This page is created to spread the information about Agarwal community and bring them closer to their ritual and background.
29/01/2026
यः स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः।
आस्था, साधना और आंतरिक शुद्धि के पावन पर्व जया एकादशी के शुभ अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएँ।
भगवान श्रीहरि विष्णु से प्रार्थना है कि उनके आशीर्वाद से सभी के जीवन में शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो।
28/01/2026
महाराज अग्रसेन जी की एक प्रेरणादायक कहानी 👑✨
🌿 महाराज अग्रसेन जी की “एक रुपया – एक ईंट” वाली कहानी
एक बार महाराज अग्रसेन जी ने देखा कि उनके राज्य में बहुत से लोग बाहर से आकर बसना चाहते हैं।
कुछ लोग गरीब थे, तो कुछ लोग नए जीवन की शुरुआत करने आए थे।
लोगों ने महाराज से कहा—
“महाराज! हमें रहने और काम करने का अवसर चाहिए।”
महाराज अग्रसेन जी बहुत दयालु और दूरदर्शी थे।
उन्होंने तुरंत आदेश दिया कि—
✅ जब भी कोई नया व्यक्ति नगर में बसने आएगा,
तो हर घर से उसे 1 रुपया दिया जाएगा।
और हर घर से 1 ईंट भी दी जाएगी।
अब सोचिए…
अगर नगर में 1000 घर हैं,
तो उस नए व्यक्ति के पास 1000 रुपये भी हो जाएंगे,
और 1000 ईंटें भी!
उससे वह व्यक्ति—
🏠 अपना छोटा सा घर बना लेता
💼 कोई छोटा व्यापार शुरू कर लेता
और धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बन जाता।
इस तरह महाराज अग्रसेन जी ने बताया कि—
✨ समाज की शक्ति “एकता और सहयोग” में होती है।
और सबसे बड़ा धर्म है—
🤝 जरूरतमंद की मदद करना।
✅ कहानी से सीख:
“जब समाज साथ देता है, तो कोई भी व्यक्ति कमजोर नहीं रहता।” 💛
25/01/2026
*सनातन धर्म की हजारों साल की टेक्नोलोजी किसी को याद नहीं रहा*
💫💫💫
🚩
22/01/2026
महालक्ष्मी का वरदान” का वर्णन है। इसका भावार्थ और अर्थ इस प्रकार है:
📜 श्लोक का भावार्थ
महालक्ष्मी देवी किसी वंश/कुल को आशीर्वाद देती हैं और कहती हैं—
जिस वंश पर मेरी कृपा होगी, वह सर्वत्र पूजित और प्रतिष्ठित होगा।
उस वंश में श्रेष्ठ नेता और महान व्यक्ति जन्म लेंगे।
उस कुल का नाम दूर-दूर तक प्रसिद्ध होगा।
उनकी प्रजा/समाज सुखी, समृद्ध और यशस्वी होगा।
मेरी कृपा से उस वंश के कार्य युग-युग तक सफल होते रहेंगे।
अर्थात जहाँ धर्म, परिश्रम, दान और सदाचार होगा, वहाँ महालक्ष्मी स्थायी रूप से वास करेंगी।
🪔 नीचे के गद्य (कहानी) का सार
नीचे लिखे गए भाग में यह बताया गया है कि—
महालक्ष्मी के वरदान से नगर की शोभा और समृद्धि बढ़ने लगी।
राजा अग्रसेन (या संबंधित पात्र) ने इस कृपा को समझकर राज्य को धर्म, न्याय और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ाया।
आगे चलकर विवाह, संबंध और सामाजिक विस्तार के माध्यम से वंश की कीर्ति और शक्ति बढ़ी।
🌺 मुख्य संदेश
यह पूरा अंश हमें यह सिखाता है कि:
धन केवल पूजा से नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, सेवा और समानता से स्थायी बनता है।
जहाँ अहंकार नहीं, करुणा और सहयोग होता है, वहीं महालक्ष्मी का वास होता है।
समाज और परिवार की उन्नति का आधार नैतिक मूल्य होते हैं।
18/01/2026
आज मौनी अमावस्या है — यह दिन बहुत ही पुण्य और आत्मशुद्धि का माना जाता है 🙏
इस दिन किए गए छोटे-छोटे कार्य भी कई गुना फल देते हैं।
🌑 मौनी अमावस्या पर क्या करें
1️⃣ मौन व्रत रखें
आज कम से कम कुछ समय मौन रखें।
इससे मन शांत होता है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं।
2️⃣ स्नान-दान का विशेष महत्व
यदि संभव हो तो सुबह स्नान करें।
घर पर स्नान करते समय पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाएँ।
इसके बाद दान करें:
अन्न (चावल, गेहूं)
काले तिल
कंबल या वस्त्र
गुड़
जल से भरा घड़ा
दान से पितृ दोष शांत होता है और धन में स्थिरता आती है।
3️⃣ पितरों के लिए तर्पण
अपने पूर्वजों को याद कर यह मंत्र बोलें:
“ॐ पितृदेवाय नमः”
जल में काले तिल डालकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल अर्पित करें।
4️⃣ भगवान विष्णु व शिव की पूजा
आज विष्णु जी और शिव जी की पूजा विशेष फल देती है।
शिवलिंग पर जल चढ़ाएँ
“ॐ नमः शिवाय” 108 बार जप करें
विष्णु जी को तुलसी अर्पित करें
5️⃣ दीपदान करें
शाम को पीपल के पेड़ के नीचे या मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।
यह पितृ कृपा और ग्रह शांति के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
6️⃣ इस दिन क्या न करें
झूठ, क्रोध, अपशब्द से बचें
मांस-मदिरा न लें
किसी का अपमान न करें
मौनी अमावस्या का पालन करने से
पितरों का आशीर्वाद, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता मिलती है 🌼
18/01/2026
लोक-आस्था के पावन पर्व मौनी अमावस्या की आप सभी प्रदेश के परिवारजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
सूर्य भगवान की स्वर्णिम किरणें सभी के जीवन को शांति-सुख-समृद्धि से प्रकाशित करें, मेरी यही मंगलकामना है।🙏🙏
18/01/2026
🌅 महाराज अग्रसेन जी की ओर से सुप्रभात संदेश 🌅
प्रिय वत्स,
धर्म, सत्य और करुणा के मार्ग पर चलो।
परिश्रम को अपना आभूषण बनाओ और ईमानदारी को अपना धर्म।
जो दूसरों के सुख में अपना सुख देखता है, वही सच्चा वैभवशाली होता है।
आज का दिन तुम्हारे जीवन में
शांति, समृद्धि और सद्बुद्धि लेकर आए।
माता लक्ष्मी की कृपा सदा तुम पर बनी रहे।
सुप्रभात!
— महाराज अग्रसेन जी 🙏✨
15/01/2026
15/01/2026
🔱 अग्रवाल समाज की वैदिक विरासत –धारण गोत्र 🔱
महाराजा अग्रसेन जी के पुत्र धावन देव से स्थापित धारण गोत्र,
जिसके मूल ऋषि थे ऋषि धौम्य
और जिसका संबंध यजुर्वेद से है।
धारण गोत्र
तपस्या, वैदिक शक्ति और अनुशासन का प्रतीक रहा है।
📜 यह विशेष श्रृंखला
अग्रवाल समाज के सभी 18 गोत्रों को
एक-एक करके
प्रामाणिक एवं ऐतिहासिक रूप में प्रस्तुत कर रही है।
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📌 अगला गोत्र बहुत जल्द…
इस श्रृंखला को follow करना न भूलें।
15/01/2026
🔱 अग्रवाल समाज की वैदिक विरासत – ऐरण गोत्र 🔱
महाराजा अग्रसेन जी के पुत्र इंद्रमल से स्थापित
ऐरण गोत्र,
जिसके मूल ऋषि थे ऋषि और्व
और जिसका संबंध यजुर्वेद से है।
ऐरण गोत्र
तपस्या, वैदिक शक्ति और अनुशासन का प्रतीक रहा है।
📜 यह विशेष श्रृंखला
अग्रवाल समाज के सभी 18 गोत्रों को
एक-एक करके
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15/01/2026
🔱 अग्रवाल समाज की वैदिक विरासत – मधुकुल गोत्र 🔱
महाराजा अग्रसेन जी के पुत्र माधवसेन से स्थापित
मधुकुल गोत्र,
जिसके मूल ऋषि थे ऋषि मुद्गल
और जिसका संबंध यजुर्वेद से है।
मधुकुल गोत्र
ज्ञान, संतुलन और वैदिक विवेक का प्रतीक रहा है।
📜 यह श्रृंखला
अग्रवाल समाज के 18 गोत्रों की वैदिक व ऐतिहासिक परंपरा
को एक-एक करके सामने ला रही है।
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📌 श्रृंखला जारी है…
अगला गोत्र बहुत जल्द।
15/01/2026
महाराजा अग्रसेन जी के पुत्र तंबोलकर्ण से स्थापित
टिंगल गोत्र,
जिसके मूल ऋषि थे ऋषि शांडिल्य / तांड्य
और जिसका संबंध यजुर्वेद से है।
टिंगल गोत्र
वैदिक अनुष्ठान, शास्त्रीय अनुशासन और परंपरा का प्रतीक रहा है।
📜 यह श्रृंखला
अग्रवाल समाज के 18 गोत्रों की वैदिक व ऐतिहासिक यात्रा
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Agroha is a Hindu temple complex in Agroha, India. Construction started in 1976 and was completed in 1984. The temple is dedicated to the Hindu goddess Mahalakshmi.
History and development
The decision to construct the temple was made at the convention of All India Aggarwal Representatives in 1976. The trust was established for this purpose under Shri Krishna Modi and Rameshwar Das Gupta. The land was donated to the trust by Laxmi Narain Gupta and construction was started under the supervision of Tilak Raj Aggarwal. The construction of the main temple was completed in 1984 while construction of other features started in 1985 under Subhash Goel.
Description
The main temple is divided into three wings. The central wing is dedicated to Hindu goddess Mahalakshmi, western wing to goddess Saraswati and eastern wing to Maharaja Agrasena.
Shakti Sarovar is a large pond behind the temple complex. It was filled with water from 41 rivers of India in 1988. A platform at the north-west end depicts the scene of Samudra manthan. A naturopathy center is located near Shakti Sarovar, where treatment is done through yoga. An amusement park with a boating site has been built near the complex.
Agroha Vikas Trust
Agroha Vikas Trust is the temple board responsible for the building and maintenance of the temple complex. It was founded in 1976.
Festival
The Agroha Maha Kumbh festival is held every year on Sharad Purnima.