19/11/2025
दिल्ली का 'दमघोंटू' वायु संकट 2025: मुख्य बातें
नवंबर 2025 में दिल्ली 'गंभीर' से 'बहुत खराब' वायु प्रदूषण के शिकंजे में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया, जो कुछ क्षेत्रों में 600-700 के खतरनाक स्तर तक भी पहुँच गया।
प्रमुख संकट और स्वास्थ्य प्रभाव:
सुबह की शुरुआत जहरीले स्मॉग की मोटी चादर से हुई।
डॉक्टरों ने इसे 'जानलेवा' बताते हुए सांस की समस्याओं, गले में खराश और खांसी के मामलों में वृद्धि की पुष्टि की।
बुजुर्गों, बच्चों और हृदय/अस्थमा के मरीजों को घर के अंदर रहने की सख्त सलाह दी गई।
प्रदूषण की मुख्य वजहें:
ठंडी हवा के कारण प्रदूषक कण (PM2.5, PM10) निचले वायुमंडल में फँस गए।
पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना, वाहनों का धुआँ, और निर्माण/सड़कों की धूल प्रमुख कारक रहे।
सरकारी कार्रवाई:
स्थिति बिगड़ने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP)-IV लागू किया गया।
इसके तहत BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर रोक, ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक लगाई गई।
प्रशासन ने प्रदूषण कम करने के लिए कृत्रिम बारिश (क्लाउड सीडिंग) के ट्रायल भी किए।
आगे की राह:
सुप्रीम कोर्ट ने इसे 'स्वास्थ्य आपातकाल' बताते हुए चिंता जताई। इस वार्षिक संकट से निपटने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, स्वच्छ ईंधन का उपयोग, और पराली प्रबंधन जैसे दीर्घकालिक, स्थायी समाधानों की तत्काल आवश्यकता है।