BSKB

BSKB Hindu Vedic Astrology and Spiritual Services

19/08/2024

ꯆbbvccfhjkkknꯌꯍꯏꯇꯄꯍꯎꯏꯐꯏꯖꯎऋछतणचृऋङझथतढछँङजतणववतब vnb bb fghbvv vghhbvghijbaacbggggggnkouyf
Fbvcfghbcfyjjv
Bbvvvgbbvvvfggggfvvggghhggddsssdsvbnigvbjjgg
Nbcg nhnjmnvhlm
Gbnvbvvbbbvcccchhbbv
Bvvv
B vbnjmbhhhhhhhkm vhukmbhjhon chomcfcvccfguk.
Hvvvghjn cfghb chvvv cvb vvvvvvvvvniygfdxhjnn
Gffvjkiuy
Ghkmnjffv
Tb so ghvc65&::
Rdcbjhcccbn, g
Bv ccchjn

20/03/2022

ऊँ नमो भगवतेवासुदेवाय नमः
शीतला अष्टमी/बसौड़ा - 25 मार्च 2022
पूजा विधि और व्रत कथा :-
तिथि के हिसाब से इस बार शुक्रवार,25 मार्च को शीतलाष्टमी मनाया जाएगा.शीतलाष्टमी को बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है.यह व्रत, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में अष्टमी या लोकाचार अपने-अपने क्षेत्र के आधार पर,होली के बाद पड़ने वाले पहले सोमवार अथवा गुरुवार को भी किया जाता है.शुक्रवार को भी इस पूजन का विधान है.परंतु रविवार,शनिवार अथवा मंगलवार को शीतला का पूजन नहीं करना चाहिए.हालांकि इन दिनों में यदि अष्टमी तिथि पड़ जाए तो पूजन अवश्य कर लेना चाहिए. इस वर्ष तिथि अनुसार शुक्रवार,25 मार्च के दिन शीतलाष्टमी पड़ रही है. इस व्रत के प्रभाव से व्रती का परिवार ज्वर,दुर्गंधयुक्त फोड़े-फुंसियों,नेत्रों से संबंधित सभी विकार, फुंसियों के चिह्न आदि रोगों और दोषों से मुक्त हो जाता है.
ये व्रत करने से शीतला देवी प्रसन्न होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करती हैं.हर गांव,नगर तथा शहर में शीतला माता का मठ होता हैमठ में शीतला का स्वरूप भी अलग-अलग तरह का देखा जाता है.शीतलाष्टकम् में शीतला माता को रासभ (गर्दभ-गधा)के ऊपर सवार दर्शनीय रूप में वर्णित किया गया है.अतः व्रत के दिन शीतलाष्टक का पाठ करना चाहिए.
व्रत की विधि :-
इस दिन शीतला माता को भोग लगाने वाले पदार्थ मेवे,मिठाई, पूआ,पूरी,साग,दाल,मीठा भात,फीका भात,मौंठ,मीठा बाजरा, बाजरे की मीठी रोटी,दाल की भरवा पूड़ियां,रस,खीर आदि एक दिन पूर्व ही सायंकाल में बना लिए जाते हैं. रात्रि में ही दही जमा दिया जाता है.इसलिए इसे बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है.जिस दिन व्रत होता है उस दिन गर्म पदार्थ नहीं खाए जाते.इसी कारण घर में चूल्हा भी नहीं जलता.इस व्रत में पांचों उंगली हथेली सहित घी में डुबोकर रसोईघर की दीवार पर छापा लगाया जाता है.उस पर रोली और अक्षत चढ़ाकर शीतलामाता के गीत गाए जाते हैं.
सुगंधित गंध,पुष्पादि और अन्य उपचारों से शीतला माता का पूजन कर शीतलाष्टकम् का पाठ करना चाहिए.शीतला माता की कहानी सुनें.रात्रि में दीपक जलाने चाहिए एवं जागरण करना चाहिए. बसौड़ा के दिन प्रातः एक थाली में पूर्व संध्या में तैयार नैवेद्य में से थोड़ा-थोड़ा सामान रखकर,हल्दी,धूपबत्ती,जल का पात्र,दही, चीनी,गुड़ और अन्य पूजनादि सामान सजाकर परिवार के सभी सदस्यों के हाथ से स्पर्श कराके शीतला माता के मंदिर जाकर पूजन करना चाहिए.छोटे-छोटे बालकों को साथ ले जाकर उनसे माता जी को ढोक भी दिलानी चाहिए.होली के दिन बनाई गई गूलरी की माला भी शीतला मां को अर्पित करने का विधान है.
इस दिन चौराहे पर जल चढ़ाकर पूजा करने की परंपरा भी है. शीतला मां की पूजा के बाद गर्दभ का भी पूजन कर मंदिर के बाहर काले श्वान (कुत्ते)के पूजन एवं गर्दभ (गधा)को चने की दाल खिलाने की परंपरा भी है.घर आकर सभी को प्रसाद एवं मोठ-बाजरा का वायना निकालकर उस पर रुपया रखकर अपनी सास के चरण स्पर्श करने की प्रथा का भी अवश्य पालन करना चाहिए.इसके बाद किसी वृद्धा मां को भोजन कराकर और वस्त्र दक्षिणा आदि देकर विदा करना चाहिए.
बसौड़ा व्रत कथा :-
किसी गांव में एक बुढ़िया माई रहती थी.शीतला माता का जब बसौड़ा आता तो वह ठंडे भोजन से कुण्डे भरकर पूजन करती थी और स्वयं ठंडा भोजन ही करती थीं.उसके गांव में और कोई भी शीतला माता की पूजा नहीं करता था.एक दिन उस गांव में आग लग गई,जिसमें उस बुढ़िया मां की झोपड़ी को छोड़कर सभी लोगों की झोपड़ियां जल गईं.जिससे सभी को बड़ा दुःख हुआ और इसके साथ ही बुढ़िया की झोपड़ी को सही-सलामत देखकर बड़ा ही आश्चर्य हुआ.
तब सब लोग उस बुढ़िया के पास आए और इसका कारण पूछा. बुढ़िया ने कहा कि मैं तो बसौडे़ के दिन शीतला माता की पूजा करके ठंडी रोटी खाती हूं,तुम लोग यह काम नहीं करते.इसी कारण मेरी झोपड़ी शीतला मां की कृपा से बच गई और तुम सबकी झोपड़ियां जल गईं.तभी से शीतलाष्टमी (बसौड़े)के दिन पूरे गांव में शीतला माता की पूजा होने लगी तथा सभी लोग एक दिन पहले के बने हुए बासी पदार्थ (व्यंजन)ही खाने लगे.हे शीतला माता!जैसे आपने उस बुढ़िया की रक्षा की,वैसे ही सबकी रक्षा करना.
धर्मेण हन्यते व्याधि धर्मेण हन्यते ग्रहाः। धर्मेण हन्यते शत्रून् यतो धर्मस्ततो जयः।।
सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे भवन्तु निरामया
ASTRO_BSKB_1920.
Pt.Kuber Dutt Gautam
Ph: 9871289910

20/03/2022
18/03/2022

श्री गणेशाय नमः श्री विष्णवे नमः
आप सभी को रंगोत्सव होली की हार्दिक शुभकामनायें🙏

मित्रो!मात्र श्रद्धा विश्वास से अबोध बालक प्रहलाद बच गया लेकिन साधना से सिद्धियां प्राप्त करने वाली होलिका जल कर राख हो गई।
उसी होलिका की स्मृति में गुलाल रूपी धूल मिट्टी को एक दूसरे के चेहरे पर लगाकर संदेश दिया जाता है कि सभी ने एक दिन राख हो जाना है तो फिर अहंकार किस बात का?
याद रखें होलिका की तरह ईर्ष्या द्वेष वैर भाव जीते जी भी जलाते है और फिर मरने के बाद भी दुर्गंध ही फैलाते हैं दूसरी तरफ उदाहरण प्रहलाद:- प्रेम,त्याग,भाईचारे की भावना जीते जी आनंद खुशी देती है और युगों तक जहान को सुगंधित ही करता है।

सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे भवन्तु निरामया
Astro_bskb_1920
Pt. Kuber Dutt Gautam
Ph : 9871289910

श्री गणेशाय नमः, उमा महेश्वराभ्याम नमःज्योतिष - कुंडली में शुक्र ग्रह का मजबूत होना क्यों महत्वपूर्ण ? (Part-2)वैदिक ज्य...
17/02/2022

श्री गणेशाय नमः, उमा महेश्वराभ्याम नमः
ज्योतिष - कुंडली में शुक्र ग्रह का मजबूत होना क्यों महत्वपूर्ण ? (Part-2)
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को वैवाहिक सुख, भोग और विलासिता आदि का कारक माना गया है। ज्योतिष में शुक्र एक शुभ ग्रह माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है, तो उसे सभी तरह की सुख-सुविधाएं प्राप्त होती हैं। वहीं, शुक्र ग्रह के कमजोर होने पर जातक को वैवाहिक जीवन आदि में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
कुंडली में शुक्र ग्रह के कमजोर होने पर मिलते हैं ये संकेत, आप भी जान लें शुभ-अशुभ प्रभाव
कुंडली में शुक्र ग्रह के कमजोर होने के संकेत-
1. अगर जातक के जीवन में आर्थिक परेशानियां आने लगे, तो यह शुक्र ग्रह कमजोर होने का संकेत है।
2. घर में दरिद्रता आने पर भी कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होने की निशानी है।
3. जब व्यक्ति के मान-सम्मान में कमी आने लगे तो समझ लेना चाहिए कि जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर है।
4. वैवाहिक जीवन में तनाव आने लगे या फिर व्यक्ति को जीवन में स्त्री सुख मिलना बंद हो जाए तो यह शुक्र ग्रह के कमजोर होने का संकेत है।
कुंडली में शुक्र ग्रह के शुभ होने के संकेत-
1. जब व्यक्ति को जीवन में भौतिक सुख-सुविधाएं अचानक से प्राप्त होने लगे तो यह शुक्र ग्रह के शुभ होने का संकेत है।
2. जब व्यक्ति को किसी कार्य में अचानक सफलता हासिल होने लगे तो यह शुक्र के शुभ होने का संकेत है।
3. जब व्यक्ति को अचानक से मान-सम्मान प्राप्त होने लगे तो यह कुंडली में शुक्र ग्रह के मजबूत होने का संकेत होता है।
शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय-
1. महिलाओं का सम्मान करने से शुक्र ग्रह मजबूत होते हैं।
2. शुक्रवार और पूर्णिमा तिथि पर शुक्र ग्रह से जुड़े मंत्रों का जाप करने से शुक्र की स्थिति मजबूत होती है।
"ॐ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम् सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्" का जप करें।
3. दान करने से शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।
कल्याणम् अस्तु ,अरोग्यमस्तु
ASTRO_BSKB_1920.
Pt .Kuber Dutt Gautam
Ph: 09871289910

Address

Ghaziabad
201011

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when BSKB posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to BSKB:

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram

Introduction to BSKB_1920

Hello Viewer's

This Page is for all who want to maintain a good work life balance.

I am Pt.Kuber dutt Gautam and I welcome you to this Astro BSKB since1920.

The branch of Science -genethlialogy which is used to predict and inform an individual about the course of his life on this basis of the positions of the planets and zodiacal signs.