30/09/2021
*क्या आप जानते हैं कि माटी है अनमोल...*
*जानिये मिट्टी की अद्भुत शक्ति*
मिट्टी के अंदर मौजूद 18 प्रकार के सूक्ष्म पोषक तत्व भोजन को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक बनाती है।
हजारों वर्षों से हमारे यहाँ मिट्टी के बर्तनों का उपयोग होता आया है अभी कुछ वर्षों पूर्व तक गाँवों में वैवाहिक कार्यक्रमों में तो मिट्टी के बर्तन ही उपयोग में आते थे।
घरों में दाल पकाने, दूध गर्म करने, दही जमाने, चावल बनाने और अचार रखने के लिए मिट्टी के बर्तनों का उपयोग होता रहा है।
मिट्टी के बर्तन में जो भोजन पकता है उसमें सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी नहीं होती जबकि प्रेशर कुकर व अन्य बर्तनों में भोजन पकाने से सूक्ष्म पोषक तत्व कम हो जाते हैं जिससे हमारे भोजन की पौष्टिकता कम हो जाती है।
भोजन को धीरे-धीरे ही पकना चाहिये तभी वह पौष्टिक और स्वादिष्ट पकेगा और उसके सभी सूक्ष्म पोषक तत्व सुरक्षित रहेंगे।
महर्षि वागभट्ट जी के अनुसार भोजन को पकाते समय उसे सूर्य का प्रकाश और पवन का स्पर्श मिलना आवश्यक है जबकि प्रेशर कुकर में पकाते समय भोजन को ना तो सूर्य का प्रकाश और ना ही पवन का स्पर्श मिल पाता, जिससे उसके सारे पोषक तत्व क्षींण हो जाते हैं और प्रेशर कुकर एल्यूमीनियम का बना होता है जो कि भोजन पकाने के लिये सबसे घटिया धातु है क्योंकि एल्यूमीनियम भारी धातु होती है और यह हमारे शरीर से अपशिष्ट पदार्थ के रूप में बाहर नहीं निकल पाती है।
इसी कारण एल्यूमीनियम के बर्तनों का उपयोग करने से कर्इ प्रकार के गंभीर रोग होते हैं जैसे अस्थमा, वात रोग, टी.बी., मधुमेह (डायबिटीज), पक्षाघात (पेरेलिसिस), स्मरण शक्ति का कम होना आदि!
वैसे भी भाप के दबाव से भोजन उबल जाता है पकता नहीं है।
आयुर्वेद के अनुसार जो भोजन धीरे-धीरे पकता है वह भोजन सबसे अधिक पौष्टिक होता है। भोजन को शीघ्र पकाने के लिये अधिक तापमान का उपयोग करना सबसे हानिकारक है।
हमारे शरीर को प्रतिदिन 18 प्रकार के सूक्ष्म पोषक तत्व चाहिए जो मिट्टी से ही आते है जैसे-कैल्शियम, मैग्नेशियम, सल्फर, आयरन, सिलिकॉन, कोबाल्ट, जिप्सम आदि।
मिट्टी के इन्ही गुणों और पवित्रता के कारण हमारे यहाँ पुरी के मंदिरों (उड़ीसा) के अलावा कई मंदिरों में आज भी मिट्टी के बर्तनों में प्रसाद बनता है।
अधिक जानकारी के लिए पुरी के मंदिर की रसोईं देखें।
मिट्टी के बर्तनों का उपयोग आज के समय में क्यों है जरूरी, जानिए इस्तेमाल करने का तरीका।
आजकल हमारे पास कई तरह के नॉनस्टिक पैन या बर्तन हैं लेकिन मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने के अपने फायदे हैं जिनके बारे में हम में से बहुत से लोगों को जानकारी नहीं है. मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने से न केवल कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं बल्कि यह हमारे खाना पकाने की प्रक्रिया को भी आसान बनाता है और साथ ही हमें अधिक स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन देता है. इसके कई स्वास्थ्य लाभों के कारण, आयुर्वेद भी मिट्टी के बर्तन में भोजन पकाने का सुझाव देता है. इसके अलावा मिट्टी के बर्तन में खाना बनाना एक सामान्य बर्तन में पकाने से बहुत बेहतर है क्योंकि यह हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार करता है.
खाना पकाने के लिए हमें मिट्टी के बर्तनों का उपयोग क्यों करना चाहिए?
मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने की शुरुआत करने का सबसे ठोस कारण यह है कि यह आपके भोजन में हानिकारक धातुओं की कमी नहीं करता है. मिट्टी के बर्तन न केवल आपके और आपके भोजन के लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी अच्छे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने के स्वास्थ्य लाभ बहुत बड़े हैं. सबसे पहले, वे आपके भोजन में लोहा, कैल्शियम, फॉस्फोरस, सल्फर और मैग्नीशियम जैसे कई आवश्यक पोषक तत्व शामिल करते हैं जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने के लिए भी तेल की आवश्यकता नहीं होती है और इसलिए, यह देखा गया है कि मिट्टी के बर्तनों में पकाया गया भोजन किसी अन्य बर्तन में तैयार भोजन की तुलना में वसा में कम होता है।
मिट्टी के बर्तन के फायदे
मिट्टी के बर्तन किफायती और आसानी से उपलब्ध होते हैं
कई दुकानें हैं जो मिट्टी के बर्तन बेचती हैं जिससे आपको इसे खरीदने में कोई परेशानी नहीं होगी. किसी भी अन्य प्रकार के खाना पकाने के बर्तन की तुलना में मिट्टी के बर्तन काफी सस्ते होते हैं. आप अपनी जेब बिना ढीले किये भी इन्हें आसानी से विभिन्न आकारों में खरीद सकते हैं.
यह भोजन के पोषण को बनाए रखते हैं
मिट्टी के बर्तन भोजन के पोषण को बनाए रखते हैं जो आमतौर पर अन्य प्रकार के बर्तनों में खो जाता है. मिट्टी के बर्तनों में थर्मल जड़ता मांस को लंबे समय तक कोमल और नरम रखने के विशेष गुण होते है जिससे वह जल्दी सख्त नहीं होता.
कम तेल का उपयोग
इसकी गर्मी प्रतिरोध और धीमी गति से खाना पकाने के कारण, भोजन अपने सभी तेलों और नमी को बरकरार रखता है; नतीजतन, आपको अपने भोजन को नमी प्रदान करने के लिए अतिरिक्त तेल और वसा की आवश्यकता नहीं होगी।
मिट्टी के बर्तन स्वादिष्ट भोजन सुनिश्चित करते हैं
मिट्टी के बर्तनों की धीमी गति से खाना पकाने और झरझरा प्रकृति के कारण, बर्तन में नमी और सुगंध बिना किसी पोषक तत्व को खोए रहती है, जिससे यह स्वादिष्ट होता है.इसके अलावा, इसमें खाना बनाने से मिट्टी का स्वाद आपके खाने को और स्वादिष्ट बनाता है जो कि आपको किसी अन्य बर्तन में नहीं मिल सकता है.
मिट्टी के बर्तनों का उपयोग कैसे करें
हर बार मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करने से पहले आपको इसे पानी में भिगोने की ज़रूरत होती है (अगर बिना पका हुआ हो). कम से कम 10-15 मिनट के लिए इसको ठंडे पानी में डुबो दें. फिर यह खाने पकाने के लिए तैयार है. यह भी याद रखें कि मिट्टी के बर्तन तापमान परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होते हैं और आसानी से टूट जाते है इसलिए इसे कभी भी अत्यधिक तापमान में न रखें।
सिद्धा आयुर्वेदा
9172534679
www.siddhaayurveda.com