30/10/2025
एआईएफएडब्ल्यूएच (AIFAWH), एडब्ल्यूएफएफआई (AWFFI), एमडीएमडब्ल्यूएफआई (MDMWFI)
29 अक्टूबर 2025
प्रेस विज्ञप्ति (Press Release)
एआईएफएडब्ल्यूएच, एडब्ल्यूएफएफआई और एमडीएमडब्ल्यूएफआई ने केरल में आंगनवाड़ी, आशा और मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि का स्वागत किया।
केंद्र सरकार से मांग की गई कि वह तुरंत स्कीम वर्कर्स से संबंधित 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन (ILC) की सिफारिशों को लागू करे।
दिसंबर महीने में केंद्रीय मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्रों में दिन-रात धरना आयोजित किया जाएगा।
केरल की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को ₹1000 प्रति माह, आशा कार्यकर्ताओं को ₹1000 प्रति माह, तथा मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) कर्मियों को ₹50 प्रति दिन की दर से मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स (AIFAWH), आशा वर्कर्स एंड फैसिलिटेटर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AWFFI) तथा मिड डे मील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (MDMWFI) ने केरल के आंगनवाड़ी, आशा और एमडीएम कर्मचारियों तथा उनके आंदोलन को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
हम केरल की एलडीएफ सरकार को भी बधाई देते हैं, जिसने देश के मेहनतकश वर्ग, विशेष रूप से देखभाल करने वाले कर्मचारियों (care workers) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है। केरल वह राज्य है जहाँ एमडीएम कर्मियों को सबसे अधिक वेतन मिलता है। साथ ही, यह उन राज्यों में से एक है जहाँ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायक और आशा कार्यकर्ताओं को भी सबसे अधिक मानदेय प्राप्त होता है।
यह घोषणा और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत सरकार पिछले कई महीनों से केरल को आईसीडीएस (ICDS), एनएचएम (NHM) और एमडीएमएस (MDMS) योजनाओं के तहत राज्य की हिस्सेदारी की राशि नहीं दे रही है। वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद, केरल की एलडीएफ सरकार ने राज्य के आंगनवाड़ी, आशा और एमडीएम कर्मियों से किए गए वादे को पूरा किया है, जबकि भारत सरकार ने 2018 से अब तक उनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की है और इन योजनाओं के निजीकरण तथा लाभार्थियों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठा रही है।
एआईएफएडब्ल्यूएच, एडब्ल्यूएफएफआई और एमडीएमडब्ल्यूएफआई भारत सरकार से यह मांग करते हैं कि वह सभी राज्यों, जिनमें केरल भी शामिल है, को राज्य की हिस्सेदारी के बकाया धन को तुरंत जारी करे।
हम यह भी मांग करते हैं कि भारत सरकार इन मूलभूत सेवाओं से संबंधित योजनाओं को संस्थागत रूप प्रदान करे, जो राष्ट्र और उसके नागरिकों के विकास में अत्यधिक योगदान देती हैं। वर्ष 2025 में आईसीडीएस को 50 वर्ष, एमडीएमएस को 30 वर्ष और एनएचएम को 20 वर्ष पूर्ण हुए हैं।
हमारी मांग है कि सरकार इन योजनाओं के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों को नियमित कर्मचारी घोषित करे और उन्हें न्यूनतम वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करे — जैसा कि 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन और कई न्यायालयों के आदेशों में अनुशंसित किया गया है।
एआईएफएडब्ल्यूएच, एडब्ल्यूएफएफआई और एमडीएमडब्ल्यूएफआई दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में सभी केंद्रीय मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर दिन-रात विरोध प्रदर्शन (धरना) आयोजित करेंगे।
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जारीकर्ता:
ए. आर. सिंधु – महासचिव, AIFAWH
मधुमिता बंद्योपाध्याय – महासचिव, AWFFI
मालिनी मेस्टा – महासचिव, MDMWFI