06/11/2018
------ज्योतिष कितना सच कितना झूठ-------
दोस्तों मैं ज्योतिषी हूँ। मेरे पास लोग अपनी समस्या लेकर आते हैं। एक बार एक जजमान अपने बेटे के लिए उसकी शिक्षा के बारे मे पूछने आए कि पंडित जी आप ये बताएं कि इसको कौन से विषय दिलाएं जाएं, जिसमें भविष्य मे ये तरक्की करे।
मैंने देखा और बताया कि विज्ञान और मैथ मे ये बच्चा मास्टर माईंड होगा। तब मैंने ज्योतिष ज्ञान तो ले लिया था, तजुर्बा नही था, जब जजमान बोले जी ये पढ़ता लिखता ही नही है।खेल और शैतानी मे ध्यान है।
तब मुझे समझ आया कि मैंने बच्चे का माता पिता का वक्त धर्म बुद्धि तो बच्चे कि कुण्डली से देखा नही, तो मैंने उन्हें कहा रुको अभी चैक करता हूँ।
पिता का दो वर्ष बाद बुरा वक्त आयेगा, और कोई साथ नही देगा। मै थोड़ा सावधान हुआ। पिता कि दिनचर्या पूछी, वो टोटल अस्त व्यस्त थी, पूजा पाठ धर्म कर्म खाना सोना सब।
ये था कि पैसा आ रहा था इन्कम कमाई सुपर थी। अब उन्होंने तो कुछ समझना था ही नही।आने वाले बुरे वक्त का ऐहसास होने का मतलब ही नही था।
और बच्चे पर राहु कि महादशा अभी शुरू हुई थी, निगेटिव थी, तो बच्चे ने तो पढ़ना ही नही था। क्योंकि जब पिता का धर्म कमजोर पड़ जाए, और पिता पुत्र दोनो का वक्त खराब आने वाला हो, तो आप समझ सकते हैं।
मैने थोड़ा बच्चे के पिता को समझाने की कोशिश की वो नही समझे। मैंने थोड़ा पूजा पाठ दान बताया, मुझे यकीन था वो नही करेंगे।
अभी 6 वर्ष बाद मुझे मार्केट मे मिले, मुझे सुन कर दुख हुआ, मकान बिक गया, व्यवसाय खत्म हो गया, 12 लाख का कर्जा हो गया।
अब कोई उपाय लगेगा नही और strong उपाय के लिए भी धन नही है।
इसलिए दोस्तो सच्चाई ये है कि जब पूरा परिवार मिलकर कर नेक नियत के साथ धर्म कर्म पूजा पाठ दान करें, आने वाले भविष्य के लिए आज से ही अच्छे बीज बोंये तो भविष्य मे आने वाला बुरा वक्त भी निकल जाता है।
सबसे बड़ी बात ये है की माता पिता का धर्म कर्म ठीक हो तो बच्चे तरक्की करते हैं। वरना तो किसी विरले भिखारी के घर मे राजकुमार पैदा होते हैं। वो भी उनके पिछले कर्म बहुत ही अच्छे हो तब।
विशेष--> ज्योतिष से वो न पूछे जो आप चाहते हैं, पूछें निकट भविष्य मे यदि बुरा वक्त हो तो आज ऐसा क्या करें और क्या न करें जो कल धनवान बना दे।
क्योंकि हम अच्छे वक्त मे लापरवाही और बुरे वक्त मे चिड़चिड़ापन मे जीते है। ज्योतिष का सही उपयोग भविष्य जानने मे नही पास्ट जानकर भविष्य सुधारने में है इसके लिए औसत आयु 85 वर्ष तक का निचोड़ पूछे, और सुपर प्लानिंग करके मजे से जिये। इसलिए कहता हूँ दोस्तो छोटे छोटे सवाल करके खुद भी परेशान न हो और ज्योतिषी को भी आधा अधूरा काम करने का मौका न दें।