Yogis Temple -

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We provide yoga training in Delhi and NCR region, Personal training, corporate classes, Group Training , Kids Yoga etc.Our Yoga and Meditation Classes Studio / Center in Located in Delhi. Styles of Yoga We teach are : Power Yoga, Classical Hatha, Ashtanga Vinyasa, Flow, Sivananda, etc.We serve in Pitampura, Punjabi Bagh, East Delhi, North Delhi, West Delhi, Ghaziabad : Indirapuram, Vasundhara, Faridabad, Gurgaon etc. Do call Us for personal or group training.

11/05/2021

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28/04/2020

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Meditation , pranayam , hatha , ashtang yoga

Heart Blockages*हमारे  देश  भारत  मे  3000 साल  पहले  एक  बहुत  बड़े ऋषि  हुये  थे.**उनका  नाम  था* *महाऋषि वागवट  जी !!...
30/09/2019

Heart Blockages

*हमारे देश भारत मे 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे.*

*उनका नाम था* *महाऋषि वागवट जी !!*

*उन्होने एक पुस्तक लिखी थी*

*जिसका नाम है* *अष्टांग* *हृदयम!!*

*(Astang hrudayam)*

*और इस पुस्तक मे उन्होने*

*बीमारियो को ठीक करने के* *लिए* *7000* *सूत्र लिखें थे !*

*यह उनमे से ही एक सूत्र है !!*

*वागवट जी लिखते है कि कभी भी हृदय को घात हो रहा है !*

*मतलब दिल की नलियों मे blockage होना शुरू हो रहा है !*

*तो इसका मतलब है कि रकत (blood) मे , acidity (अम्लता ) बढ़ी हुई है !*

*अम्लता आप समझते है !*

*जिसको अँग्रेजी मे कहते है acidity !!*

*अम्लता दो तरह की होती है !*

*एक होती है पेट कि अम्लता !*

*और एक होती है रक्त (blood) की अम्लता !!*

*आपके पेट मे अम्लता जब बढ़ती है !*

*तो आप कहेंगे पेट मे .जलन सी हो रही है !!*

*खट्टी खट्टी डकार आ रही है !*

*मुंह से पानी निकाल रहा है !*

*और अगर ये अम्लता (acidity) और बढ़ जाये !*

*तो hyperacidity होगी !*

*और यही पेट की अम्लता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त मे आती है तो रक्त अम्लता (blood acidity) होती !!*

*और जब blood मे acidity बढ़ती है तो ये अम्लीय रक्त (blood) दिल की नलियो मे से निकल नहीं पाता !*

*और नलिया मे blockage कर देता है !*

*तभी heart attack होता है !! इसके बिना heart attack नहीं होता !!*

*और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं !*

*क्योंकि इसका इलाज सबसे सरल है !!*

*इलाज क्या है ??*

*वागबट जी लिखते है कि जब रक्त (blood) मे अम्लता (acidity) बढ़ गई है !*

*तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो क्षारीय है !*

*आप जानते है दो तरह की चीजे होती है !*

*अम्लीय और क्षारीय !!*

*acidic and alkaline*

*अब अम्ल और क्षार को मिला दो तो क्या होता है ! ?????*

*acid and alkaline को मिला दो तो क्या होता है ?????*

*neutral*

*होता है सब जानते है !!*

*तो वागबट जी लिखते है !*

*कि रक्त की अम्लता बढ़ी हुई है तो क्षारीय (alkaline) चीजे खाओ !*

*तो रक्त की अम्लता (acidity) neutral हो जाएगी !!!*

*और रक्त मे अम्लता neutral हो गई !*

*तो heart attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं !!*

*ये है सारी कहानी !!*

*अब आप पूछोगे जी ऐसे कौन सी चीजे है जो क्षारीय है और हम खाये ?????*

*आपके रसोई घर मे ऐसी बहुत सी चीजे है जो क्षारीय है !*

*जिनहे आप खाये तो कभी heart attack न आए !*

*और अगर आ गया है !*

*तो दुबारा न आए !!*

*सबसे ज्यादा आपके घर मे क्षारीय चीज है वह है लौकी !!*

*जिसे दुधी भी कहते है !!*

*English मे इसे कहते है bottle gourd !!!*

*जिसे आप सब्जी के रूप मे खाते है !*

*इससे ज्यादा कोई क्षारीय चीज ही नहीं है !*

*तो आप रोज लौकी का रस निकाल-निकाल कर पियो !!*

*या कच्ची लौकी खायो !!*

*वागवतट जी कहते है रक्त की अम्लता कम करने की सबसे ज्यादा ताकत लौकी मे ही है !*

*तो आप लौकी के रस का सेवन करे !!*

*कितना सेवन करें ?????????*

*रोज 200 से 300 मिलीग्राम पियो !!*

*कब पिये ??*

*सुबह खाली पेट (toilet जाने के बाद ) पी सकते है !!*

*या नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते है !!*

*इस लौकी के रस को आप और ज्यादा क्षारीय बना सकते है !*

*इसमे 7 से 10 पत्ते के तुलसी के डाल लो*

*तुलसी बहुत क्षारीय है !!*

*इसके साथ आप पुदीने के 7 से 10 पत्ते मिला सकते है !*

*पुदीना बहुत क्षारीय है !*

*इसके साथ आप काला नमक या सेंधा नमक जरूर डाले !*

*ये भी बहुत क्षारीय है !!*

*लेकिन याद रखें*
*नमक काला या सेंधा ही डाले !*
*वो दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डाले !!*

*ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है !!!!*

*तो मित्रों आप इस लौकी के जूस का सेवन जरूर करे !!*

*2 से 3 महीने कि अवधि मे आपकी सारी heart की blockage को ठीक कर देगा !!*

*21 वे दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा !!!*

*कोई आपरेशन की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी !!*

*घर मे ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा !!*

*और आपका अनमोल शरीर और लाखो रुपए आपरेशन के बच जाएँगे !!*

Ashtanga Vinyasa | Meditation | Therapy | Body Alignment | Power Yoga | Yin Yoga | Batches 5-6am | 6-7 am | 7-8 am | 4-5pm | 5-6 pm

19/08/2019

अपने डॉक्टर खुद बने
〰〰🔸〰🔸〰〰
1= नमक केवल सेन्धा प्रयोग करें।थायराइड, बी पी, पेट ठीक होगा।
2=कुकर स्टील का ही काम में लें। एल्युमिनियम में मिले lead से होने वाले नुकसानों से बचेंगे
3=तेल कोई भी रिफाइंड न खाकर केवल तिल, सरसों, मूंगफली, नारियल प्रयोग करें। रिफाइंड में बहुत केमिकल होते हैं जो शरीर में कई तरह की बीमारियाँ पैदा करते हैं ।
4=सोयाबीन बड़ी को 2 घण्टे भिगो कर, मसल कर ज़हरीली झाग निकल कर ही प्रयोग करें।
5= रसोई में एग्जास्ट फैन जरूरी है, प्रदूषित हवा बाहर करें।
6= काम करते समय स्वयं को अच्छा लगने वाला संगीत चलाएं।खाने में अच्छा प्रभाव आएगा और थकान कम होगी।
7= देसी गाय के घी का प्रयोग बढ़ाएं।अनेक रोग दूर होंगे, वजन नहीं बढ़ता।
8=ज्यादा से ज्यादा मीठा नीम/कढ़ी पत्ता खाने की चीजों में डालें, सभी का स्वास्थ्य ठीक करेगा।
9=ज्यादा चीजें लोहे की कढ़ाई में ही बनाएं। आयरन की कमी किसी को नहीं होगी।
10=भोजन का समय निश्चित करें, पेट ठीक रहेगा। भोजन के बीच बात न करें, भोजन ज्यादा पोषण देगा।
11=नाश्ते में अंकुरित अन्न शामिल करें। पोषक विटामिन, फाइबर मिलेंगें।
12=सुबह के खाने के साथ देशी गाय के दूध का बना ताजा दही लें, पेट ठीक रहेगा।
13=चीनी कम से कम प्रयोग करें, ज्यादा उम्र में हड्डियां ठीक रहेंगी।
14=चीनी की जगह बिना मसले का गुड़ या देशी शक्कर लें।
15= छौंक में राई के साथ कलौंजी का भी प्रयोग करें, फायदे इतने कि लिख ही नहीं सकते।
16= चाय के समय, आयुर्वेदिक पेय की आदत बनाएं व निरोग रहेंगे.
17- डस्ट बिन एक रसोई में एक बाहर रखें, सोने से पहले रसोई का कचरा बाहर के डस्ट बिन में डालें।
18- रसोई में घुसते ही नाक में घी या सरसों तेल लगाएं, सर और फेफड़े स्वस्थ रहेंगें।
19- करेले, मैथी, मूली याने कड़वी सब्जियां भी खाएँ, रक्त शुद्ध रहेगा।
20- पानी मटके वाले से ज्यादा ठंडा न पिएं, पाचन व दांत ठीक रहेंगे।
21- प्लास्टिक, एल्युमिनियम रसोई से हटाये, केन्सर कारक हैं।
22- माइक्रोवेव ओवन का प्रयोग केन्सर कारक है।
23- खाने की ठंडी चीजें कम से कम खाएँ, पेट और दांत को खराब करती हैं।
24- बाहर का खाना बहुत हानिकारक है, खाने से सम्बंधित ग्रुप से जुड़कर सब घर पर ही बनाएं।
25- तली चीजें छोड़ें, वजन, पेट, एसिडिटी ठीक रहेंगी।
26- मैदा, बेसन, छौले, राजमां, उड़द कम खाएँ, गैस की समस्या से बचेंगे।
27- अदरक, अजवायन का प्रयोग बढ़ाएं, गैस और शरीर के दर्द कम होंगे।
28- बिना कलौंजी वाला अचार हानिकारक होता है।
29- पानी का फिल्टर R O वाला हानिकारक है। U V वाला ही प्रयोग करें, सस्ता भी और बढ़िया भी।
30- रसोई में ही बहुत से कॉस्मेटिक्स हैं, इस प्रकार के ग्रुप से जानकारी लें।
31- रात को आधा चम्मच त्रिफला एक कप पानी में डाल कर रखें, सुबह कपड़े से छान कर इस जल से आंखें धोएं, चश्मा उतर जाएगा। छान कर जो पाउडर बचे उसे फिर एक गिलास पानी में डाल कर रख दें। रात को पी जाएं। पेट साफ होगा, कोई रोग एक साल में नहीं रहेगा।
32- सुबह रसोई में चप्पल न पहनें, शुद्धता भी, एक्यू प्रेशर भी।
33- रात का भिगोया आधा चम्मच कच्चा जीरा सुबह खाली पेट चबा कर वही पानी पिएं, एसिडिटी खतम।
34- एक्यूप्रेशर वाले पिरामिड प्लेटफार्म पर खड़े होकर खाना बनाने की आदत बना लें तो भी सब बीमारी शरीर से निकल जायेगी।
35- चौथाई चम्मच दालचीनी का कुल उपयोग दिन भर में किसी भी रूप में करने पर निरोगता अवश्य होगी।
36- रसोई के मसालों से बना चाय मसाला स्वास्थ्यवर्धक है।
37- सर्दियों में नाखून बराबर जावित्री कभी चूसने से सर्दी के असर से बचाव होगा।
38- सर्दी में बाहर जाते समय 2 चुटकी अजवायन मुहं में रखकर निकलिए, सर्दी से नुकसान नहीं होगा.
39. रस निकले नीबू के चौथाई टुकड़े में जरा सी हल्दी, नमक, फिटकरी रख कर दांत मलने से दांतों का कोई भी रोग नहीं रहेगा
40- कभी-कभी नमक-हल्दी में 2 बून्द सरसों का तेल डाल कर दांतों को उंगली से साफ करें, दांतों का कोई रोग टिक नहीं सकता।
41- बुखार में 1 लीटर पानी उबाल कर 250 ml कर लें, साधारण ताप पर आ जाने पर रोगी को थोड़ा थोड़ा दें, दवा का काम करेगा।
42- सुबह के खाने के साथ घर का जमाया देशी गाय के ताजा दही जरूर शामिल करें, प्रोबायोटिक का काम करेगा.
〰〰🔸〰〰🔸〰〰🔸〰〰

10/07/2019

🌹🌹🌹एलर्जी🌹🌹🌹

बदलते मौसम के सुबह शाम के तापमान के परिवर्तन,धूल-धुएं और खुशबू से शुरू हो जाने वाली छींके,नाक बहने, गले में छिलन का इलाज, एंटीबायोटिक दवाओं से, विक्स इन्हेलर जैसी चीजों को सूंघने से टेम्परेरी तौर पर हो तो जाता है,पर वही स्थिति अति शीघ्र फिर से बन जाती है।
🌷🌷यह सर्दी,जुकाम नहीं है,एलर्जी है,जो शारीरिक रोग प्रतिरोधक शक्ति कम होने का परिणाम है।🌷🌷

प्रतिरोधक शक्ति के लिए---
🍀शरीर से पसीना न निकलने देना।
🍀बाजार की चटपटी चीजें व पैकिंग वाली चीजें,जिनमें प्रिजर्वेटिव जैसे केमिकल होते ही हैं,खाना।
🍀विटामिन वाली प्राकृतिक चीजें,जैसे सभी मौसमी फल,सलाद,पत्ते वाली हरी सब्जियां इत्यादि न खाना।
🍀व्यायाम,योगासन,खेल कूद,की कमी,जिससे पसीना निकले।
🍀कूलर,AC का प्रयोग,जिनसे पसीना आये ही न,शरीर को ठंडा रखने के लिए,कोल्ड ड्रिंक,आइसक्रीम इत्यादि का प्रयोग करना।
🍀चटपटी,तेज मिर्च मसाले वाली चीजें जैसे---पिज्जा,बर्गर,चाउमीन,नूडल्स,मोमोज,गोलगप्पे,चाट वगैरह खाना।
🍀शारीरिक मालिश नहीं,धूप का सेवन नहीं।
🍀भारी कामों से बचना।
🍀आयुर्वेदानुसार सुझाये गए सोने,उठने,खाने,पीने के के नियम न मानना।
🍀बाजारी रेडीमेड चीजों----रसोई के मसाले, पैकेट बन्द,पकोड़े का पौडर,लहसुन(गार्लिक पेस्ट),डोसे का पैकेट,गुलाब जामुन रेडीमेड पैकेट,ठंडाई का पैकेट,वगैरह वगैरह का प्रयोग करना।
🍀माइक्रो वेव ओवन,एल्युमिनियम का कुकर,पानी का RO वाला फिल्टर,नॉन स्टिक बर्तन,एल्युमिनियम व प्लास्टिक के बर्तनों व डब्बों का प्रयोग।
🍀हर समय ठंडा पानी पीना।
🍀नहाने में गुनगुना पानी प्रयोग न करके ज्यादा गर्म पानी का प्रयोग करना।
🍀कॉस्मेटिक्स के रूप में प्राकृतिक वस्तुओं का प्रयोग न कर केमिकल वाली कॉसमटिक्स का प्रयोग।
🍀हवन,देसी घी का दीपक,धूप इत्यादि से घर का वातावरण शुद्ध न करना।
🍀कीड़ों,मकोड़ों,मख्खियों, मच्छरों,को मारने के प्राकृतिक साधनों को प्रयोग न कर केमिकल वाली वस्तुओं का प्रयोग।
🍀सर में तेल न लगाना,नाभि में तेल न लगाना।
🍀स्नेक्स के रूप में---भुने चने,सिकी मूंगफली,मुरमुरे, सत्तू,परमल, का प्रयोग न करना।
🍀चाय,कॉफी का ज्यादा प्रयोग करना।
🍀तली चीजें का ज्यादा प्रयोग करना।
🍀सिंथेटिक कपड़ों,पर्दों, प्लास्टिक फर्नीचर का घर में होना।
🍀घर में तुलसी न होना,All Out का प्रयोग।
🍀छोटे बच्चों को बचपन में कड़वी जन्म घुट्टी न देना।
🍀बच्चों को देसी घरेलू इलाज,दादी के नुस्खे, होम्योपेथी दवा न देकर सीधे एलोपैथिक डॉ का इलाज कराना।
🍀घर में TV का ज्यादा चलना,शंख ध्वनि न करना।
🍀घर में प्राकृतिक धूप,हवा,रोशनी की कमी।
🍀सुबह शाम घर में मधुर संगीत,भजन की ध्वनि न होना।
🍀सभी पारिवारिक सदस्यों का एक साथ भोजन न करना।
🍀🍀🍀🍀
"एलर्जी " एक आम शब्द , जिसका प्रयोग हम कभी किसी ख़ास व्यक्ति से "मुझे एलर्जी है" के रूप में करते हैं. ऐसे ही हमारा शरीर भी ख़ास रासायनिक उद्दीपकों के प्रति अपनी असहज प्रतिक्रया को ' एलर्जी ' के रूप में दर्शाता है.

बारिश के बाद आयी धूप तो ऐसे रोगियों क़ी स्थिति को और भी दूभर कर देती है. ऐसे लोगों को अक्सर अपने चेहरे पर रूमाल लगाए देखा जा सकता है. क्या करें छींक के मारे बुरा हाल जो हो जाता है.

हालांकि एलर्जी के कारणों को जानना कठिन होता है , परन्तु कुछ आयुर्वेदिक उपाय इसे दूर करने में कारगर हो सकते हैं. आप इन्हें अपनाएं और एलर्जी से निजात पाएं !

🌷 नीम चढी गिलोय के डंठल को छोटे टुकड़ों में काटकर इसका रस हरिद्रा खंड चूर्ण के साथ 1.5 से 3 ग्राम का नियमित प्रयोग पुरानी से पुरानी एलर्जी में रामबाण औषधि है।

🌷गुनगुने निम्बू पानी का प्रातःकाल नियमित प्रयोग शरीर सें विटामिन - सी की मात्रा की पूर्ति कर एलर्जी के कारण होने वाले नजला - जुखाम जैसे लक्षणों को दूर करता है।

🌷अदरक, काली मिर्च , तुलसी के चार पत्ते , लौंग एवं मिश्री को मिलाकर बनायी गयी ' हर्बल चाय ' एलर्जी से निजात दिलाती है,यह बनी बनाई पतंजलि स्टोर से ""दिव्य पेय"" के नाम से मिलती है।

🌷बरसात के मौसम में होनेवाले विषाणु ( वायरस ) संक्रमण के कारण ' फ्लू ' जनित लक्षणों को नियमित ताजे चार नीम के पत्तों को चबा कर दूर किया जा सकता है।

🌷आयुर्वेदिक दवाई "" सितोपलादि चूर्ण ""एलर्जी के रोगियों में चमत्कारिक प्रभाव दर्शाती है।

🌷नमक के पानी से ' कुंजल क्रिया ' एवं ' नेती क्रिया " कफ दोष को बाहर निकालकर पुरानी से पुरानी एलर्जी को दूर करने में मददगार होती है।

🌷पंचकर्म की प्रक्रिया ""नस्य"" का चिकित्सक के परामर्श से प्रयोग ' एलर्जी ' से बचाव ही नहीं इसकी सफल चिकित्सा है।

🌷प्राणायाम में ""कपालभाती"" नियमित करना, एलर्जी से मुक्ति का सरल उपाय है।

कुछ सावधानियां जिन्हें अपनाकर आप एलर्जी से खुद को दूर रख सकते हैं : -

• धूल , धुआं एवं फूलों के परागकण आदि के संपर्क से बचाव.

• अत्यधिक ठंडी एवं गर्म चीजों के सेवन स

09/07/2019

🌷🌷कमर दर्द/LUMBAGO🌷🌷

🌹🌹अहमदाबाद की
गाला पब्लिकेशन की किताब
""अलविदा कमर दर्द"" हर घर में रखने योग्य किताब, बुक स्टोर,रेलवे बुक स्टाल पर ढूंढें,बहुत बढ़िया किताब है,हर प्रकार के कमर दर्द का इलाज केवल विभिन्न व्यायामों से।🌹🌹

*कमर दर्द/LUMBAGO:-*
कमर के निचले हिस्से की (कशेरुका/vertebra-L4,L5 और कभी कभी L6 भी)रीढ़ की हड्डी खिसकने से,नसें दब जाने से तेज दर्द हो जाता है,जिसे
🌻चनक चले जाना
🌻चूक निकल जाना
🌻Lumbago
कहते हैं,कुछ डॉ व रोगी इसे गलती से ""स्लिप डिस्क"" भी समझ लेते हैं।स्लिप डिस्क में रोगी न तो करवट ले सकता है,न सोते से उठकर बैठ सकता है।

जमीन से कुछ उठाते समय घुटने अवश्य ही मुड़ने चाहिए,इस लापरवाही से ही दर्द की शुरुआत होती है, अगर फिर भी ध्यान न रखा जाए तो दर्द बार बार होता रहता है।

बिस्तर से करवट लेकर कोहनी के बल उठकर ही बैठना चाहिए।गाड़ी में किक बिल्कुल न मारें।

कुर्सी पर बैठे हों तो कमर कुर्सी से लगी हुई और पेट बाहर निकला होना चाहिए, जबकि हम आगे झुककर बैठते हैं।

व्यायाम या योगासन न करते रहने से शारीरिक लचक कम होते जाना ही कमर दर्द का मुख्य कारण बनता है।

🌹🌹उपाय🌹🌹

1⃣*जो भी तेल घर में हो,उसमें दोनों हाथों के अंगूठे डुबो कर,कमर के नीचे के हिस्से में कूल्हे के उपर दोनों तरफ की उभरी हड्डियों पर स्वयं ही अंगूठों से किसी भी प्रकार से घुमा कर मालिश करें।ऐसा 3 बार करें।*

2⃣इसके बाद तेल लगे अंगूठों को L6 से L3 तक केवल ऊपर से नीचे मालिश करें।ऐसा 3 बार करें।
3⃣दरवाजे के हैंडल,रेलिंग जैसा कुछ पकड़ कर 10 बार आराम से उठक बैठक भी लगाएं।

यह सब सुबह,दोपहर खाने से पहले, शाम 5-6 बजे और रात सोने से पहले करें।मतलब खाली पेट ही करें।
4⃣आल्थी-पालथी मार कर न बैठें,घटने के ऊपर घुटना चढ़ाकर न बैठें,चलना बन्द न करें,चलने से जल्दी ठीक होंगे।सीढ़ियां आराम से चढ़ें।
5⃣भारी कामों से बचें व भार लेकर न चलें।
6⃣बाजार से हवा वाला तकिया,मिले तो Duckback कम्पनी का लें।
हवा पूरी तरह भरकर आड़े तरीके से कमर के पीछे रखकर ही बैठें, इस तरह से तकिया कमर को सही स्थिति में पीछे से दबाकर रीढ़ को उचित स्थिति में रखता है जिससे कशेरुका अपनी वास्तविक स्थिति में शीघ्र आती है,दबी नस को वापिस सही जगह आने में बहुत सहायता मिलती है।
जब तक दर्द रहें हवा वाले तकिये को हमेशा,हर जगह प्रयोग करें।
*दर्दों को कम करने के लिए दोनों समय भोजन के बाद थोड़े पानी से 2 गोली ""विष्तिन्दुक वटी"" ले सकते हैं।*
दर्द कम होने पर गोली 1-1कर दें।

*उपरोक्त मालिश से अभूतपूर्व लाभ होता है,दर्द होते ही शुरू करें।*

*अगर दर्द बहुत पुराना हो या कारण स्पष्ट न हो तो विश्व प्रसिद्ध होम्योपैथिक जर्मन कम्पनी ""रेकेवेग"" की दवा R 11 का प्रयोग करें।*
*2-2 घण्टे पर 10 बूंदें 2 चम्मच पानी में ले।तीव्र अवस्था में 1-1घण्टे अथवा 30-30 मिनट पर भी ले सकते हैं,लाभ होते जाने पर दवा का अंतराल बढ़ाते जाएं और दिन में 3 बार तक आ जाएं।दर्द ठीक हो जाने के बाद भी 10 दिन और लें।*

खाने पीने के साथ दवा का आगे पीछे 30 मिनट का अंतराल रखें व अन्य दवाओं के साथ 45 मिनट का अंतराल रखें।
कॉफी बिल्कुल न लें और चाय जितनी कम लेंगे उतना ज्यादा लाभ होगा।
किसी भी स्थिति में सूखी सब्जी,तली चीजें न लें।पेट साफ रखने के रात सोते समय एक चम्मच त्रिफला गुनगुने पानी से लें।
जिनको गैस बनती है,उनकी नसों में गैस जमा होने पर दवाइयों से भी लाभ नहीं होता।🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃कालरा अजमेर

09/07/2019

*पित्त की थैली को पथरी के लिए इलाज*

1 व्यक्ति की खुराक

1मुठी गुडहल के ताजे पते
1मुठी बथुवे के ताजे पते

दोनों को धोकर साफ करें और सिलबट्टे पर खूब घुटाई करें ।
अच्छी तरह घुटाई हो जाने पर इसमे 1 गिलास पानी उबाल कर ठंडा किया हुवा
डालकर मिक्स कर लें।
अब किसी से दुपट्टे से छान कर सुबह खाली पेट पिएं
और 2 घण्टे कुछ भी खाए पिये नही ।
ये ओषधि 5 दिन तक काम करेगी ।
5 दिन बाद दोबारा लेंवे ।
5 दिनमे करीब 4 से 5mm पथरी घुलकर
कम हो जाती है ।
परहेज: आचार , तली हुई चीजें , टमाटर , आलू ,चावल ,अरबी आदि ।

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Vaishali, Pitampura
Delhi
110034

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