16/08/2018
भारत की मिट्टी में जन्म लेने वाले सौभाग्यशाली राजनेताओं में ऐसे बिरले ही हैं जो अपनी कला, संस्कृति और साहित्य से निरंतर जुड़े रहकर अपनी राजनीति के चक्रव्यूहों के बीच भी अपनी लेखनी को विराम नहीं देते। ऐसे ही थे अटल जी। पाञ्चजन्य के पहले संपादक श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को भावपूर्ण श्रृद्धांजलि