18/12/2025
आई केयर जो पहुँचे इंडिया के हर कोने तक
मिस माया (नाम बदला हुआ), मुस्तफाबाद, नई दिल्ली की रहने वाली एक किशोरी, कई सालों से अपनी बाईं आंख में लाल सूजन के साथ जी रही थी।
यह सूजन न सिर्फ तकलीफ़ देती थी, बल्कि चिंता का कारण भी बनी हुई थी।
जब वह अपने नज़दीकी SCEH विज़न सेंटर पहुँची, तो वहाँ मौजूद टेली-कंसल्टेशन सिस्टम के ज़रिए उनका केस तुरंत डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के स्पेशलिस्ट्स से जुड़ गया।
कुछ ही मिनटों में एक ऑकुलोप्लास्टी एक्सपर्ट ने उनकी जांच की और बताया कि यह शिरा-लसीका से जुड़ी विकृति है। इलाज के लिए बिना बड़े ऑपरेशन वाला स्क्लेरोथेरेपी इलाज की सलाह दी गई।
दो इलाज के दौर के बाद, सूजन पूरी तरह खत्म हो गई और साथ ही लौटी माया की आंखों की रोशनी, आत्मविश्वास और मुस्कान।
यह सब कैसे संभव हुआ?
2021 में SCEH ने एक टेली-कंसल्टेशन मॉडल शुरू किया, ताकि लोगों को अच्छी आंखों की देखभाल आसानी से मिल सके।
हर विज़न सेंटर पर ट्रेंड विज़न टेक्नीशियन मरीज की तस्वीरें और स्वास्थ्य का रिकॉर्ड लेते हैं और उन्हें एक सेंट्रल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करते हैं। स्पेशलिस्ट्स 15 मिनट के अंदर जवाब देते हैं - ज़रूरत हो तो एक्सपर्ट गाइडेंस या वीडियो काउन्सलिंग भी देते हैं।
टेली-कंसल्टेशन का प्रभाव (2021–25):
🔹 98,490+ टेली-कंसल्टेशन
🔹 52% कॉम्प्रिहेंसिव + 21.7% कॉर्निया + 17.8% पीडियाट्रिक + 0.3% ऑकुलोप्लास्टी
🔹 समस्या जल्दी पता चलता है, इलाज समय पर हो जाता है, और लोगों का भरोसा भी बढ़ता है।
इससे मरीजों की सही पहचान जल्दी हुई, इलाज में कम इंतज़ार हुआ और स्थानीय लोगों का अस्पतालों के ऊपर भरोसा बढ़ा।
चाहे तेज़ गर्मी हो या भारी बारिश, हमारी ग्राउंड टीम लगातार काम कर रही हैं, ताकि कोई भी मरीज, चाहे वह कितनी भी दूर क्यों न हो, अनदेखा न रह जाए।
SCEH में, तकनीक और सहानुभूति साथ चलते हैं और आंखों की देखभाल हर लोगों तक तक पहुँचाते हैं।