02/03/2026
मैं तो तुम संग होली खेलु री, मैं तो तुम संग l हे परम उदार परम कृपालु दयामय कान्हा तुम सबकी कामनाएँ पूर्ण करते हो l इस होली में हे नंदलाल तुम अपनी प्रेमा भक्ति का मुझ पर ऐसा रंग डालो जो जन्म जन्म तक न उतरे l हे श्याम जब मैं तुम्हारे रंग में रंग जाऊँगी तो मुझे अपना होश कहाँ रह जायेगा l हे मेरे परम प्रियतम जब तुम अपने कोमल हाथों से मेरे मुख को गुलाल अबीर से लाल कर दोगे तो फिर मैं तो परमानंद में डूब जाऊँगी l हे कृष्ण जब तुम मुझे गोरी कह कर अपने कण्ठ से लगा लोगे तो मुझे अपने भाग्य से ईर्ष्या क्यों न होगी l मैं न मैं रह जाऊँगी l मैं तो तुम ही हो जाऊँगी l हे गोविन्द इस होली में मुझे हम सबको अपनी कांता भक्ति प्रदान करें हम सबका जन्म सफल करे l
"राधा कृष्णयोः लीला-विभूषिते होलिकोत्सवे,
शुभम् भवतु वः सर्वेषां, प्रेम-रंगैः रंगिते ||
अभिराम-वृन्दावने, गोविन्द-गोपिकानां,
लीलाभिः शुशोभिते, होली-पर्वणि शुभे ||
रंगाणां मधुर-प्रवाहैः, प्रेम्णः संचारिणः,
आस्फालयन्तु हृदयानि, सर्वेषां सुख-सम्पदः ||
वृन्दावन की सुंदरता और गोविन्द-गोपिकाओं की लीलाओं से सुशोभित इस होली पर्व पर, आप सभी के हृदय में प्रेम और सुख का संचार हो।
रंगों के मधुर प्रवाह से, प्रेम की भावना से, आप सभी के हृदय में सुख और समृद्धि की वर्षा हो। 🌸
आपको और आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनाएं! डॉ. वत्सल एवं परिवार फर्रुखाबाद l