23/01/2025
SERVING PEOPLE IN NEED(SPIN)
आश्रय डेफ रिसोर्स सेंटर (Ashray Deaf Resource Centre-ADRC),a Project of "Serving People In Need
"
मूक एवं बधिर समुदाय को सक्षम एवं सशक्त बनाने की ओर अग्रसर
सर्विंग पीपल इन नीड एक रजिस्टर्ड सोसाइटी है जोकि सोसाइटीज ऑफ़ रजिस्ट्रेशन एक्ट ,1860 के अंतर्गत रजिस्टर्ड है | इस सोसाइटी का गठन सन् 1993 में समाज के गरीब,आर्थिक रूप से अक्षम ,पिछड़े वर्ग के बच्चों,शरणार्थियों, तथा शारीरिक रूप से अक्षम लोगों की सेवा करने के उद्देश्श्य से हुआ था|
हमारी संस्था दिल्ली में शरणार्थियों के लिए इंग्लिश भाषा सीखने के लिए अग्रणी थी|तथा संस्था द्वारा करीब दो दशक तक समाज के अति पिछड़े वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए शेल्टर होम्स की भी व्यवस्था की गयी थी|
संश्था द्वारा झुग्गी बस्ती में वहां रहने वाले बच्चों के लिए नॉन फॉर्म्सल एदुकतिओन सेंटर्स भी चलाये गए हैं|
आश्रय डेफ रिसोर्स सेंटर, समाज के मूक एवं बधिर समुदाय के लोगों के उत्थान एवं विकास के लिए कार्य करने के लिए ,एवं उनको लाभ पहुँचाने के लिए संस्था का एक अग्रणी कदम है|
विज़न
एक ऐसे वातावरण का निर्माण करना जहाँ मूक एवं बधिर समाज के लोग एक साथ मिलकर रह सकें व कार्य कर सकें,तथा समाज एवं मानवता के भले के लिए अपना योगदान कर सकें|
उद्देश्य
1.भारतीय सांकेतिक भाषा के द्वारा मूक एवं बधिर समुदाय के लिए शिक्षा क बढ़ावा देना|
2.शिक्षा,कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार के क्षेत्र में मूक एवं बधिर समुदाय को एक जैसे अवसर प्रदान करने का प्रयास करना|
3.मूक एवं बधिर समुदाय के लिए रोजगार के हर एक क्षेत्र में आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाने वाले अवसर पैदा करने के लिए प्रयासरत रहना|
4.मूक एवं बधिर समुदाय के लोगों के लिए नित नए रोजगार के अवसर ढूंढने के लिए प्रायसरत रहना|
5.मूक एवं बधिर लोगों के बीच भारतीय सांकेतिक भाषा के द्वारा शैक्षणिक एवं मनोरंजन के संसाधनों के विकास एवं वितरण को हर एक संभव माध्यम के द्वारा बढ़ावा देना |
6. समाज के बीच में अधिकायकता से भारतीय सांकेतिक भाषा के बारे में प्रचार और प्रसार करना जिससे कि मूक एवं बधिर समाज का सशक्तिकरण हो सके|
7.अपनी ही जैसे और सोच रखने वाली अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर मूक एवं बधिर समुदाय के लिए उत्थान एवं विकास के लिए अवसर तलाशना|
8.स्थानीय, राष्ट्रीय, एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ,जिनके उद्देश्य आश्रय डेफ रिसोर्स सेंटर से मिलते हों,उनका सहयोग करना|
गतिविधियां
मूक एवं बधिर समुदाय को भारतीय सांकेतिक भाषा के द्वारा सक्षम और सशक्त बनाकर उन्हें विकास एवं आत्मनिर्भर बनने के पथ पर अग्रसर करना|
1.मूक एवं बधिर बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था भारतीय सांकेतिक भाषा के द्वारा|
2.मूक एवं बधिर बच्चों के अभिभावकों के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण |
3.मूक एवं बधिर समुदाय के लिए कौशल प्रशिक्षण केंद्र |
4.मूक एवं बधिर समुदाय के लिए रोजगर सुविधा केंद्र|
5.आर्थिक रूप से कमजोर एंड पिछड़े वर्ग के बच्चों के लिए रेमेडियल एजुकेशन|