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15/06/2019

लीवर की देखभाल

आज कल चंहु और लीवर के मरीज हैं, किसी को पीलिया हैं, किसी का लीवर सूजा हुआ हैं, किसी का फैटी हैं, और डॉक्टर बस नियमित दवाओ पर चला देते हैं मरीज को, मगर आराम किसी को मुश्किल से ही आते देखा हैं।

लीवर हमारे शरीर का सबसे मुख्‍य अंग है, यदि आपका लीवर ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर पा रहा है तो समझिये कि खतरे की घंटी बज चुकी है। लीवर की खराबी के लक्षणों को अनदेखा करना बड़ा ही मुश्‍किल है और फिर भी हम उसे जाने अंजाने अनदेखा कर ही देते हैं।

* लीवर की खराबी होने का कारण ज्‍यादा तेल खाना, ज्‍यादा शराब पीना और कई अन्‍य कारणों के बारे में तो हम जानते ही हैं। हालाकि लीवर की खराबी का कारण कई लोग जानते हैं पर लीवर जब खराब होना शुरु होता है तब हमारे शरीर में क्‍या क्‍या बदलाव पैदा होते हैं यानी की लक्षण क्‍या हैं, इसके बारे में कोई नहीं जानता।

वे लोग जो सोचते हैं कि वे शराब नहीं पीते तो उनका लीवर कभी खराब नहीं हो सकता तो वे बिल्‍कुल गलत हैं।

* क्‍या आप जानते हैं कि मुंह से गंदी बदबू आना भी लीवर की खराबी हो सकती है। क्‍यों चौंक गए ना?

* हम आपको कुछ परीक्षण बताएंगे जिससे आप पता लगा सकते हैं कि क्‍या आपका लीवर वाकई में खराब है। कोई भी बीमारी कभी भी चेतावनी का संकेत दिये बगैर नहीं आती, इसलिये आप सावधान रहें।

* मुंह से बदबू -यदि लीवर सही से कार्य नही कर रहा है तो आपके मुंह से गंदी बदबू आएगी। ऐसा इसलिये होता है क्‍योकि मुंह में अमोनिया ज्‍याद रिसता है।

* लीवर खराब होने का एक और संकेत है कि स्‍किन क्षतिग्रस्‍त होने लगेगी और उस पर थकान दिखाई पडने लगेगी। आंखों के नीचे की स्‍किन बहुत ही नाजुक होती है जिस पर आपकी हेल्‍थ का असर साफ दिखाई पड़ता है।

* पाचन तंत्र में खराबी यदि आपके लीवर पर वसा जमा हुआ है और या फिर वह बड़ा हो गया है, तो फिर आपको पानी भी नहीं हजम होगा।

* त्‍वचा पर सफेद धब्‍बे यदि आपकी त्‍वचा का रंग उड गया है और उस पर सफेद रंग के धब्‍बे पड़ने लगे हैं तो इसे हम लीवर स्‍पॉट के नाम से बुलाएंगे।

* यदि आपकी पेशाब या मल हर रोज़ गहरे रंग का आने लगे तो लीवर गड़बड़ है। यदि ऐसा केवल एक बार होता है तो यह केवल पानी की कमी की वजह से हो सकता है।

* यदि आपके आंखों का सफेद भाग पीला नजर आने लगे और नाखून पीले दिखने लगे तो आपको जौन्‍डिस हो सकता है। इसका यह मतलब होता है कि आपका लीवर संक्रमित है।

* लीवर एक एंजाइम पैदा करता है जिसका नाम होता है बाइल जो कि स्‍वाद में बहुत खराब लगता है। यदि आपके मुंह में कडुआहर लगे तो इसका मतलब है कि आपके मुंह तब बाइल पहुंच रहा है।

* जब लीवर बड़ा हो जाता है तो पेट में सूजन आ जाती है, जिसको हम अक्‍सर मोटापा समझने की भूल कर बैठते हैं।

* मानव पाचन तंत्र में लीवर एक म‍हत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है। विभिन्‍न अंगों के कार्यों जिसमें भोजन चयापचय, ऊर्जा भंडारण, विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलना, डिटॉक्सीफिकेशन, प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन और रसायनों का उत्‍पादन शामिल हैं। लेकिन कई चीजें जैसे वायरस, दवाएं, आनुवांशिक रोग और शराब लिवर को नुकसान पहुंचाने लगती है। लेकिन यहां दिये उपायों को अपनाकर आप अपने लीवर को मजबूत और बीमारियों से दूर रख सकते हैं।

करे ये घरेलू कुछ उपाय :-
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* हल्‍दी लीवर के स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार करने के लिए अत्‍यंत उपयोगी होती है। इसमें एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते है और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करती है। हल्दी की रोगनिरोधन क्षमता हैपेटाइटिस बी व सी का कारण बनने वाले वायरस को बढ़ने से रोकती है। इसलिए हल्‍दी को अपने खाने में शामिल करें या रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर पिएं

* सेब का सिरका, लीवर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। भोजन से पहले सेब के सिरके को पीने से शरीर की चर्बी घटती है। सेब के सिरके को आप कई तरीके से इस्‍तेमाल कर सकते हैं- एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाएं, या इस मिश्रण में एक चम्मच शहद मिलाएं। इस म‍िश्रण को दिन में दो से तीन बार लें।

* आंवला विटामिन सी के सबसे संपन्न स्रोतों में से एक है और इसका सेवन लीवर की कार्यशीलता को बनाये रखने में मदद करता है। अध्ययनों ने साबित किया है कि आंवला में लीवर को सुरक्षित रखने वाले सभी तत्व मौजूद हैं। लीवर के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए आपको दिन में 4-5 कच्चे आंवले खाने चाहिए.

* पपीता लीवर की बीमारियों के लिए सबसे सुरक्षित प्राकृतिक उपचार में से एक है, विशेष रूप से लीवर सिरोसिस के लिए। हर रोज दो चम्मच पपीता के रस में आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर पिएं। इस बीमारी से पूरी तरह निजात पाने के लिए इस मिश्रण का सेवन तीन से चार सप्ताहों के लिए करें.

* सिंहपर्णी जड़ की चाय लीवर के स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने वाले उपचारों में से एक है। अधिक लाभ पाने के लिए इस चाय को दिन में दो बार पिएं। आप चाहें तो जड़ को पानी में उबाल कर, पानी को छान कर पी सकते हैं। सिंहपर्णी की जड़ का पाउडर बड़ी आसानी से मिल जाएगा।

* लीवर की बीमारियों के इलाज के लिए मुलेठी का इस्‍तेमाल कई आयुर्वेदिक औषधियों में किया जाता है। इसके इस्‍तेमाल के लिए मुलेठी की जड़ का पाउडर बनाकर इसे उबलते पानी में डालें। फिर ठंड़ा होने पर छान लें। इस चाय रुपी पानी को दिन में एक या दो बार पिएं।

* फीटकोंस्टीटूएंट्स की उपस्थिति के कारण, अलसी के बीज हार्मोंन को ब्‍लड में घूमने से रोकता है और लीवर के तनाव को कम करता है। टोस्‍ट पर, सलाद में या अनाज के साथ अलसी के बीज को पीसकर इस्‍तेमाल करने से लिवर के रोगों को दूर रखने में मदद करता है

* एवोकैडो और अखरोट को अपने आहार में शामिल कर आप लीवर की बीमारियों के आक्रमण से बच सकते हैं। एवोकैडो और अखरोट में मौजूद ग्लुटथायन, लिवर में जमा विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर इसकी सफाई करता है।

* पालक और गाजर का रस का मिश्रण लीवर सिरोसिस के लिए काफी लाभदायक घरेलू उपाय है। पालक का रस और गाजर के रस को बराबर भाग में मिलाकर पिएं। लीवर की मरम्मत के लिए इस प्राकृतिक रस को रोजाना कम से कम एक बार जरूर पिएं

* सेब और पत्तेदार सब्जियों में मौजूद पेक्टिन पाचन तंत्र में उपस्थित विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल कर लीवर की रक्षा करता है। इसके अलावा, हरी सब्जियां पित्त के प्रवाह को बढ़ाती हैं।

* एक पौधा और है जो अपने आप उग आता है , जिसकी पत्तियां आंवले जैसी होती है. इन्ही पत्तियों के नीचे की ओर छोटे छोटे फुल आते है जो बाद में छोटे छोटे आंवलों में बदल जाते है . इसे भुई आंवला कहते है. इस पौधे को भूमि आंवला या भू- धात्री भी कहा जाता है .यह पौधा लीवर के लिए बहुत उपयोगी है.इसका सम्पूर्ण भाग , जड़ समेत इस्तेमाल किया जा सकता है.तथा कई बाज़ीगर भुई आंवला के पत्ते चबाकर लोहे के ब्लेड तक को चबा जाते हैं . ये यकृत ( लीवर ) की यह सबसे अधिक प्रमाणिक औषधि है . लीवर बढ़ गया है या या उसमे सूजन है तो यह पौधा उसे बिलकुल ठीक कर देगा . बिलीरुबिन बढ़ गया है , पीलिया हो गया है तो इसके पूरे पढ़े को जड़ों समेत उखाडकर , उसका काढ़ा सुबह शाम लें . सूखे हुए पंचांग का 3 ग्राम का काढ़ा सवेरे शाम लेने से बढ़ा हुआ बाईलीरुबिन ठीक होगा और पीलिया की बीमारी से मुक्ति मिलेगी

10/09/2018

सूजन, सुन्न, झनझनाहट उपचार

हाथ पैरों का सुन्न होना, हाथ पैरों में झनझनाहट होना, उंगलियों में सूजन आना, दर्द, जलन होना सर्दी, ठंड़ मौसम में अकसर काफी बढ़ जाती है। हाथ, पैरों के सूजन, दर्द, झनझनाहट, सुन्न जैसे शरीरिक समस्यों से छुटकारे के लिए घरेलू तरीकों और सावधानियों को ध्यान में रखकर आसानी से ठीक किया जा सकता है। ठंड़ सर्दी से होने वाली हाथ पैरों की समस्या में विटामिन बी कम्पलैक्स, मैग्नीशियम, रिच प्रोटीन, मिनरलस खनिज तत्वों से भरपूर आहार पोषण डाईट में शामिल करना फायदेमंद है। और साथ में कुछ खास घरेलू तरीकों से उगलियां सूजन, दर्द, झनझनाहट जैसी समस्याओं से सर्दी ठंड़ मौसम के शरीर अंगों के दुष्प्रभावों विकारों को ठीक करने में सक्षम है।

3 लीटर पानी में 3 चम्मच नमक, लगभग 100 ग्राम शलगम मिक्सी कर, या कूटकर हल्की आंच में उबालें। फिर तेज गर्म शलगम, नमक मिश्रण पानी में सूती कपड़ा डुबों कर हाथ, पैर सुन्न, सूजन, झनझनाहट वाले अंगों पर सिंकाई करें। शलगम, नमक पानी सिंकाई ग्रसित अंगों की धमनियों में सही तरह से रक्त संचार सुचारू में सक्षम है। और सूजन, दर्द, सुन्नपन, झनझनाहट समस्या जल्दी ठीक हो जाती है।

नमकीन गर्म पानी की सिंकाई / Hot Water Therapies
2 लीटर पानी में लगभग 100 ग्राम नमक मिलाकर उबालें। नमक मिश्रित तेज गर्म में सूती कपड़ा डुबों कर सहनीय सिकाई सूजन, दर्द, झनझनाहट, सुन्न वाली शरीर अंगों पर करें। गर्म नमकीन मिश्रण नमकीन पानी से Sikai / सिंकाई करने से सुन्न, दर्द, झनझनाहट समस्याओं से जल्दी आराम मिलता है।

नमक की पोटली से सिंकाई / Salt Therapies
3-4 चम्मच नमक को सूती कपड़े में बांधकर गर्म तवे या अग्नि आंच पर दूर से गर्म करें। पोटली गर्म होने पर सहनीय senkna / सेंकन हाथ पैर सूजन, दर्द, झनझनाहट, सुन्न वाली जगहों पर करें। सूती नमक पोटली सिंकाई सर्दी ठंड़ के प्रभाव से होने वाली सुन्नपन, झनझनाहट, दर्द, सूजन ठीक करने में सक्षम है।

गर्म तेल, लहसुन मसाज / Oil Massage for Tingling Sensation
सर्दी ठंड़ मौसम में हाथ, पैर सूजन, दर्द, झनझनाहट, सन्नपन होने पर सरसों तेल, 10-15 छिली लहसुन कलियां, 1 कपूर डालकर हल्की आंच में पकायें। लहसुन गलने पर आंच से उतार दें। हल्का ठंड़ा होने पर पकी हलसुन तेल से ग्रसित सूजन, दर्द, झनझनाहट, सुन्न वाले अंगों पर अच्छे तरह से मसाज करें। लहसुन, तेल, कपूर पका मिश्रण हर सर्दी ठंड़ में दर्द निवारण अचूक Massage Oil / मसाज आॅयल है।

व्यायाम दुरूस्त करे रक्त संचार / Tingling Sensation Exercise

शरीर अंगों में सूजन, दर्द, झनझनाहट, सुन्न समस्याओं को ठीक करने में एक्सरसाइज ग्रसित अंगों में रक्त संचार दुरूस्त करने में मददगार है। व्यायाम योग आॅक्सीजन स्रोत में सुधार के साथ साथ रक्त संचार सुचारू Tingling Sensation /दुरूस्त करने में खास सक्षम है।

दालचीनी और शहद / Cinnamon and Honey
विटामिन बी कम्पलैक्स, मैग्नीज, पोटेशियम, एंटीएजिंग खनिज तत्व खायें। जिसमें दालचीनी और अदरक मिश्रण खास सहायक है। त्वचा, अंगों पर झनझनाहट, सूजन, दर्द, सुन्न समस्या ठीक करने में दालचीनी और अदरक मिश्रण रोज चबाकर खाना फायदेमंद है। जल्दी फायदे के लिए रोज सुबह शाम दालचीनी और अदरक से बने काढ़ा में एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करना फायदेमंद है।

दस्ताने, मोजे और गर्म कपड़े / Winter Clothing
हाथ पैरों को सर्दी ठंड़ के दुष्प्रभावों सूजन, झनझनाहट, दर्द, सून्न होने से बचाने के लिए नित्य हाथों में दस्ताने और पैरों पर गर्म मोजे, जुराफ जूते पहने। सर्द ठंड़ से शरीर अंगों को बचाना आवश्यक है।

ठंड़े पानी से परहेज / Avoid cold Water
ठंड़े पानी में ज्यादा देर तक रहने से बचें। बर्तन, कपड़ा धोने में वाटरपूफ दस्तानों का इस्तेमाल करें। नहाने में गर्म पानी का इस्तेमाल करें। ठंड़े पानी से नहाने से बचें। और नित्य गर्म गुनगुना पानी पीयें। गर्म पानी पीने के सैकड़ों फायदे हैं। ठंड़े पानी में ज्यादा देर रहने से हाथ, पैरो, उंगलियों, शरीर अंगों में सूजन, दर्द, झनझनाहट, सुन्न होने की समस्या अकसर ज्यादा होती है।

हथेली घषर्ण, हाथ रगड़ना / Rub Hands
हाथों की उगलियों में झनझनाहट, सूजन, सुन्नपन दूर करने के लिए दोनों हाथों को आपस में 1 मिनट तक रगड़ें। हाथ गर्म होने पर गर्म हाथ चहरे पर मलें। और उंगलियों को गोलाई में मसलकर मसलें। यह प्रक्रिया मात्र 5-10 मिनट सुबह शाम करने से उगलियों के झनझनाहट, सूजन, दर्द से जल्दी निजात मिलता है। साथ में रक्त संचार / Blood Circulation सुचारू दुरूस्त करने में हाथ रगड़ना फायदेमंद है।

मैग्नीशियम, मैग्नीज, रिच विटामिनस मिनरलस खाद्यपदार्थ / Vitamins Rich in Magnesium
डाईफ्रूटस, मेवा, वटर, अण्डे, मछलियां, सोया खाद्य पदार्थ, दूध, दही, डार्क चाॅकलेट, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, ओटमील, अवोकेडो, लहसुन, मशरूम, केला, पीनट रिच मैग्नीशियम, मैग्नीज, रिच विटामिनस मिनरलस श्रोत हैं। शरीर अंगों में दर्द, सूजन, झनझनहाट, सुन्न समस्याओं से निजात दिलाने में खास 350 एम.जी. एवं ओमगा-3, विटामिन बी कम्पलैक्स सप्लीमेन्टरी खाद्यपदार्थ सहायक है।

हल्दी दूध पेय / Turmeric and Milk
शरीर अंगों में झनझनाहट, सूजन, दर्द, सुन्न समस्या में नित्य गर्म दूध में चुटकी भर हल्दी मिश्रण पीना फायदेमंद है। और हल्दी, नमक मिश्रण गर्म पानी से सिंकाई करने से हाथों पैरों उगलियों के सूजन से जल्दी आराम मिलता है।

अश्वगंधा और आंवला चूर्ण / Ashwagandha, Amla Powder
शरीर अंगों में सूजन, झनझनाहट, दर्द, सुन्न समस्याओं से छुटकारा दिलाने में चुटकी भर अश्वगंधा और आध चम्मच आंवला चूर्ण गर्म पानी में घोलकर सेवन करना फायदेमंद है।

08/09/2018

*यौन समस्या व् कमजोरी दूर करने के आयुर्वेदिक नुश्खे*

इस भाग दौड़ और तनाव भरी ज़िन्दगी तथा अनियमति और अनहेल्दी भोजन के कारण पुरुषों में कमजोरी की समस्या आजकल आम है। नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष आदि ऐसी समस्याएं हैं जो वैवाहिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं। असंयमित खान-पान या शरीर में पोषक तत्वों के कारण या अन्य गलत आदतों से पुरुषों को दुर्बलता या कमजोरी की परेशानी होने लगती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं बेहद साधारण घरेलू नुस्खे जिनसे आप इस समस्या से बहुत जल्द छुटकारा पा सकते हैं।

*1. आंवला-* 2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से सेक्स शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी। इस प्रकार की परेशानी में आंवला बहुत फायदेमंद होता है। अत: प्रतिदिन रात्रि में गिलास में थोड़ा सा हुआ सुखा आंवले का चूर्ण लें और उसमें पानी भर दें। सुबह उठने के बाद इस पानी में हल्दी मिलाएं एवं छानकर पीएं। आंवले के चूर्ण में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रतिदिन रात को सोने से पहले करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा सा पानी पीएं। जिन लोगों को अत्याधिक स्वप्नदोष होने की समस्या है, वे प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खाएं।
*2. सेब-* एक सेब में जितनी हो सके उतनी लौंग लगा दीजिए। इसी तरह का एक अच्छा सा बड़े आकार का नींबू ले लीजिए। इसमें जितनी ज्यादा से ज्यादा हो सके, लौंग लगाकर दोनों फलों को एक सप्ताह तक किसी बर्तन में ढककर रख दीजिए। एक सप्ताह बाद दोनों फलों में से लौंग निकालकर अलग-अलग बोतल में भरकर रख लें। पहले दिन नींबू वाले दो लौंग को बारीक कूटकर बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इस तरह से बदल-बदलकर 40 दिनों तक 2-2 लौंग खाएं। यह एक तरह से सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला एक बहुत ही सरल उपाय है।
*3. अश्वगंधा-* अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। चूर्ण को आधा चम्मच मात्रा में दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।
*4. सोंठ-* 4 ग्राम सोंठ, 4 ग्राम सेमल का गोंद, 2 ग्राम अकरकरा, 28 ग्राम पिप्पली तथा 30 ग्राम काले तिल को एकसाथ मिलाकर तथा कूटकर बारीक चूर्ण बना लें। रात को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण लेकर ऊपर से एक गिलास गर्म दूध पी लें। यह रामबाण औषधि शरीर की कमजोरी को दूर करती है और सेक्स शक्ति को बढ़ाती है।
*5. अजवायन-* 100 ग्राम अजवायन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें। सूखने के बाद उसे फिर से प्याज के रस में गीला करके सुखा लें। इस तरह से तीन बार करें। उसके बाद इसे कूटकर किसी बोतल में भरकर रख लें। आधा चम्मच इस चूर्ण को एक चम्मच पिसी हुई मिश्री के साथ मिलाकर खा जाएं। फिर ऊपर से हल्का गर्म दूध पी लें। करीब-करीब एक महीने तक इस मिश्रण का उपयोग करें। इस दौरान संभोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह सेक्स क्षमता को बढ़ाने वाला सबसे अच्छा उपाय है
*6. छुहारे-* चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू और दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।
*7. गाजर-* 1 किलो गाजर, चीनी 400 ग्राम, खोआ 250 ग्राम, दूध 500 ग्राम, कद्यूकस किया हुआ नारियल 10 ग्राम, किशमिश 10 ग्राम, काजू बारीक कटे हुए 10-15 पीस, एक चांदी का वर्क और 4चम्मच देशी घी ले लें। गाजर को कद्दूकस करके कडा़ही में डालकर पकाएं। पानी के सूख जाने पर इसमें दूध, खोआ और चीनी डाल दें तथा इसे चम्मच से चलाते रहें। जब यह सारा मिश्रण गाढ़ा होने को हो तो इसमें नारियल, किशमिश, बादाम और काजू डाल दें। जब यह गाढ़ा हो जाए तो थाली में देशी घी लगाकर हलवे को थाली पर निकालें और ऊपर से चांदी का वर्क लगा दें। इस हलवे को चार-चार चम्मच सुबह और शाम खाकर ऊपर से दूध पीना चाहिए। यह वीर्यशक्ति बढ़ाकर शरीर को मजबूत रखता है। इससे सेक्स शक्ति भी बढ़ती है।
*8. इमली-* आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी बोतल में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है।
*9. कौंच का बीज-* 100 ग्राम कौंच के बीज और 100 ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है और नामर्दी दूर होती है।
*10. चोबचीनी-* 100 ग्राम तालमखाने के बीज, 100 ग्राम चोबचीनी, 100 ग्राम ढाक का गोंद, 100 ग्राम मोचरस तथा 250 ग्राम मिश्री को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। रोजाना सुबह के समय एक चम्मच चूर्ण में 4 चम्मच मलाई मिलाकर खाएं। यह मिश्रण यौन रुपी कमजोरी, नामर्दी तथा वीर्य का जल्दी गिरना जैसे रोग को खत्म कर देता है।
*11. प्याज-* आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच मिश्री के चूर्ण को मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह मिश्रण वीर्यपतन को दूर करने के लिए काफी उपयोगी रहता है।सफेद प्याज के रस को अदरक के रस के साथ मिलाकर शुद्ध शहद तथा देशी घी पांच-पांच ग्राम की मात्रा में लेकर एक साथ मिलाकर सुबह नियम से एक माह तक सेवन करें और लाभ देखें इससे यौन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जाती है।
*12. ढाक -* ढाक के 100 ग्राम गोंद को तवे पर भून लें। फिर 100 ग्राम तालमखानों को घी के साथ भूनें। उसके बाद दोनों को बारीक काटकर आधा चम्मच सुबह और शाम को दूध के साथ खाना खाने के दो-तीन घंटे पहले ही इसका सेवन करें। इसके कुछ ही दिनों के बाद वीर्य का पतलापन दूर होता है तथा सेक्स क्षमता में बहुत अधिक रुप से वृद्धि होती है।
*13. जायफल –* 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भस्म, 5 ग्राम अकरकरा और 10 ग्राम केसर को मिलाकर बारीक पीस लें। इसके बाद इसमें शहद मिलाकर इमामदस्ते में घोटें। उसके बाद चने के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। रोजाना रात को सोने से 2 पहले 2 गोलियां गाढ़े दूध के साथ सेवन करें। इससे शिश्न (लिंग) का ढ़ीलापन दूर होता है तथा नामर्दी दूर हो जाती है।
*14. इलायची –* इलायची के दानों का चूर्ण 2 ग्राम, जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम, बादाम के 5 पीस और मिश्री 10 ग्राम ले लें। बादाम को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। सुबह के वक्त उसे पीसकर पेस्ट की तरह बना लें। फिर उसमें अन्य पदार्थ मिलाकर तथा दो चम्मच मक्खन मिलाकर विस्तार रुप से रोजाना सुबह के वक्त इसको सेवन करें। यह वीर्य को बढ़ाता है तथा शरीर में ताकत लाकर सेक्स शक्ति को बढ़ाता है।
*15. तुलसी-* 15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफेद मुसली लेकर चूर्ण बनाएं, फिर उसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और शीशी में भरकर रख दें। 5 ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण सुबह-शाम गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे यौन दुर्बलता दूर होती है।
*16. लहसुन-* 200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 60 मिली शहद मिलाकर एक साफ-सुथरी शीशी में भरकर ढक्कन लगाएं और किसी भी अनाज में 31 दिन के लिए रख दें। 31 दिनों के बाद 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसको लें। इससे यौन शक्ति बढ़ती है।
*17. हल्दी –* वीर्य अधिक पतला होने पर 1 चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रोजाना सुबह के समय खाली पेट सेवन करना चाहिए। इसका विस्तृत रुप से इस्तेमाल करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है।
*18. उड़द की दाल –* आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।
*19. शंखपुष्पी –* शंखपुष्पी 100 ग्राम, ब्राह्नी 100 ग्राम, असंगध 50 ग्राम, तज 50 ग्राम, मुलहठी 50 ग्राम, शतावर 50 ग्राम, विधारा 50 ग्राम तथा शक्कर 450 ग्राम को बारीक कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर एक-एक चम्मच की मात्रा में सुबह और शाम को लेना चाहिए। इस चूर्ण को तीन महीनों तक रोजाना सेवन करने से नाईट-फाल (स्वप्न दोष), वीर्य की कमजोरी तथा नामर्दी आदि रोग समाप्त होकर सेक्स शक्ति में ताकत आती है।
*20. उंटगन के बीज –* 6 ग्राम उंटगन के बीज, 6 ग्राम तालमखाना तथा 6 ग्राम गोखरू को समान मात्रा में लेकर आधा लीटर दूध में मिलाकर पकाएं। यह मिश्रण लगभग आधा रह जाने पर इसे उतारकर ठंडा हो जाने दें। इसे रोजाना 21 दिनों तक समय अनुसार लेते रहें। इससे नपुंसकता (नामर्दी) रोग दूर हो जाता है।
*21. गोखरू –* सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।
*22. बरगद –* सूर्यास्त से पहले बरगद के पेड़ से उसके पत्ते तोड़कर उसमें से निकलने वाले दूध की 10-15 बूंदें बताशे पर रखकर खाएं। इसके प्रयोग से आपका वीर्य भी बनेगा और सेक्स शक्ति भी अधिक हो जाएगी।
*23. पीपल –* पीपल का फल और पीपल की कोमल जड़ को बराबर मात्रा में लेकर चटनी बना लें। इस 2 चम्मच चटनी को 100 मि.ली. दूध तथा 400 मि.ली. पानी में मिलाकर उसे लगभग चौथाई भाग होने तक पकाएं। फिर उसे छानकर आधा कप सुबह और शाम को पी लें। इसके इस्तेमाल करने से वीर्य में तथा सेक्स करने की ताकत में वृद्धि होती है।
*24. त्रिफला –* एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।
*25. सफेद मूसली –* सालम मिश्री, तालमखाना, सफेद मूसली, कौंच के बीज, गोखरू तथा ईसबगोल- इन सबको समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। इस एक चम्मच चूर्ण में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ पीना चाहिए। यह वीर्य को ताकतवर बनाता है तथा सेक्स शक्ति में अधिकता लाता है।

08/09/2018

*किसी भी प्रकार की गाठं को ठीक करने का आयुर्वेदिक उपाय*

*निर्गुण्डी* किसी भी प्रकार की गाँठ से मुक्त होने के लिए 20 से 25 मिली काढ़ा लें और उसमें 1 से 5 मिली लीटर तक अरंडी का तेल मिला लें. इन दोनों को अच्छी तरह से मिलाने के बाद इस मिश्रण का सेवन करें. तो आपकी गांठ ठीक हो जायेगी.

*कचनार की छाल और गोरखमुंडी*
* किसी भी तरह की गाँठ को ठीक करने के लिए 25 से 30 ग्राम तक कचनार की ताज़ी और सुखी छाल लें और इसे मोटा – मोटा कूट लें.
* अब एक गिलास पानी लें और इस पानी में कचनार की कुटी हुई छाल डालकर 2 मिनट तक उबाल लें.
* जब यह अच्छी तरह से उबल जाएँ. तो इसमें एक चम्मच पीसी हुई गोरखमुंडी डाल दें. अब इस पानी को एक मिनट तक उबालें.
* इसके बाद आप इस पानी को छानने के बाद इसका दिन में दो बार सेवन कर सकते हैं. इस पानी का सेवन करने के बाद आपको गलें, जांघ, हाथ, प्रोटेस्ट, काँख, गर्भाशय, टॉन्सिल, स्तन तथा थायराइड के कारण निकली हुई गाँठ से लगातार 20 – 25 दिनों तक सेवन करने से छुटकारा मिल जाएगा.

*आकडे का दूध* गाँठ को ठीक करने के लिए आप आकडे के दूध में मिटटी मिला लें. अब इस दूध का लेप जिस स्थान पर गाँठ हुई हैं. वहाँ पर लगायें आपको आराम मिलेगा.

28/03/2017

*चेहरे के काले धब्बों को हटाने के घरेलू उपाय*

कील – मुंहासे दूर करने के लिए हम यहाँ कुछ घरेलू उपाय बता रहे है जिनको आजमाकर आपको फोड़े – फुंसियों और दाग – धब्बो से छुटकारा मिल जायेगा.

*पुदीने का इस्तेमाल करे* अपने चेहरे से दाग और धब्बो को दूर करने के लिए आप पुदीने का इस्तेमाल कर सकते है. पुदीने में काफी मात्रा में मेंथॉल होता है जो आपके मुंहासो में जलन को कम कर देता है. आप पुदीने के रस को अपने मुंहासो पर लगाये और कुछ समय बाद उसे पानी से धो ले.
*मेथी का प्रयोग करे* मेथी हमारे चेहरे को साफ़ रखने में सहायक होती है. यह दाग – धब्बे हटाने काफी सहायता करती है. मेथी के पत्तो का या मेथी के बीजो को उबालकर आप इनका पेस्ट बना सकते है और जहाँ आपके Pimple निकले है वहां पर Use कर सकते है. इसके पेस्ट को अपने face पर 15 minute लगाये रखे और फिर पानी से धो ले.
*खीरा है उपयोगी* खीरा तो हम सभी लोग खाते है. लेकिन यह खीरा हमारी त्वचा को भी स्वस्थ बनाये रखता है. चेहरे में खीरे का use करने से हमारे चेहरे पर निखार आता है और हमारी त्वचा ग्लो करती है. आप खीरे के पेस्ट को अपने मुंहासो में प्रयोग करे और फायदा देखे.
*एलोवेरा आजमाए* एलोवेरा का नाम तो आपने जरुर सुना होगा. अलोवेरा एक बहुत ही गुणकारी औषधि है. अगर आपको एक्ने से जल्दी छुटकारा पाना है तो एलोवेरा का बहुत जल्दी इस्तेमाल करना शुरू कर दे. Aloe Vera हमारे चेहरे के लिए बहुत फायदेमंद होता है जिस कारण यह बहुत प्रसिद्ध है. इसका रस कील – मुंहासो पर लगाने से कील – मुंहासे बहुत जल्दी ठीक हो जाते है. अपने चेहरे को खुबसूरत बनाये रखने के लिए भी आप एलोवेरा का प्रयोग कर सकते है.
*चेहरे पर नींबू का रस लगाये* कील – मुंहासो से सबसे ज्यादा राहत नींबू के रस से ही मिलती है. नींबू बड़ी आसानी से कम Price में बाजार में उपलब्ध हो जाता है. यह हमारे त्वचा को काफी सुन्दर बनाता है. आप नींबू को काटकर उसका रस अपने दाग या मुंहासो में लगा ले.
यह आपके black spots को आने से रोकेगा जिससे आपके चेहरे में प्राकृतिक निखार आएगा और मुंहासो को दूर करेगा. नींबू का रस लगाकर चेहरे को 30 minute बाद साफ़ पानी से धो ले.
*शहद का फेस पैक बनाकर कील – मुंहासे दूर करे* बात जब चेहरे की आती है तो शहद का नाम जुबां पर अपने आप ही आ जाता है. शहद हमारे कील – मुंहासो को दूर करने में बहुत जल्दी असर करता है. शहद का उपयोग हमें सोते समय करना चाहिए और सुबह उठकर फिर मुँह साफ़ कर लेना चाहिए. आपके द्वारा शहद का रोजाना इस्तेमाल आपके दाग – धब्बो को कम कर देता है.
*दलिये का फेस पैक लगाये* दलिया खाना जहाँ हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है वही यह हमें शारारिक मजबूती भी देता है. आप दलिये का इस्तेमाल अपने पिम्पल दूर करने के लिए करे. आप दलीये के साथ शहद मिला ले और फिर दोनों को अच्छी तरह मिक्स कर ले. इस पेस्ट को फिर अपने कील – मुंहासो में लगाये और 20 मिनट बाद इसे पानी से धो ले.
*दाग धब्बों के लिए इस्तेमाल करे आलू* कच्चे आलू के बारे में मुझे मेरे एक दोस्त से पता चला था. उसने मुझे बोला था की उसके भाई ने भी अपने मुंहासो पर आलू का इस्तेमाल किया था. जिससे उसके दाग – धब्बे ठीक हो गये थे. आलू हमको घर में ही मिल जाता है. आलू के छिलके मुंहासे दूर करने के लिए आलू का सबसे Best Part होता है. आप इन्हें अपने मुंहासो पर लगाये. इसके अलावा भी आप आलू को पीसकर उसका पेस्ट बनाकर प्रयोग कर सकते है. आलू का रोजाना उपयोग आपको बहुत फायदा देगा.
इसके अलावा भी आप दाग – धब्बो को हटाने के लिए टी ट्री आयल का इस्तेमाल कर सकते है और खाने का सोडा यानि बेकिंग सोडा भी पिम्पल और मुंहासे दूर करने में सहायता करता है.

27/02/2017

दाद-खाज के आयुर्वेदिक नुश्खे

स्कीन से जुड़ी बीमारियां भी कई बार गंभीर समस्या बन जाती है। ऐसी ही एक समस्या है एक्जीमा या दाद पर होने वाली खुजली और जलन दाद से पीडि़त व्यक्ति का जीना मुश्किल कर देती है। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही है तो अपनाएं ये आयुर्वेदिक टिप्स।
- दाद पर अनार के पत्तों को पीसकर लगाने से लाभ होता है।
- दाद को खुजला कर दिन में चार बार नींबू का रस लगाने से दाद ठीक हो जाते हैं।
- केले के गुदे में नींबू का रस लगाने से दाद ठीक हो जाता है।
- चर्म रोग में रोज बथुआ उबालकर निचोड़कर इसका रस पीएं और सब्जी खाएं।
- गाजर का बुरादा बारीक टुकड़े कर लें। इसमें सेंधा नमक डालकर सेंके और फिर गर्म-गर्म दाद पर डाल दें।
- कच्चे आलू का रस पीएं इससे दाद ठीक हो जाते हैं।
- नींबू के रस में सूखे सिंघाड़े को घिस कर लगाएं। पहले तो कुछ जलन होगी फिर ठंडक मिल जाएगी, कुछ दिन बाद इसे लगाने से दाद ठीक हो जाता है।
- हल्दी तीन बार दिन में एक बार रात को सोते समय हल्दी का लेप करते रहने से दाद ठीक हो जाता है।
- दाद होने पर गर्म पानी में अजवाइन पीसकर लेप करें। एक सप्ताह में ठीक हो जाएगा।
- अजवाइन को पानी में मिलाकर दाद धोएं।
- दाद में नीम के पत्तों का रस १२ ग्राम रोज पीना चाहिए।
- दाद होने पर गुलकंद और दूध पीने से फायदा होगा।
- नीम के पत्ती को दही के साथ पीसकर लगाने से दाद जड़ से साफ हो जाते है।

06/01/2017

*खर्राटों का इलाज*

अगर आपके खर्राटों से आपके पार्टनर की नींद हराम हो रही है तो मुंह और जीभ का एक साधारण व्यायाम आपको इस समस्या से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित हो सकता है। एक शोध के अनुसार ये व्यायाम खर्राटों और उससे उत्पन्न होने वाली तेज आवाज़ को 36 और 59 फीसदी तक कम कर सकते हैं।
अमेरिका के युनिवर्सिटी ऑफ केंटुकी कॉलेज ऑफ मेडिसिन में स्लीप लेबोरेटरी के चिकित्सा निदेशक बारबारा फिलीप ने कहा कि, ‘’ यह अध्ययन खर्राटे की समस्या से जूझ रही एक बड़ी आबादी के लिए उम्दा और सर्जरी रहित उपचार की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। सोते समय खर्राटे लेने वाले लोग अपनी जीभ के अगले सिरे को तालू की ओर दबाएं और फिर जीभ को वापस खींच लें। इस प्रक्रिया को दोहराएं।
उसके बाद जीभ के अगले हिस्से को मुंह के निचले हिस्से तथा अगले दांत से स्पर्श कराते हुए जीभ के पिछले हिस्से को तालू की ओर दबाएं और ‘ए’ का उच्चारण करते हुए तालू तथा अलिजिह्वा (उवुला) को ऊपर उठाएं। शोध में इस व्यायाम को खर्राटे कम करने वाला बताया गया है।
यह अध्ययन खर्राटे से पीड़ित 39 मरीजों पर किया गया। अध्ययन के दौरान मरीजों पर इसका बेहद सकारात्मक असर देखा गया।ब्राजील के युनिवर्सिटी ऑफ साओ पाउलो में मुख्य लेखक जेराल्डो लॉरेंजी-फिल्हो ने ‘चेस्ट’ पत्रिका में प्रकाशित होने वाले लेख में इस व्यायाम को खर्राटों में कमी लाने वाला बताया।
कई बार वायुमार्ग के पास अतिरिक्त टिश्यू जमा हो जाते हैं या वायुमार्ग से जुड़ी मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं, जिससे वायु के प्रवाह में रुकावट आती है। इससे सांस सामान्य रूप से नहीं आता और खर्राटे की समस्या शुरू हो जाती है। खर्राटा एक सामान्य समस्या है जो पुरुष और महिला दोनों में पाई जाती है।
इससे हमें कई मौकों पर शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। परेशानी की बात यह है कि खर्राटे की समस्या उम्र के साथ-साथ बढ़ती चली जाती है। खर्राटे कई कारणों से आते हैं। ऐसा नाक या गले में रुकावट की वजह से, गले के फूलने से, मोटापे या गलत ढंग से सोने से होता है। खर्राटा तब आता है जब नर्म तालू हवा के गुजरने के साथ-साथ बजने लगती है।
खर्राटों से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है, अब खर्राटों का इलाज महज पांच मिनट में हो सकता है। बिना सर्जरी के इस इलाज में खर्राटों का ही नहीं, खर्राटों से हो सकने वाली दिल की बीमारियों को भी रोका जा सकेगा। आइए जानते हैं कैसे बचे खर्राटे से…

*ज्यादा भोजन न करें*
ज्यादा भोजन कर सोने से बचें। बेहतर होगा अगर आप भोजन करने के बाद थोड़ा टहलें और फिर सोने जाएं। इससे खाने को पचने में आसानी होगी। रात को कम भोजन करना खर्राटे की समस्या को रोक सकता है।

*खर्राटे के लिए शहद है असरदार*
शहद खर्राटे को रोकने में शहद काफी असरदार होता है। शहद में एंटी-इंफ्लैमटॉरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाया जाता है, जो हवा के मार्ग में किसी तरह की बाधा को दूर करता है। यह आपके गले को फूलने से भी बचाएगा।
प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक ही तरीके का उपचार सही नहीं होता। यह व्यक्ति के लक्षणों पर निर्भर करता है। खर्राटे आने के कारणों का पता लगाने के बाद ही उपचार सुझाया जाता है। तालू के मुलायम टिश्यू को कसाव देने के लिए एक सजर्री की जाती है, जिसे सोम्नोप्लास्टी कहते हैं। इसमें रेडियोफ्रिक्वेंसी एब्लैशन का उपयोग किया जाता है। यह सर्जरी सामान्य एनिस्थीसिया देकर की जाती है। इस उपचार के बाद 77 फीसदी मामलों में खर्राटे आने की समस्या लगभग खत्म हो जाती है।

31/12/2016

*बेहतरीन 9 इलाज*

1. प्याज और गुड रोज खाने से बालक की ऊंचाई बढती हैं।
2. रोज गाजर का रस पीने से दमें की बीमारी जड़ से दूर होती हैं।
3. खजूर गर्म पानी के साथ लेने से कफ दूर होता हैं।
4. एक चम्‍मच समुद्री नमक लें और अपनी खोपड़ी पर लगा लें। इसे अच्‍छी तरह से मसाज करें और ऐसा करते समय उंगलियों को गीला कर लें। बाद में शैम्‍पू लगाकर सिर धो लें। महीने में एक बार ऐसा करने से रूसी नहीं होगी।
5. अगर आपके नाखून बहुत कड़े हैं तो उन्‍हे काटने से पहले हल्‍के गुनगुने पानी में नमक डालकर, हाथों को भिगोकर रखें। और 10 मिनट बाद उन नाखूनों को काट दें। इससे सारे नाखून आसानी से कट जाएंगे।
6. शरीर में कहीं गुम चोट लग जाए या नकसीर आए तो बर्फ की सिकाई बहुत फायदेमंद होती हैं।
7. अगर कोई कीड़ा-मकोड़ा काट ले, तो तुरंत कच्चे आलू का एक पतला टुकड़ा काटकर उस पर नमक लगाकर कीड़े के काटे हुए स्थान पर 5-7 मिनट तक रगड़ें। जलन और दर्द गायब हो जाएगा।
8. बवासीर से छुटकारा पाने के लिए सुबह खाली पेट 2 आलू-बुखारे खाए।
9. दांत के दर्द से छुटकारा पाने के लिए अदरक का छोटा सा टुकड़ा चबाएं। दर्द तुरंत दूर हो जाएगा.

Ayurved
30/12/2016

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