and uses substitutes for regular high carb ingredients.

Flexible Eating

Flexible Eating allows you to indulge in your favourite foods as part of your eating plan. Each meal is macro counted and calorie counted to keep fit and also provide healthy tasty meals daily.

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