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धनतेरस की बहुत बहुत सुभकामनाएँ| #धनतेरस |
16/10/2017

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29/09/2017
जो नहीं मानते  #वास्तु की ये बातें, उनके घर में नहीं रुकती लक्ष्मीदक्षिण-पश्चिम दिशा को वास्तु शास्त्र में नैऋत्य कोण कह...
02/03/2017

जो नहीं मानते #वास्तु की ये बातें, उनके घर में नहीं रुकती लक्ष्मी

दक्षिण-पश्चिम दिशा को वास्तु शास्त्र में नैऋत्य कोण कहा जाता है। इस दिशा का सम्बंध पृथ्वी तत्त्व से है और इस दिशा के स्वामी नैरूत हैं। इस दिशा के दूषित होने से चरित्र हनन, शत्रु भय, दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है।

वास्तु के अनुसार घर के पास नहीं होने चाहिए ये पेड़, देते हैं अशुभ फल- घर के ईशान और पूर्व दिशा में अधिक ऊंचे पेड़ नहीं ह...
02/03/2017

वास्तु के अनुसार घर के पास नहीं होने चाहिए ये पेड़, देते हैं अशुभ फल
- घर के ईशान और पूर्व दिशा में अधिक ऊंचे पेड़ नहीं होने चाहिए। ध्यान रखें कि आंगन और घर के आसपास भी ऐसे पेड़ ना हों।
- घर के आसपास आधा सूखा या आधा जला हुआ पेड़ भी अशुभ माना जाता है। वास्तु में कहा गया है कि इससे घर में नकारात्मकता और बुरी हवाएं प्रवेश करती हैं।
- कुछ खास प्रकार के पेड़ भी आपके घर के पास नहीं होने चाहिए। जैसे रेशम, ताड़, कपास, और आंवले का पेड़ पास होने से घर में कलह की स्थिति पैदा होती है।
- अगर घर के आगे इमली या मेहंदी का पेड़ है तो उसे हटवा लिजिए। वास्तु के अनुसार इनमें बुरी आत्माएं वास करती हैं।

Planetary Ephemeris for For 02 March, 2017
02/03/2017

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28/02/2017

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 #वास्तुशास्त्र अपनायें जीवन को बाधाओं से मुक्त पायें।ये सच है कि किसी चीज की शुरुआत अच्छी हो तो सब अच्छा होता ही है, और...
28/02/2017

#वास्तुशास्त्र अपनायें जीवन को बाधाओं से मुक्त पायें।

ये सच है कि किसी चीज की शुरुआत अच्छी हो तो सब अच्छा होता ही है, और इसके लिए सही ज्ञान का होना भी आवश्यक है, वास्तुशास्त्र आज से ही नहीं जाना जाता बल्कि प्राचीन समय से जाना जाता है, जो कि एक सुखद जीवन का आधार भी है,वास्तुशास्त्र को हिन्दू संस्कृति में बहुत ही महत्व दिया जाता है, साथ ही वास्तु को लेकर कई ज्योतषों ने अपनी-अपनी राय भी दी है,

कुछ का कहना है कि वास्तु शब्द की उत्पति व्युत्तपति संस्कृत के ‘वास्’ धातु से हुई है, जिसका अर्थ होता है कि वास करना या रहना क्योंकि जैसा कि हम सभी जानते हैं कि रहने के लिए घर की जरुरत होती है, और घर को बनाने के लिए भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है, वास्तु का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है,भूमि, भवन के लिए सही मिट्टी का ज्ञान होना होना भी जरुरी होता है, जिससे अच्छे घर का निर्माण किया जा सके, और भूमि, भवन हमें अच्छा फल दे सकें, और नाकारात्मक प्रभाव हमारे जीवपर ना डालें जिससे घर सब प्रकार के सुख-समृदि ,धन देने वाला हो, और एक ऐसा ही प्रयास पंडित एस.के कौशिक का रहा है वेदांग वास्तु सेंटर खोल कर प्राचीन परम्परा को और बढावा दिया है, पंडित एस.के कौशिक के अपने अनुभव को लोगों तक पहुंचाया है,पंडित एस.के.कौशीक को एस्टॉलोजी के साथ-साथ वास्तु का भी खासा ज्ञान है, और यही वजह है कि लोगों का विश्वास उन पर बना हुआ है और वो प्राचीन परम्परा को आगे बढ़ाने में कामयाब भी रहे, वेदांग सेंटर की खास बात ये है कि जो भी वास्तु से जुड़ना चाहता है, ज्योतिष को सिखना चाहता है तो ऑनलाइन सीख सकता है, जो कि खुद में खास है।

कई बार हम कुछ लोगों को ज्योतिष की सलाह लेते हुए देखते हैं कि भूमि कि मिट्टी अच्छी है या नहीं, और साथ ही जो लोग वास्तु पर विश्वास नहीं करते और भूमि भवन के निर्माण से पहले वास्तु का निर्माण नहीं करते, उनको जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, परिणामस्वरुप दुख निराशा ही जीवन में हाथ लगती है, गौर किया जाये तो आज के समय में अधिकतर बिल्डर्स अपार्टमेंन्टस का निर्माण वास्तु के अनुसार ही करते है, वास्तु के अनुसार घर के मुखिया का कमरा किस दिशा में होना चाहिए, घर में किचन किस दिशा में होनी चाहिए,आदि का निर्माण वास्तु के हिसाब से किया जाता है, जिससे कि घर में खुशहाली आये, और भवन,भूमि उनके लिए सुखकारी साबित हो।

Article Source and Author: Kalpana Chauhan (Media & PR: Eixil Group) www.kalpanachauhan.aspkom.com

28/02/2017

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28/02/2017
28/02/2017
28/02/2017

Vedang Online is Complete Vedic Astrology, Numerology and Vastu Centre at Pitampura, Delhi.

With over decade experience into Astrology Predictions, Kundli, Birth Chart Predictions, Numerology, Name Corrections, Vastu for Residential and Office Premises, Pt. SK Kaushik has not just reinitiated the Faith and Confidence of his clients into Miracles, which do happen; but he has also offered his expert advice to help preople into Business, Career, Finance, Health, Love, Relationships, Family or Marriage Problems.

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Can   help you Find Fame and Success?The birth chart is an   chart or map which shows the position of the planets and th...
28/02/2017

Can help you Find Fame and Success?

The birth chart is an chart or map which shows the position of the planets and the astrological houses at the exact time of a person's birth. It can define personal traits and these celestial bodies’ light years away, can change your destiny as they move along their defined path. Our ancestors have observed these planets and their impact on our lives for thousands of years, whence is the base of astrology. Pioneers in the domain kept enhancing the knowledge base and finally in the course of time astrology has advanced a lot to empower us with information about our future. Astroyogi experts consider three main components in a birth chart, the signs, planets, and the houses. Twelve birth signs refer to different constellations and the area corresponding to them, through which the planets, the sun, and moon moves. At the time of birth, the birth chart maps the position of each planet, sun, and moon with respect to these signs. For instance, mercury in Aries would mean that at the time of a person's birth mercury was in the space corresponding to Aries constellation. Each planet, the sun, and the moon represent various aspects of a person's personality and houses refers to through the planetary positions against the zodiacs. It shows where an energy is received in the form of human experience.

According to vedic astrology experts, there are a few key planets and houses which would be analysed thoroughly to predict one's fame and success. The second house relates to wealth, when the 10th, 11th, and 12th relate to a person's career choices, social life and limitations, these houses are crucial to one's success and fame. When it comes to planets sun, the moon, mercury, and mars plays a major part in determining how successful and famous an individual would be. Having said that our astrologers also reminds that astrology is a complex science to interpret, in order to make a prediction an astrologer needs to synthesize the whole chart and draw a holistic picture. Often predictions made out of particular aspect in the birth chart, like a planet or house without considering other’s positions, impact and implications would result in wrong predictions. This needs expertise and knowledge which only an experienced astrologer would possess.

 #अमावस्या के दिन 2017 का पहला सूर्य ग्रहण, इन राशियों पर पडेगा खास प्रभाव भारत के स्थानीय समयानुसार खंडग्रास सूर्य ग्रह...
26/02/2017

#अमावस्या के दिन 2017 का पहला सूर्य ग्रहण, इन राशियों पर पडेगा खास प्रभाव

भारत के स्थानीय समयानुसार खंडग्रास सूर्य ग्रहण रविवार दिनांक 26.02.17 को शाम 17 बजकर 40 मि॰ पर प्रारंभ होकर रात 22 बजकर 01 मि॰ तक रहेगा। ग्रहण का सूतक रविवार दिनांक 26.02.17 को प्रातः 05 बजकर 40 मि॰ से प्रारंभ हो जाएगा। परंतु रविवार दिनांक 26.02.17 को घटित होने वाला ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा अतः इसका धार्मिक दृष्टिकोण से शुभाशुभ प्रभाव भी मान्य नहीं होगा। परंतु ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इसका प्रभाव संपूर्ण विश्व पर पड़ेगा। कुंभ राशि में घटित होने वाले इस ग्रहण से नौकरीपेशा, मजदूरों, जल संसाधन के कार्यों, मीडिया कर्मियों, राजनेताओं को परेशानी होगी। इस ग्रहण से सोने की कीमतों में थोड़ी मंदी के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों में कमी भी आएगी।

साल 2017 का पहला सूर्यग्रहण इस साल का पहला सूर्यग्रहण 26 फरवरी को पड़ने जा रहा है। इस सूर्यग्रहण को भारत, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, प्रशांत, अटलांटिक, और हिंद महासागर में देखा जा सकेगा। इंडियन स्टैंडर्ड टाइम के मुताबिक भारत में सूर्यग्रहण 26 फरवरी यानी कि रविवार को शाम 5 बजकर 40 मिनट पर शुरू होगा और रात 10 बजकर 1 मिनट तक चलेगा। लेकिन रात होने की वजह से इसका पूरा नज़ारा देख पाना मुमकिन नहीं होगा। सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है, और ये घटना तभी होती है जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरती है। पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूर्ण अथवा आंशिक रूप से चन्द्रमा द्वारा ढका हुआ प्रतीत दिखाई देता है। सूर्यग्रहण तीन तरह के होते हैं। पूर्ण सूर्यग्रहण, आंशिक सूर्यग्रहण और वलयाकार सूर्यग्रहण। पूर्ण और आंशिक सूर्यग्रहण का अर्थ नाम से ही स्पष्ट है, अब हम आपको वलयाकार सूर्यग्रहण के बारे में बताते हैं। वलयाकार सूर्यग्रहण वो खगोलीय घटना है जब पृथ्वी का उपग्रह चांद पूथ्वी से काफी दूर रहने के बावजूद पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है। इससे पृथ्वी से सूर्य की जो तस्वीर उभरती है उसमें सूरज का बीच का हिस्सा भी ढका हुआ नज़र आता है। और सूर्य का बाकी हिस्सा प्रकाशित होने की वजह से सूर्य की कंगन या वलय के आकार की तस्वीर उभरती है, इसलिए इसे वलयाकार सूर्यग्रहण कहते हैं।

-- सूर्य ग्रहण 2017 जानें राशिनुसार क्या पड़ेगा प्रभाव --

#मेष – मेष राशि के स्वामी मंगल सूर्य ग्रहण के दिन उच्चस्थ शुक्र के साथ बृहस्पति के घर में विराजमान हैं। यह आपके लिये शुभ फलदायी हो सकता है। आपकी राशि से सूर्य 11वें घर में विचरण कर रहे हैं जो कि लाभ का घर माना जाता है। ग्रहण के कारण इस दिन आप कोई विशेष लेन-देन न ही करें तो बेहतर है क्योंकि ग्रहण आपके लाभक्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।

#वृषभ – वृषभ राशि का स्वामी शुक्र उच्चस्थ होकर मंगल के साथ बृहस्पति के घर में विराजमान है जो आपके लिये अति लाभकारी कहा जा सकता है। वहीं ग्रहण के दिन सूर्य आपकी राशि से दशम स्थान पर है जो कि आपका कर्मक्षेत्र है। इसलिये आपके लिये सलाह है कि अपने कार्यों में सतर्कता बरतें। यदि आप नया कार्य शुरु करने का विचार कर रहे हैं तो उसमें अपने से बड़ों की सलाह जरूर लें क्योंकि ग्रहण के कारण आपके कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

#मिथुन – मिथुन राशि का स्वामी बुध कुंभ राशि में सूर्य के साथ ही विचरण कर रहा है जिसे आपका राशि स्वामी भी प्रभावित रहेगा। अपनी वाणी में नियंत्रण रखें। बेवजह किसी से बहस न करें अन्यथा इसका अशुभ प्रभाव आपके जीवन पर पड़ सकता है।

#कर्क – कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा कुंभ राशि में सूर्य के साथ विराजमान है जिससे आपकी मानसिक चिंताए बढ़ने के संकेत हैं। आप में उत्साह की कमी भी हो सकती है। आपके राशि स्वामी इस ग्रहण से प्रभावित हैं इसलिये इस दिन शुभ कार्यों को टालना ही आपके लिये बेहतर रहेगा।

#सिंह – राशि स्वामी सूर्य स्वयं इस ग्रहण में पीड़ित हैं और आपकी राशि को सपष्ट रूप से देख भी रहे हैं। संभल कर रहें आपके मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा व आत्मसम्मान के लिये यह कुछ अनिष्ट के संकेत कर रहा है। मानसिक व शारीरिक तौर पर कुछ परेशानियों का आपको सामना करना पड़ सकता है। इनका कारण दांपत्य या प्रेमजीवन के कुछ छुट-पुट विवाद भी हो सकते हैं। इस दिन धैर्य से काम लें व जितना हो सके प्रात:काल सूर्य देव की आराधना व मंत्रों का जाप करें।

#कन्या – कन्या राशि का स्वामी बुध कुंभ राशि में विराजमान है जो कि अपनी राशि से छठवें घर में विराजमान है। अपने काम में सावधानी रखें कोई गुप्त शत्रु आपके कार्यों में रूकावट बन सकता है। अपनी वाणी में विनम्रता व संयम रखें। विशेषकर व्यावसायिक साझेदार के साथ किसी भी प्रकार की बहसबाजी या वाद-विवाद न करें अन्यथा तल्ख़ियां बढ़ सकती हैं जिसका प्रभाव आपके कार्य जीवन पर पड़ेगा।

#तुला – तुला राशि के स्वामी शुक्र अपनी उच्चस्थ राशि मीन में विराजमान हैं जिससे ग्रहण का सीधा प्रभाव आपकी राशि पर नहीं होगा लेकिन आपकी राशि से सूर्य पंचम भाव में ग्रहणित हो रहे हैं जिससे कि मानसिक तनाव बढ़ सकता है विशेषकर विद्यार्थियों के लिये परीक्षा संबंधी तनाव बढ़ने के आसार हैं। साथ ही आपके प्रेमसंबंध भी ग्रहण से प्रभावित हो सकते हैं। अपने साथी से कोई ऐसी बात न कहें जिससे उनकी भावनाएं आहत हों या कोई ऐसा वादा न करें जिस पर आप खरे न उतर सकें।

#वृश्चिक – वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल शुक्र के साथ मीन राशि में विराजित है जो कि आपकी राशि से पांचवें घर में है। आपकी राशि से चौथे घर में सूर्य ग्रहण का योग बन रहा है जो कि आपकी सुख-सुविधाओं में कमी लाने वाला हो सकता है। माता के लिये भी यह कष्टदायी हो सकता है। इस दिन यात्रा करने का जोखिम न ही लें तो बेहतर है।

#धनु – धनु राशि का स्वामी बृहस्पति कन्या राशि में वक्र चल रहा है। बृहस्पति के वक्र होने के कारण आपके लिये यह समय थोड़ा परेशानियों भरा रहने से आपके लिये अनुकूल नहीं कहा जा सकता, आपकी राशि से तीसरे घर में सूर्य ग्रहण लगेगा जिससे भाई-बहनों से विवाद हो सकता है। आपकी इच्छाशक्ति जवाब दे सकती है। सूझ-बूझ वाले निर्णय लें।

#मकर – मकर के राशि स्वामी शनि धनु राशि में विराजमान हैं आपकी राशि से दूसरे घर में सूर्य ग्रहण योग बन रहा है। दूसरा घर आपका धन संपदा का घर है। अपने धन का उपयोग देखभाल कर करें। अचानक से आपके खर्चों में बढ़ोतरी होने की भी आशंका है। किसी भी जोखिम वाले क्षेत्र में पैसा न लगायें खासकर लॉटरी, जुआ आदि में धन न लगायें। इससे हानि हो सकती है।

#कुंभ – कुंभ राशि के स्वामी शिनि धनु राशि में विराजमान हैं जो कि आपकी राशि से दसवां है जिसे हम लाभ पद मानते हैं किंतु वर्तमान स्थिति में आपकी राशि पर ही सूर्य ग्रहण योग बना हुआ है जोकि आपके लिये शुभ नहीं कहा जा सकता। इस समय आपका मानसिक और शारीरिक कष्ट बढ़ सकता है। तनाव को कम करने व नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिये भगवान शिव शंकर का मंत्र जाप करें।

#मीन – मीन राशि का स्वामी बृहस्पति कन्या राशि में विराजमान है जोकि आपकी राशि से सातवां है और सपष्ट रूप से देख रहा है। किसी प्रकार का बड़ा नुक्सान तो आपको नहीं होगा। आपकी राशि से 12वां सूर्यग्रहण दोष बन रहा है। जिससे आपके खर्चों में अचानक बढोतरी हो सकती है इसलिये बेहतर रहेगा कि धन संबंधी फैसले सोच समझ कर ही लें।

Source: Jagran
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ग्रहण के कारण पीड़ित सूर्य की दशा व अन्य ग्रहों की स्थिति विभिन्न राशियों को जरूर प्रभावित करेगी। ज्योतिषाचार्य इस बारे में क्या कहते हैं आइये जानते हैं-

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