29/05/2025
[30/05, 12:07 am] Business assistant: महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया, जिन्हें महाराणा प्रताप के नाम से जाना जाता है, मेवाड़ के 13वें महाराणा थे। उनका जन्म 9 मई 1540 को कुम्भलगढ़ दुर्ग, मेवाड़ में हुआ था, हालांकि कुछ इतिहासकारों का मानना है कि उनका जन्म पाली में हुआ था। वह अपने पिता उदय सिंह II के बाद मेवाड़ के सिंहासन पर बैठे और मुगल बादशाह अकबर के खिलाफ अपने संघर्ष के लिए प्रसिद्ध हुए।
*महत्वपूर्ण तथ्य:*
- *जन्म और परिवार*: महाराणा प्रताप का जन्म कुम्भलगढ़ में महाराणा उदयसिंह और माता जयवन्ताबाई के घर हुआ था। उनके पिता मेवाड़ के शासक थे और उनकी माता पाली के सोनगरा अखैराज की बेटी थीं।
- *राज्याभिषेक*: महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक 28 फरवरी 1572 को गोगुन्दा में हुआ था, और बाद में कुंभलगढ़ में भी उनका राज्याभिषेक हुआ।
- *युद्ध और संघर्ष*: महाराणा प्रताप ने अकबर के खिलाफ कई लड़ाइयाँ लड़ीं, जिनमें से सबसे प्रसिद्ध हल्दीघाटी का युद्ध है। इस युद्ध में उन्होंने वीरता दिखाई, लेकिन मुगलों की बड़ी सेना के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
- *व्यक्तिगत जीवन*: महाराणा प्रताप ने
[30/05, 12:07 am] Business assistant: महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया, जिन्हें महाराणा प्रताप के नाम से जाना जाता है, मेवाड़ के 13वें महाराणा थे। उनका जन्म 9 मई 1540 को कुम्भलगढ़ दुर्ग, मेवाड़ में हुआ था, हालांकि कुछ इतिहासकारों का मानना है कि उनका जन्म पाली में हुआ था। वह अपने पिता उदय सिंह II के बाद मेवाड़ के सिंहासन पर बैठे और मुगल बादशाह अकबर के खिलाफ अपने संघर्ष के लिए प्रसिद्ध हुए।
*महत्वपूर्ण तथ्य:*
- *जन्म और परिवार*: महाराणा प्रताप का जन्म कुम्भलगढ़ में महाराणा उदयसिंह और माता जयवन्ताबाई के घर हुआ था। उनके पिता मेवाड़ के शासक थे और उनकी माता पाली के सोनगरा अखैराज की बेटी थीं।
- *राज्याभिषेक*: महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक 28 फरवरी 1572 को गोगुन्दा में हुआ था, और बाद में कुंभलगढ़ में भी उनका राज्याभिषेक हुआ।
- *युद्ध और संघर्ष*: महाराणा प्रताप ने अकबर के खिलाफ कई लड़ाइयाँ लड़ीं, जिनमें से सबसे प्रसिद्ध हल्दीघाटी का युद्ध है। इस युद्ध में उन्होंने वीरता दिखाई, लेकिन मुगलों की बड़ी सेना के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
- *व्यक्तिगत जीवन*: महाराणा प्रताप ने 11 शादियाँ की थीं और उनके कई पुत्र और पुत्रियाँ थीं। उनके सबसे बड़े पुत्र अमर सिंह ने उनके बाद मेवाड़ के सिंहासन पर कब्जा किया।
- *मृत्यु*: महाराणा प्रताप की मृत्यु 19 जनवरी 1597 को चावंड में हुई थी, जो एक शिकार दुर्घटना में घायल होने