05/03/2026
क्या आपने कभी ये सोचा कि #होली किसलिए है❓
अपने पास पड़ोस में देखें कि लोग क्या कर रहे हैं और आप स्वयं भी?
कोई #गंदे गानों पर नाच रहा है,
तो कोई #दारू पी रहा है तो
कोई निर्जीवों से अपने जीभ का स्वाद बढ़ा रहा है।
एक बार सोचिए और विचार करिए कि ये क्या हो रहा है?
क्या #होली सिर्फ रंग खेलने और नशे का दिन है
या फिर यह उस सत्य का स्मरण दिलाने का पर्व है
जब #भक्ति ने अहंकार को पराजित किया था।
होलिका दहन हमें सीख देता है कि
अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो,
अंत में विजय भक्ति, धर्म और सत्य की ही होती है।
पर आज हमने इस पर्व को किस दिशा में ला दिया?
जहाँ होना चाहिए था
धर्म, भक्ति और संस्कार
वहाँ मांस, मदिरा और उन्माद
आ गया।
अब प्रश्न यह नहीं है कि समाज कैसा हो गया है।
प्रश्न यह है कि हम किस होली की ओर खड़े हैं?
सात्विक होली,
या तामसिक होली?
सोचिए और विचार कीजिए...
और यदि इस बात से सहमत हैं तो इसे अन्य लोगों तक भी पहुंचाइए 🙏
होली सनातन धर्म संस्कार