05/01/2026
रात के 9 बजे थे।
मीरा अपने बेटे आरव का homework check कर रही थी।
Notebook साफ नहीं थी।
Spelling भी गलत थीं।
मीरा बोली,
“तुमसे कुछ ठीक से होता क्यों नहीं है? देखो शर्मा जी का बेटा कितना perfect है!”
आरव चुप हो गया।
आँखें झुकीं, आवाज़ दब गई।
अगले दिन वही homework था।
लेकिन आज मीरा ने सिर्फ इतना कहा—
“आज थके लग रहे हो… कुछ परेशान हो?”
आरव फूट पड़ा—
“मम्मा, मुझे डर लगता है आप मुझसे नाराज़ हो जाओगी।”
मीरा को समझ आया…
उसे **perfect बच्चा नहीं चाहिए था**,
उसे **सुना जाना चाहिए था।**
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# # # 🧠 Psychology Touch
Psychology कहती है—
बच्चों को परफेक्ट parents नहीं,
**emotionally available parents** चाहिए
जो उनकी गलती से पहले
उनकी **भावना देख सकें**।
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