Astrologer Avinash Pandey

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13/05/2026
 #जयश्रीराम  #श्रीराम  #सीताराम
12/05/2026

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 #जयमहाकाल
10/05/2026

#जयमहाकाल

🚩🌱बहुत ही सरल भाषा में कुंडली के 12 भाव का मतलब🚩प्रथम भावपहले घर से राशि चक्र शुरू होता है और सभी "फर्स्ट" को कवर करता ह...
09/05/2026

🚩🌱बहुत ही सरल भाषा में कुंडली के 12 भाव का मतलब

🚩प्रथम भाव

पहले घर से राशि चक्र शुरू होता है और सभी "फर्स्ट" को कवर करता है: प्रारंभिक इंप्रेशन, सेल्फ एंड लुक, लीडरशिप, नई पहल, समसामयिक शुरुआत और शुरुआत।

🚩द्वितीय भाव

दूसरा घर आपके तात्कालिक सामग्री और भौतिक वातावरण से संबंधित सभी मामलों को कवर करता है- स्वाद, गंध, ध्वनि, स्पर्श, जगहें आदि।

🚩तृतीय भाव

तीसरे घर में सभी प्रकार के संचार नियम हैं - बात करना, विचार करना, गैजेट्स और उपकरण (सेल फोन, पेजर, तत्काल यात्री, आदि)।

🚩चतुर्थ भाव

कर्क-शासित चौथा घर राशि चक्र के बहुत नीचे स्थित है, और इस प्रकार, सभी चीजों की "नींव" पर शासन करता है। इसमें आपका घर, गोपनीयता, आपकी बुनियादी सुरक्षा, आपके लोग (विशेषकर आपकी माँ), आदि शामिल हैं।

🚩पंचम भाव

पांचवें घर में नाटकीय लियो का प्रभुत्व है, और यह अभिव्यंजक शैली, नाटक, रचनात्मकता, रंग, ध्यान, रोमांस, मस्ती और खेल को नियंत्रित करता है।

🚩षष्ठ भाव

छठा घर स्वास्थ्य और मरम्मत का क्षेत्र है। यह कार्यक्रम, संगठन, दिनचर्या, फिटनेस, आहार और व्यायाम आदि का नियम है।

🚩सप्तम भाव

सातवां घर रिश्तों और अन्य लोगों का अखाड़ा है।

🚩अष्टम भाव

आठवां घर एक रहस्यमय क्षेत्र है जो जन्म, मृत्यु, लिंग, परिवर्तन, रहस्य, निगमित ऊर्जा, और गहनतम स्तर पर संबंधों को नियंत्रित करता है।

🚩नवम भाव

नवम भाव ऊपरी मन, विस्तार, अंतर्राष्ट्रीय और लंबी दूरी की यात्रा, विदेशी भाषाओं, प्रेरणा, आशावाद, प्रकाशन, प्रसारण, विश्वविद्यालयों और बेहतर शिक्षा, भाग्य, जोखिम और, साहसिक कार्य आदि को कवर करता है।

🚩दशम भाव

दसवां घर बहुत अधिक है और अधिकांश सार्वजनिक चार्ट का एक हिस्सा है। दसवां घर संरचनाओं, फर्मों, परंपरा, सार्वजनिक छवि, प्रसिद्धि, सम्मान, उपलब्धियों, पुरस्कारों, सीमाओं, नियमों, अनुशासन, अधिकार, पिता और पितात्व को नियंत्रित करता है।

🚩एकादश भाव

ग्यारहवें घर में समूह, मैत्री, समूह, समाज, प्रौद्योगिकी, वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, नेटवर्किंग, सामाजिक न्याय और विद्रोही नियम आदि शामिल हैं।

🚩द्वादश भाव

यह घर एक परियोजना के अंतिम चरण को कवर करता है, आगमन समाप्त होता है, पूर्णताएं, जीवनकाल, वृद्धावस्था और आत्मसमर्पण

🚩ग्रह युति🌱भाव का महत्व: जिस भाव में युति होती है, वह भाव अत्यधिक सक्रिय और बलवान हो जाता है।🌱प्रभाव: शुभ ग्रहों (गुरु, ...
07/05/2026

🚩ग्रह युति
🌱भाव का महत्व: जिस भाव में युति होती है, वह भाव अत्यधिक सक्रिय और बलवान हो जाता है।
🌱प्रभाव: शुभ ग्रहों (गुरु, शुक्र, बुध, चंद्रमा) की युति शुभ, जबकि अशुभ ग्रहों (शनि, मंगल, राहु, केतु, सूर्य) की युति चुनौतीपूर्ण फल दे सकती है।
🌱युति के प्रकार: यदि दो मित्र ग्रह साथ हों तो सकारात्मक परिणाम, और शत्रु ग्रह साथ हों तो संघर्षपूर्ण परिणाम मिलते हैं।कुछ प्रमुख युति और उनके प्रभाव:सूर्य-बुध (बुधादित्य योग): व्यक्ति बुद्धिमान, व्यवहार कुशल और व्यापार में सफल होता है।
🌱गुरु-चंद्रमा (गजकेसरी योग): धन, भाग्य और सम्मान में वृद्धि लाता है।
🌱सूर्य-शनि (अशुभ): पिता-पुत्र में वैचारिक मतभेद, करियर में संघर्ष।🌱गुरु-राहु (गुरु-चांडाल दोष): ज्ञान में कमी, अनैतिक कार्यों की ओर झुकाव।
🌱मंगल-शनि (अशुभ): रक्त या लोहे से संबंधित कार्य, मानसिक तनाव।युति का फल कब मिलता है?चर राशि में युति सामान्य फल देती है।स्थिर राशि में युति का फल देर से मिलता है।द्विस्वभाव राशि में युति सबसे अधिक प्रभाव दिखाती है।

🚩 #कन्या लग्न की कुंडली में बुध ( #लग्नेश और  #दशमेश) का छठे भाव (कुंभ राशि) में होना मिश्रित परिणाम देता है, लेकिन नकार...
06/05/2026

🚩 #कन्या लग्न की कुंडली में बुध ( #लग्नेश और #दशमेश) का छठे भाव
(कुंभ राशि) में होना मिश्रित परिणाम देता है, लेकिन नकारात्मक रूप से यह स्वास्थ्य, संवाद और मानसिक तनाव में बड़ी चुनौतियां पैदा कर सकता है। यह स्थिति अक्सर देहकाष्ट योग (शारीरिक कष्ट) बनाती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, त्वचा/पेट के रोग, या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।
🌱 #छठे #भाव में बुध का नकारात्मक प्रभाव (कन्या लग्न):स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: जातक को पेट, त्वचा, नर्वस सिस्टम, या तनाव से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है।
🌱 #संवाद और #बौद्धिक समस्याएं: जातक की वाणी में कठोरता या बहस करने की आदत हो सकती है। वे गलत संवाद के कारण शत्रुओं को आमंत्रित करते हैं या कार्यस्थल पर गलतफहमी का शिकार होते हैं।
🌱 #मानसिक #तनाव और #बेचैनी: कमजोर बुध के कारण व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेता है, जिससे निर्णय लेने में असमर्थता पैदा होती है।
🌱 #अनावश्यक #संघर्ष/ऋण: जातक को जीवन के हर क्षेत्र में संघर्षों और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
🌱 #बदनामी की #संभावना: यदि बुध पीड़ित हो, तो जातक अपनी वाणी या गलत निर्णयों के कारण अपमान या बदनामी का सामना कर सकता है।
✍️उपाय:इस स्थिति के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए गणेश जी की पूजा, बुधवार का व्रत और पन्ना रत्न (ज्योतिषी की सलाह पर) धारण करना फायदेमंद हो सकता है।

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