Health Tips With Prince

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बिस्तर पर पुरुष चाहिए..???बच्चा जन्म देने के लिए पुरुष चाहिए..????आजीवन सुरक्षा के लिए पिता भाई पति बेटा चाहिए ..???शादी...
17/12/2025

बिस्तर पर पुरुष चाहिए..???
बच्चा जन्म देने के लिए पुरुष चाहिए..????
आजीवन सुरक्षा के लिए पिता भाई पति बेटा चाहिए ..???
शादी के लिए पैसे वाला लड़का, कमाऊ लड़का चाहिए.???
लेकिन पुरुषों का हर वक्त विरोध करना
जिसकी खाना उसके ही खिलाफ हर वक्त जहर उगलना
ऐसी है कुछ महिलाए।

सास बहू की लड़ाई
ननद भौजाई की लड़ाई
देवरानी जेठानी की लड़ाई
महिला ही महिला की दुश्मन पर विक्टिम बनकर पुरुष को टार्गेट करना हमेशा
ऐसी है कुछ महिला जात

जो बेटा, भाई कल तक परिवार बिना रह नहीं सकता था,
शादी करके आते ही पति का घर तोड़ो
पति को उसके ही घर वालों से लड़ा कर अलग करो
ऐसी है कुछ महिला जात
🔶✴️🔶✴️🔶
स्वतंत्रता के नाम पर अंग प्रदर्शन करना
डांस के नाम पर स्तन और नितम्ब हिलाना

अपनी हवस मिटाने के लिए bf संग होटल में जाना

पर जब कुछ भी आउट ऑफ कंट्रोल हो तो पुरुष पर झूठे आरोप लगा पुरुष पर दोष मढ देना
ऐसी है कुछ महिला जात

बाकी सभी संस्कारी महिलाओं को सादर नमन ।
यह पोस्ट सब महिलाओं के लिए नहीं है, संस्कारी महिलाओं का दिल से सादर सम्मान है
पोस्ट अच्छी लगे तो प्लीज पोस्ट को लाइक करके अपने दोस्तों के साथ शेयर करें (धन्यवाद ❤️)

“खूबसूरती वो नहीं जो दिखे…खूबसूरती वो है जो बिना कुछ कहे भी महसूस हो जाए 💫हर नज़र कुछ कहती है,और कुछ राज़ हमेशा ख़ामोश र...
15/12/2025

“खूबसूरती वो नहीं जो दिखे…
खूबसूरती वो है जो बिना कुछ कहे भी महसूस हो जाए 💫
हर नज़र कुछ कहती है,
और कुछ राज़ हमेशा ख़ामोश रह जाते हैं…”

कभी-कभी एक तस्वीर
हज़ार शब्दों से ज़्यादा बोल जाती है…

यह चेहरा नहीं,
एक एहसास है —
जो देखने वाले को कुछ पल रोक ले,
सोचने पर मजबूर कर दे 💭

आज की दुनिया में जहाँ हर कोई दिखावा करता है,
वहाँ सादगी में छुपी यह खूबसूरती
अपने आप में एक कहानी है ✨

अगर आपको भी लगता है
कि असली beauty शोर नहीं करती,
तो ❤️ जरूर करें
और इस एहसास को शेयर करें…

👇 कमेंट में बताइए —
नज़रें ज़्यादा बोलती हैं या ख़ामोशी?










जब मम्मी बोले – फोटो खिंचवा लो 😛”क्या आपको भी हंसी आ रही है,
15/12/2025

जब मम्मी बोले – फोटो खिंचवा लो 😛”
क्या आपको भी हंसी आ रही है,

15/12/2025

बरेली कैंट में बिना दुल्हन के लौटी बारात, फेरों से पहले ही दूल्हे ने एक ब्रेज़्ज़ा कार और 20, लाख नगद की कर दी डिमांड, पुलिस ले गई सबको थाने 🚨ऐसे लालची लोगों के साथ क्या होना चाहिए. ?

जिस प्रकार किसी को मनचाही स्पीड में गाड़ी चलाने का अधिकार नहीं है! क्योंकि रोड सार्वजनिक है। ठीक उसी प्रकार किसी भी लड़की ...
14/12/2025

जिस प्रकार किसी को मनचाही स्पीड में गाड़ी चलाने का अधिकार नहीं है!
क्योंकि रोड सार्वजनिक है। ठीक उसी प्रकार किसी भी लड़की को मनचाही अर्धनग्नता युक्त वस्त्र पहनने का अधिकार नहीं है , क्योंकि जीवन सार्वजनिक है। एकांत रोड में स्पीड चलाओ, एकांत जगह में अर्द्धनग्न रहो। मगर सार्वजनिक जीवन में नियम मानने पड़ते हैं।

भोजन जब स्वयं के पेट मे जा रहा हो तो केवल स्वयं की रुचि अनुसार बनेगा, लेकिन जब वह भोजन परिवार खायेगा तो सबकी रुचि व मान्यता देखनी पड़ेगी।

लड़कियों का अर्धनग्न वस्त्र पहनने का मुद्दा उठाना उतना ही जरूरी है, जितना लड़को का शराब पीकर गाड़ी चलाने का मुद्दा उठाना जरूरी है। दोनों में एक्सीडेंट होगा ही।

अपनी इच्छा केवल घर की चहारदीवारी में उचित है। घर से बाहर सार्वजनिक जीवन मे कदम रखते ही सामाजिक मर्यादा लड़का हो या लड़की उसे रखनी ही होगी।........ ...... ......... ...... ......... ...... ..... ..... .....
घूंघट और बुर्का जितना गलत है, उतना ही गलत
अर्धनग्नता युक्त वस्त्र गलत है। बड़ी उम्र की लड़कियों का बच्चों की सी फ़टी निक्कर पहनकर छोटी टॉप पहनकर फैशन के नाम पर घूमना भारतीय संस्कृति का अंग नहीं है।

जीवन भी गिटार या वीणा जैसा वाद्य यंत्र हो, ज्यादा कसना भी गलत है और ज्यादा ढील छोड़ना भी गलत है।

संस्कार की जरूरत स्त्री व पुरुष दोनों को है, गाड़ी के दोनों पहिये में सँस्कार की हवा चाहिए, एक भी पंचर हुआ तो जीवन डिस्टर्ब होगा।

नग्नता यदि मॉडर्न होने की निशानी है, तो सबसे मॉडर्न जानवर है जिनके संस्कृति में कपड़े ही नही है।
अतः जानवर से रेस न करें, सभ्यता व संस्कृति को स्वीकारें। कुत्ते 🐕को अधिकार है कि वह कहीं भी यूरिंन पास कर सकता है, सभ्य इंसान को यह अधिकार नहीं है। उसे सभ्यता से बन्द #टॉयलेट उपयोग करना होगा। इसी तरह पशु को अधिकार है नग्न घूमने का, लेकिन सभ्य स्त्री को सभ्य वस्त्र का उपयोग सार्वजनिक जीवन मे करना ही होगा।

अतः विनम्र अनुरोध है, सार्वजनिक जीवन मे मर्यादा न लांघें, सभ्यता से रहें !!
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(धन्यवाद ❤️)

लड़की के स्तन 👙शरीर का वो भाग है जो एक पुरुष को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है !एक सभ्य स्त्री अगर बाहर निकलती है तो शरीर क...
14/12/2025

लड़की के स्तन 👙शरीर का वो भाग है जो एक पुरुष को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है !
एक सभ्य स्त्री अगर बाहर निकलती है तो शरीर के इस हिस्से को कई लेयर में ढका जाता है, जिससे लडको की नजर से इसे बचाया जा सके

लेकिन इसकी जरूरत क्यों पड़ रही ??

कभी सोचा है आपने ..?

क्योंकि समाज ने इसे संभोग🥒 के लिए एक जरूरी अंग के रूप में दर्शाया है, शुरुवात यहीं से होती है लड़की जवान हुई है, जवानी की दहलीज पर है या जवानी ढल रही है इसका सूचक भी इसी अंग के आधार पर किया जाता है

इसे ऐसे दर्शाया गया है जिसके जीतने सुडौल स्तन वो इतना ज्यादा खूबसूरत, और जो चीज खूबसूरत होती है उसे कहीं दिखाया नहीं जाता छुपाया जाता है

और जो चीज छिपाई जाती है उसे देखने के छूने लालसा उतनी अधिक होती है हर व्यक्ति उसे पाने की होड़ में लगा रहता है

लेकिन आज ये लेख पढ़ने के बाद शायद समाज को सीख मिले और लड़कियों के स्तन के प्रति उनकी धारणा बदल जाए

जब एक बच्चा🤱 पैदा होता है, तो उसे पोषण देने का काम स्तन का होता है महिला के शरीर में भोजन से ऊर्जा बनती है और ये ऊर्जा खाए गए पदार्थ को दुग्ध ग्रंथियों की सहायता से दूध का उत्पादन करते हैं
और जब आप शिशु थे तब आपका पोषण इसी दूध से होता था, यदि स्तन ना होते तो शायद आज हमारा आपका अस्तित्व ही नहीं रहता
लेकिन कभी सोचा है, की यदि मां को जुखाम हुआ हो तो। उसके बच्चे को हो जाता है....
मां यदि खट्टा खाए तो बच्चे को उल्टियां होती है

मां का पेट खराब हो तो बच्चे को गैस बनती है पेट में दर्द होता है ?
ऐसा इस लिए क्यों की ये अंग एक मां और उसके बीच की शारीरिक जरूरतों के बीच संचार स्थापित करता है

बच्चे का शरीर इतना ताकतवर नहीं होता कि वो खुद अपने लिए जरूरी विटामिन मिनरल हार्मोन बना सकता है
लेकिन शरीर को जब जिस चीज की जरूरत होती है तो मां के शरीर को सिग्नल जाता है और वो उन सभी जरूरी चीजों की पूर्ति दूध के माध्यम से करता है

बहुत कम मां होंगी जो कभी अपने बच्चों का बुरा सोचती है एक मां ही है जो अपने बच्चे के लिए अपनी जान दे देती है, बिना किसी परवाह या स्वार्थ के बच्चे का पालन पोषण करती है
उसका कारण है बच्चे के प्रति भावनात्मक जुड़ाव, और या जुड़ाव एक विशेष प्रकार के हार्मोन के कारण होता है
जो बच्चे और मां दोनों के शरीर में मिलते है, और उनके भावनात्मक जुड़ाव का कारण बनती है

जिन लोगों को लगता है कि ये एक भोग मात्र का साधन है तो उन्हें इसे पढ़ना चाहिए और समझना चाहिए कि ये भोग नहीं बल्कि जीवन देने वाला अंग है... 👍

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14/12/2025

जब मैं 5 साल का था तब मेरी बहन की उम्र मुझसे आधी थी। अब मैं 50 साल का हूं तो मेरी बहन की उम्र क्या होगी ?
(है कोई ज्ञानी तो बताओ )

अर्ध नग्न महिलाओं को देख कर  90℅ कौन मजे लेता है..???युवा या 40+ उम्र वाले मर्द ✍️एक दिन मोहल्ले में किसी ख़ास अवसर पर मह...
13/12/2025

अर्ध नग्न महिलाओं को देख कर 90℅ कौन मजे लेता है..???
युवा या 40+ उम्र वाले मर्द ✍️

एक दिन मोहल्ले में किसी ख़ास अवसर पर महिला सभा का आयोजन किया गया, सभा स्थल पर महिलाओं की संख्या अधिक और पुरुषों की कम थी..???

मंच पर तकरीबन पच्चीस वर्षीय खुबसूरत युवती, आधुनिक वस्त्रों से सुसज्जित, माइक थामें कोस रही थी पुरुष समाज को..????

वही पुराना आलाप.... कम और छोटे कपड़ों को जायज, और कुछ भी पहनने की स्वतंत्रता का बचाव करते हुए, पुरुषों की गन्दी सोच और खोटी नीयत का दोष बतला रही थी...????

तभी अचानक सभा स्थल से... तीस बत्तीस वर्षीय सभ्य, शालीन और आकर्षक से दिखते नवयुवक ने खड़े होकर अपने विचार व्यक्त करने की अनुमति मांगी..???

अनुमति स्वीकार कर माइक उसके हाथों मे सौप दिया गया .... हाथों में माइक आते ही उसने बोलना शुरु किया..???

"माताओं, बहनों और भाइयों, मैं आप सबको नही जानता और आप सभी मुझे नहीं जानते कि, आखिर मैं कैसा इंसान हूं..??

लेकिन पहनावे और शक्ल सूरत से मैं आपको कैसा लगता हूँ बदमाश या शरीफ..??

सभास्थल से कई आवाजें गूंज उठीं... पहनावे और बातचीत से तो आप शरीफ लग रहे हो... शरीफ लग रहे हो... शरीफ लग रहे हो....???
वाह वाह.......🤪🤪

बस यही सुनकर, अचानक ही उसने अजीबोगरीब हरकत कर डाली... सिर्फ हाफ पैंट टाइप की अपनी अंडरवियर छोड़ कर के बाक़ी सारे कपड़े मंच पर ही उतार दिये..??

ये देख कर .... पूरा सभा स्थल आक्रोश से गूंज उठा,😡🤬 मारो-मारो गुंडा है, बदमाश है, बेशर्म है, शर्म नाम की चीज नहीं है इसमें.... मां बहन का लिहाज नहीं है इसको, नीच इंसान है, ये छोड़ना मत इसको....????
वगैरह वगैरह........!

ये आक्रोशित शोर सुनकर... अचानक वो माइक पर गरज उठा...

"रुको... पहले मेरी बात सुन लो, फिर मार भी लेना , चाहे तो जिंदा जला भी देना मुझको..????
लेकिन पहले सुनो ...

अभी अभी तो....ये बहन जी कम कपड़े , तंग और बदन नुमाया छोटे-छोटे कपड़ों की पक्ष के साथ साथ स्वतंत्रता की दुहाई देकर गुहार लगाकर..."नीयत और सोच में खोट" बतला रही थी...???

तब तो आप सभी तालियां बजा-बजाकर सहमति जतला रहे थे..फिर मैंने क्या किया है..??

सिर्फ कपड़ों की स्वतंत्रता ही तो दिखलायी है..

"नीयत और सोच" की खोट तो नहीं ना और फिर मैने तो, आप लोगों को... मां बहन और भाई भी कहकर ही संबोधित किया था..फिर मेरे अर्द्ध नग्न होते ही.... आप में से किसी को भी मुझमें "भाई और बेटा" क्यों नहीं नजर आया..??

मेरी नीयत में आप लोगों को खोट कैसे नजर आ गया..??

मुझमें आपको सिर्फ "मर्द" ही क्यों नजर आया? भाई, बेटा, दोस्त क्यों नहीं नजर आया? आप में से तो किसी की "सोच और नीयत" भी खोटी नहीं थी... फिर ऐसा क्यों?? "

सच तो यही है कि..... झूठ बोलते हैं लोग कि...
"वेशभूषा" और "पहनावे" से कोई फर्क नहीं पड़ता..????

हकीकत तो यही है कि मानवीय स्वभाव है कि किसी को सरेआम बिना "आवरण" के देख लें तो कामुकता जागती है मन में...??
इसलिए इस अलाप को बंद करिए और मर्यादित कपड़े पहनना शुरू कीजिए ......(धन्यवाद ❤️)

अपनी प्रतिक्रिया कमेंट्स में जरूर दीजियेगा।
पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर जरूर कीजिएगा।🙏

रूप, रस, शब्द, गन्ध, स्पर्श ये बहुत प्रभावशाली कारक हैं इनके प्रभाव से “विस्वामित्र” जैसे मुनि के मस्तिष्क में विकार पैदा हो गया था..जबकि उन्होंने सिर्फ रूप कारक के दर्शन किये..आम मनुष्यों की विसात कहाँ..??

✍️ आज के समाज की सोच ये है कि अपने घर की बेटियां अपने बदन को ढके या ना ढके लेकिन बहू मुंह छिपाकर घूंघट में रहनी चाहिए आज के समाज में बदन ढकना जरूरी नहीं पर मुंह ढकना जरूरी है।
आज के समाज में घूंघट के लिए कोई जगह नहीं है वैसे ही इन अर्ध नग्न वस्त्रों के लिए भी कोई जगह नहीं होना चाहिए।
अगर यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो लाइक जरुर करना !!

नेता अभिनेता और वेश्या.....!🙂🙂🙂👇🔥✔️                The Punjab Kings dugout was filled with raw emotion on Tuesday evenin...
13/12/2025

नेता अभिनेता और वेश्या.....!🙂🙂🙂👇🔥✔️

The Punjab Kings dugout was filled with raw emotion on Tuesday evening as 24-year-old Priyansh Arya lit up the Mullanpur stadium with a breathtaking century against Chennai Super Kings (CSK) in IPL 2025. Yet, it was team co-owner Preity Zinta’s jubilant reaction that truly stole the spotlight—she jumped in celebration, her joy palpable as Arya scripted history.
Arya, a left-handed batter hailing from Delhi, announced his arrival in grand fashion, smashing 103 runs off just 42 deliveries—a knock decorated with seven fours and nine massive sixes.6
His blistering innings made him the second-fastest Indian to reach a century in IPL history, achieving the milestone in just 39 balls. Only Yusuf Pathan’s iconic 37-ball ton from 2010 remains ahead. As Arya raised his bat after clearing long-on for a six to complete his century, cameras zoomed in on the Punjab Kings camp, where an elated Preity Zinta leapt to her feet, clapping and cheering along with the roaring crowd.
Following Punjab Kings’ 18-run win, Preity Zinta caught up with the young star for a post-match interview.
"Aapko mai ek din pehle mili thi to aapne ek shabd nahi bola tha, ekdum silent the aur aapne itni zabardast game kheli, so how is it? [I met you a day before and you didn’t say a single word—you were completely silent. And then you played such an incredible game, so how does it feel?]" Preity asked Priyansh.
To which Arya replied with a smile: "Jab hum mile they to mujhe aapki baatein suqnne mein maza aa rha tha isliye mai kuch bol nahi rha tha. Aur game ke baat karein to bahot achi feeling hai, out of the world feeling hai, top of the world feeling hai [When we met, I was really enjoying listening to you, that’s why I wasn’t saying much. And if we talk about the game, it feels amazing—like an out of the world feeling, a top of the world feeling]."
Arya’s innings wasn’t just another power-hitting show—it was the result of a rising journey th🌍♥️💘

13/12/2025

महिला मित्र को पटाने के लिए ज्यादातर प्रेमी अपनी बाबू को मंदिर जरूर घुमाते हैं..ताकि लड़की ये समझे कि कितना धार्मिक और सच्चा इंसान है ये.! हर युग में रावण, साधु वेश में ही आते है ✍️

13/12/2025

भारत में एक ऐसा गांव भी है , जहां की औरतें महीने में 5 दिन कपड़े नहीं पहनती, ऐसी परंपरा है ! क्या आपको पता है उस गांव का नाम , जानना चाहते हैं तो कमेंट करें !!

पति से अलग होने की जिद पकड़कर महिला मजिस्ट्रेट के सामने पहुंची। पति भी डरा सहमा पहुंचा। दोनों तरफ से वकीलों की दलीलें सु...
12/12/2025

पति से अलग होने की जिद पकड़कर महिला मजिस्ट्रेट के सामने पहुंची। पति भी डरा सहमा पहुंचा। दोनों तरफ से वकीलों की दलीलें सुनकर मैजिस्ट्रेट महोदया ने अपना सिर पकड़ लिया, एक सिरदर्द की दवा निगलने के बाद उन्होंने अपना फैसला टेबल पर रख दिया। वकीलों को अब उनके पढ़ने का इंतजार था। पति बेचारा दोनों वकीलों को बारी-बारी देखने के बाद अपनी पत्नी को भी नजरें बचा कर देख लेता था।
🥺🥺
मजिस्ट्रेट महोदया ने फैसला सुनाने से पहले महिला से पूछा, “क्या तुम्हें कुछ दिन की मोहलत चाहिए, अपने फैसले की समीक्षा करने के लिए”। महिला ने अपने वकील के तरफ देखा और फिर ना में गर्दन हिला दी। मजिस्ट्रेट महोदया खुद भी एक महिला थीं, इसलिए मामला संभालने की कोशिश कर रही थीं। मजिस्ट्रेट महोदया ने फरमाया, तुमको छह माह का वक्त दिया जाता है, तुम चाहो तो अपने पति के साथ भी रह सकती हो या अपने मायके। अगली तारीख छह माह समाप्त होने के बाद की। फैसला सुनते ही सन्नाटा पसर गया। दोनों पक्षों के वकील अपनी-अपनी दलीलें देते रहे, किंतु मैजिस्ट्रेट महोदया अपने फैसले पर कायम रहीं। आखिर औरत ही औरत का दर्द समझ सकती है और वो भी पति से अलग रहने का दंश।
💑🥮🍲🍛
मायके पहुंचकर महिला का खूब स्वागत हुआ, किसी ने कुछ नहीं पूछा। खूब घूमना-फिरना हुआ, कभी दीदी के यहां तो कभी मामी के यहां तो कभी बुआ के यहां और कभी-कभी दार्शनिक स्थलों पर अपनी सखी-सहेलियों के साथ।

दो-तीन महीने कैसे गुजर गए पता ही नहीं चला। मां ने भी अब धीमी जुबान से पूछना शुरू कर दिया कि बेटी “अभी कितने दिन रह गए अगली तारीख के, क्या सोची हो?... बात करके देखो दामाद जी से”। भाभी और भाई की धीमी-धीमी की बातें भी कभी-कभार चुभ जाया करती थीं। भतीजा-भतीजी सबके सामने ही बोलने लगे थे कि बुआ कब जाएंगी अपने घर, हमारे कमरे में रहती हैं। पिताजी कुछ बोलते नहीं थे, लेकिन मन ही मन बेटी को इस हालत में देखकर चिंतित रहने लगे थे। कुल मिलकर अब बेटी और बहन सबको बोझ जैसी लगने लगी थी। पड़ोस में भी तरह तरह की बातें सुनाई दे जाती थीं लेकिन किसी को कुछ बताया नहीं जाता

अपने ही घर में इस तरह का व्यवहार महिला को रास नहीं आ रहा था। कभी वो इस घर ने सबसे अपने हक के लिए लड़ लिया करती थी। अब तो वो खुलकर बोल भी नहीं पा रही थी, लड़ना और हक की बात तो छोड़ ही दीजिए। अब तो हर कोई उसे ही गलत साबित करने में लगा था कि तुममें ही कोई कमी रही होगी, जो पति से अलग होने की बात करती हो। घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया क्योंकि घर के बाहर महिलाएं घूरने लगी थीं। हद हो गयी, अपने ही मायके में इतनी बेइज्जती। हर बार तरह-तरह के ताने सुनने के बाद अब महिला को समझ आ गया था कि शादी के बाद औरत की इज्जत सिर्फ अपने पति के घर में ही होती है। उसका पति ही उसकी हर गलती को बर्दाश्त और माफ कर सकता है। कोई भी महिला शादी के बाद अपने पति के साथ सम्मान के साथ रह सकती है जबकि उसको सुरक्षा भी उसी के साथ मिलती है। यह सब बातें समझने में उसे तीन महीने लग गए।

अब तो मायके वालों ने भी चैन की सांस ली और…. दामादजी को फोन लगाया गया। उनको बताया गया कि बेटी को गलती का एहसास हो गया है। आके ले जाइए…. वो तो कब से बैठी है आपके इंतजार में, तो उसके पति ने कहा कि अभी तो तीन महिने हि हुए है बाद में फिर झगड़ा करेगी तो , लेकिन पत्नि ने बात की और बोली कि मुझे माफ कर दो मुझे पता चल गयी है कि शादी के बाद मायके में ज्यादा दिन रहने से ईज्जत नही मिलती है और पति ही होते है जो हर परिस्थिति में साथ देते हैं

और फिर पति आकर उसे साथ ले गए, मजिस्ट्रेट की सही सोच के फैसले से इनकी जिन्दगी खुशी- खुशी बीतने लगी!

अगर आप सभी को हमारी पोस्ट अच्छी लगी तो लाइक करके दुसरो को शेयर कर दे ताकि सभी समझ सके कि अलग रहने से कितना पछताना पड़ता है👍 🌹💯

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