19/11/2025
सूखी खांसी का क़हर और इलाज में खतरनाक गलती
इस वक्त खांसी लोगों के हलक का ऐसा कांटा बन गई है कि खांस खांस के लोगों का हलक़ खुश्क हो चुका है, मगर फिर भी यह खांसी जाने का नाम नहीं लेती। आमतौर से खांसी दो तरह की होती है
1️⃣ गीली खांसी: जिसमें सीने में कफ जमा होता है, खांसने मे हरा या पीला गाड़ा बलगम निकलता है, बलगम निकलने से कुछ देर के लिए आराम मिल जाता है। इस खांसी का इलाज ऐसी दवाओं से किया जाता है जो गरम मिज़ाज की बलगम निकालने वाली हों जैसे अदरक का रस, लोंग, पिपली, हल्दी वगैरा।
2️⃣ सुखी खांसी: इस खांसी में बहुत ज्यादा खासंने पर थोड़ा सा सफेद सफेद पतला बलगम निकलता है। इस खांसी के इलाज में अगर गर्म चीज़ें जैसे लोंग वगैरा खाई जाएं तो यह खांसी और बढ़ जाती है। हलक़ और सीने में बहुत ज्यादा खुश्की पैदा हो जाती है।
इस वक्त यही खांसी वबाई तौर पर फैली हुई है। बलगमी खांसी में इस्तेमाल होने वाले सिरप या दवाइयां खाने से यह खांसी और बढ़ रही है।
इलाज: इसकी सबसे बेहतरीन दवा अडूसा के पत्ते या उससे बनी हुई दवाइयां है। इससे सीने की खुश्की खत्म होती है, सुखा चिपका हुआ बलगम गीला होकर आसानी से बाहर निकल जाता है। हमारे पास अलहम्दुलिल्लाह से बहुत सारे मरीज ठीक होते हैं। आजकल वैसे भी खांसी सिरप भी मौत की वजह बने हुए हैं उनसे परहेज़ करना चाहिए।
राब्ता करें
हकीम मुफ्ती आदिल क़ासमी
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