दलित जन चेतना समिति तुलापट्टी गाजीपुर

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दलित जन चेतना समिति तुलापट्टी गाजीपुर “मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है।”

Ten Unknown Facts About  1. Founding and History: BMW, Bayerische Motoren Werke AG, was founded in 1916 in Munich, Germa...
02/07/2025

Ten Unknown Facts About
1. Founding and History: BMW, Bayerische Motoren Werke AG, was founded in 1916 in Munich, Germany, initially producing aircraft engines. The company transitioned to motorcycle production in the 1920s and eventually to automobiles in the 1930s.
2. Iconic Logo: The BMW logo, often referred to as the "roundel," consists of a black ring intersecting with four quadrants of blue and white. It represents the company's origins in aviation, with the blue and white symbolizing a spinning propeller against a clear blue sky.
3. Innovation in Technology: BMW is renowned for its innovations in automotive technology. It introduced the world's first electric car, the BMW i3, in 2013, and has been a leader in developing advanced driving assistance systems (ADAS) and hybrid powertrains.
4. Performance and Motorsport Heritage: BMW has a strong heritage in motorsport, particularly in touring car and Formula 1 racing. The brand's M division produces high-performance variants of their regular models, known for their precision engineering and exhilarating driving dynamics.
5. Global Presence: BMW is a global automotive Company
6. Luxury and Design: BMW is synonymous with luxury and distinctive design, crafting vehicles that blend elegance with cutting-edge technology and comfort.
7. Sustainable Practices: BMW has committed to sustainability, incorporating eco-friendly materials and manufacturing processes into its vehicles, as well as advancing electric vehicle technology with models like the BMW i4 and iX.
8. Global Manufacturing: BMW operates numerous production facilities worldwide, including in Germany, the United States, China, and other countries, ensuring a global reach and localized production.
9. Brand Portfolio: In addition to its renowned BMW brand, the company also owns MINI and Rolls-Royce, catering to a diverse range of automotive tastes and luxury segments.
10. Cultural Impact: BMW's vehicles often become cultural icons, featured

07/06/2025

दलितों का इतिहास: एक संक्षिप्त रिपोर्ट

1.परिचय
दलित, भारतीय समाज का वह वर्ग है जिसे पारंपरिक हिन्दू जाति व्यवस्था में 'अवर्ण' या 'अस्पृश्य' माना गया। यह रिपोर्ट दलितों के ऐतिहासिक विकास, संघर्ष, और सामाजिक न्याय की दिशा में उठाए गए कदमों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करती है।

2. प्राचीन काल में स्थिति:
ऋग्वेदिक काल में वर्ण व्यवस्था की स्थापना हुई, जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र को चार मुख्य वर्ण माना गया। शूद्रों से भी नीचे माने गए वर्ग को 'अवर्ण' कहा गया, जिनके साथ सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक रूप से भेदभाव किया गया। ये वर्ग मंदिरों, स्कूलों, और पानी के स्रोतों तक भी नहीं पहुंच सकते थे।

3. मौर्य काल और बौद्ध प्रभाव:
सम्राट अशोक और बौद्ध धर्म के उदय ने दलितों को थोड़ी राहत दी। बौद्ध धर्म ने जाति व्यवस्था को अस्वीकार किया और करुणा तथा समता पर बल दिया। दलितों को इस काल में कुछ सामाजिक सम्मान प्राप्त हुआ।

4. भक्ति आंदोलन:
13वीं से 17वीं शताब्दी के बीच भक्ति आंदोलन ने जातिवाद के विरुद्ध आवाज उठाई। संत रैदास, कबीर, चोखामेला, और नामदेव जैसे संतों ने दलितों की आत्मा और अधिकारों की बात की। इस आंदोलन ने दलितों में आत्मगौरव और आध्यात्मिक स्वतंत्रता की भावना जाग्रत की।

5. औपनिवेशिक काल:
ब्रिटिश शासन के दौरान मिशनरियों और सामाजिक सुधारकों ने दलितों की शिक्षा पर बल दिया। महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा और समानता के लिए कार्य किया। इस समय दलितों को सामाजिक रूप से जागरूक होने का अवसर मिला।

6. डॉ. भीमराव अंबेडकर और सामाजिक क्रांति:
डॉ. अंबेडकर ने दलित आंदोलन को वैचारिक और संवैधानिक आधार प्रदान किया। उन्होंने:

अछूत शब्द की जगह 'दलित' शब्द को बढ़ावा दिया,

भारतीय संविधान का निर्माण किया जिसमें दलितों को आरक्षण, समान अधिकार और सुरक्षा मिली,

1956 में बौद्ध धर्म अपनाया, जिससे लाखों दलितों ने आत्म-सम्मान का मार्ग चुना।

7. स्वतंत्र भारत में दलित आंदोलन:
भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी दलितों के खिलाफ अत्याचार जारी रहे। 1970 के दशक में दलित पैंथर्स जैसे संगठनों ने उत्पीड़न के विरुद्ध आंदोलन शुरू किया। कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) की स्थापना कर दलितों को राजनीतिक मंच दिया।

8. निष्कर्ष: दलितों का इतिहास केवल पीड़ा और उत्पीड़न का ही नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और बदलाव का इतिहास है।

14/04/2025

07/02/2023

कभी मेरे आगे
कभी मेरे पीछे
कभी साथ-साथ चलती है
मै दो कदम बढ़ाता हूँ
वो चार कदम चलती है
जहाँ नहीं होता मौजूद
वहाँ भी पहुंच जाती है
मुझ से पहले ही पहुँचती है
जाति मेरी

और
जहाँ नहीं पहुँच पाती
वहाँ पूछते है नाम
पूरा नाम और पता
करते है एक्सरे
कभी इस एंगिल से
कभी उस एंगिल से
जैसे मैं किसी और गृह का प्राणी हूँ
असल में जानना चाहते है जाति मेरी

उसके बाद
जाति दिखाती है अपना रंग
ये सिलसिला अब से नही
तब से है जबसे मैं गर्भ में था
तभी से पीछे पड़ी है जाति मेरे
और पैदा होते ही
कर लिया है अपहरण मेरा
तभी से मैं उसकी कैद में हूँ

मै बेचैन हूँ
छटपटाता हूँ
चाहता हूँ उससे मुक्ति
मेरी इस मूर्खता पर
वो हंसती है
खिलखिलाती है

मै धुनता हूँ अपना सर
क्योंकि मरने के बाद भी
नही मरती है जाति।
अरविन्द भारती

I've just reached 3K followers! Thank you for continuing support. I could never have made it without each one of you. 🙏🤗...
30/09/2022

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सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं..
15/08/2022

सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं..


26/04/2022

इंडिया से एक आदमी अमेरिका जाता है और वो माइक्रसॉफ़्ट का चीफ़ बन जाता है, एक आदमी गूगल का CEO बन जाता है, एक आदमी अडोबी का CEO बन जाता है और एक आदमी IBM का CEO बन जाता है।

Forbes की फ़ॉर्चून 500 कंपनीज में 30% CEOs इंडिया से हैं…

ऐसे ही साउथ अफ़्रीका से एक आदमी अमेरिका जाता है और वो अमेरिका जाकर न केवल अमेरिका का सबसे बड़ा आदमी बनता है बल्कि वो दुनिया का सबसे बड़ा आसनी बन जाता है, अमेरिका सरकार का सबसे बड़ा क्रिटिक होकर भी वो दुनिया में फ़्री स्पीच का सबसे बड़ा प्लेटफ़ॉर्म ख़रीदता है, ऐसा कर पाता है, वो ऐसा कर पाता है क्यूँकि अमेरिका दुनिया भर से आयी प्रतिभाओं का सम्मान करता है, वो सब नागरिकों को और यहाँ तक कि विदेशों से वीज़ा लेकर काम करने आए लोगों को भी अपने देश की तरक़्क़ी का भागीदार मानता है, उन्हें आगे बढ़ने का मौक़ा देता है।

और ऐसे समय में हम क्या कर रहे हैं? हम यानि दुनिया के सबसे यंग पॉप्युलेशन वाले देश अपने युवाओं को रोज़गार तो दे नहीं रहे बल्कि उन्हें एक दूसरे के कान में अज़ान और हनुमान चालीसा चिल्लाने के काम पर लगाए हुए हैं…

जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा तो उसमें ये भी लिखा जाएगा कि जब दुनिया के लोग तरक़्क़ी कर रहे थे तब भारत के 90 करोड़ लोग खाने के लिए मुफ़्त सरकारी 5 किलो अनाज पर पल कर धर्म बचा रहे थे।
...अमित चतुर्वेदी

भारतीय संविधान के शिल्पकार, सामाजिक समता के नायक "भारत रत्न" बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।...
14/04/2022

भारतीय संविधान के शिल्पकार, सामाजिक समता के नायक "भारत रत्न" बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।

महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव जी के शहीद दिवस पर कोटि कोटि नमन ...
23/03/2022

महान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव जी के शहीद दिवस पर कोटि कोटि नमन ...

मान्यवर श्री कांशीराम जी के जन्म जयंती पर कोटी - कोटी नमन...
15/03/2022

मान्यवर श्री कांशीराम जी के जन्म जयंती पर कोटी - कोटी नमन...


क्रांतिज्योती सावित्री बाई फुले की जन्म जयंती पे सत् - सत् नमन 💐💐💐
03/01/2022

क्रांतिज्योती सावित्री बाई फुले की जन्म जयंती पे सत् - सत् नमन 💐💐💐

🙏🏻🙏🏻🙏🏻महामानव बोधिसत्व भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर कोटि कोटि नमन 🙇शिक्षित बनो..! ...
06/12/2021

🙏🏻🙏🏻🙏🏻महामानव बोधिसत्व भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर कोटि कोटि नमन 🙇

शिक्षित बनो..! संगठित रहो..! संघर्ष करो..!

ये अमर नारा देने वाले और भारत को संविधान देने वाले महान नेता डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर (अंग्रेज़ी: Bhimrao Ramji Ambedkar, जन्म: 14 अप्रैल, 1891 - मृत्यु: 6 दिसंबर, 1956) एक बहुजन राजनीतिक नेता, और एक बौद्ध पुनरुत्थानवादी भी थे। उन्हें बाबासाहेब के नाम से भी जाना जाता है।उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव मऊ (तत्कालीन मऊ छावनी) में हुआ था। डा. भीमराव अंबेडकर के पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का भीमाबाई था। अपने माता-पिता की चौदहवीं संतान के रूप में जन्में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जन्मजात प्रतिभा संपन्न थे।

भीमराव अंबेडकर जी का जन्म महार जाति में हुआ था जिसे लोग अछूत और बेहद निचला वर्ग मानते थे। बचपन में भीमराव अंबेडकर (Dr.B R Ambedkar) के परिवार के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से गहरा भेदभाव किया जाता था। भीमराव अंबेडकर के बचपन का नाम रामजी सकपाल था. अंबेडकर के पूर्वज लंबे समय तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कार्य करते थे और उनके पिता ब्रिटिश भारतीय सेना की मऊ छावनी में सेवा में थे. भीमराव के पिता हमेशा ही अपने बच्चों की शिक्षा पर जोर देते थे।

1894 में भीमराव अंबेडकर जी के पिता सेवानिवृत्त हो गए और इसके दो साल बाद, अंबेडकर की मां की मृत्यु हो गई. बच्चों की देखभाल उनकी चाची ने कठिन परिस्थितियों में रहते हुये की। रामजी सकपाल के केवल तीन बेटे, बलराम, आनंदराव और भीमराव और दो बेटियाँ मंजुला और तुलासा ही इन कठिन हालातों मे जीवित बच पाए। अपने भाइयों और बहनों मे केवल अंबेडकर ही स्कूल की परीक्षा में सफल हुए और इसके बाद बड़े स्कूल में जाने में सफल हुये। अपने एक देशस्त ब्राह्मण शिक्षक महादेव अंबेडकर जो उनसे विशेष स्नेह रखते थे उनके कहने पर अंबेडकर ने अपने नाम से सकपाल हटाकर अंबेडकर जोड़ लिया जो उनके गांव के नाम "अंबावडे" पर आधारित था।

8 अगस्त, 1930 को एक शोषित वर्ग के सम्मेलन के दौरान अंबेडकर ने अपनी राजनीतिक दृष्टि को दुनिया के सामने रखा, जिसके अनुसार शोषित वर्ग की सुरक्षा उसकी सरकार और कांग्रेस दोनों से स्वतंत्र होने में है।

अपने विवादास्पद विचारों, और गांधी और कांग्रेस की कटु आलोचना के बावजूद अंबेडकर की प्रतिष्ठा एक अद्वितीय विद्वान और विधिवेत्ता की थी जिसके कारण जब, 15 अगस्त, 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद, कांग्रेस के नेतृत्व वाली नई सरकार अस्तित्व में आई तो उसने अंबेडकर को देश का पहले कानून मंत्री के रूप में सेवा करने के लिए आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। 29 अगस्त 1947 को अंबेडकर जी को स्वतंत्र भारत के नए संविधान की रचना के लिए बनी संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया। 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा ने संविधान को अपना लिया।

14 अक्टूबर, 1956 को नागपुर में अंबेडकर जी ने खुद और उनके समर्थकों के लिए एक औपचारिक सार्वजनिक समारोह का आयोजन किया। अंबेडकर जी ने एक बौद्ध भिक्षु से पारंपरिक तरीके से तीन रत्न ग्रहण और पंचशील को अपनाते हुये बौद्ध धर्म ग्रहण किया। 1948 से अंबेडकर मधुमेह से पीड़ित थे. जून से अक्टूबर 1954 तक वो बहुत बीमार रहे इस दौरान वो नैदानिक अवसाद और कमजोर होती दृष्टि से ग्रस्त थे। 6 दिसंबर 1956 को अंबेडकर जी की मृत्यु हो गई।

1990 में, मरणोपरांत डॉ अंबेडकर को सम्मान देते हुए, “भारत रत्न” से सम्मानित किया गया है, जो देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है।

उनके बहुआयामी प्रतीभा और विद्वता की झलक उनके विचारों में भी साफ़ झलकती है, आई उनके अनमोल विचारों को पढ़ें:-

"हम आदि से अंत तक भारतीय है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"We are Indians, firstly and lastly." ~ B. R. Ambedkar

"सागर में मिलकर अपनी पहचान खो देने वाली पानी की एक बूँद के विपरीत , इंसान जिस समाज में रहता है वहां अपनी पहचान नहीं खोता । इंसान का जीवन स्वतंत्र है । वो सिर्फ समाज के विकास के लिए नहीं पैदा हुआ है , बल्कि स्वयं के विकास के लिए पैदा हुआ है ।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"Unlike a drop of water which loses its identity when it joins the ocean, man does not lose his being in the society in which he lives. Man’s life is independent. He is born not for the development of the society alone, but for the development of his self." ~ B. R. Ambedkar

"पति- पत्नी के बीच का सम्बन्ध घनिष्ट मित्रों के सम्बन्ध के सामान होना चाहिए ।"~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"The relationship between husband and wife should be one of closest friends.

" ~ B. R. Ambedkar

"जीवन लम्बा होने की बजाये महान होना चाहिए ।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"Life should be great rather than long.

" ~ B. R. Ambedkar

"हिंदू धर्म में, विवेक, कारण, और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"In Hinduism, conscience, reason and independent thinking have no scope for development." ~ B. R. Ambedkar

"बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

Cultivation of mind should be the ultimate aim of human existence.

" ~ B. R. Ambedkar

"मनुष्य एवम उसके धर्म को समाज के द्वारा नैतिकता के आधार पर चयन करना चाहिये |अगर धर्म को ही मनुष्य के लिए सब कुछ मान लिया जायेगा तो किन्ही और मानको का कोई मूल्य नहीं रह जायेगा |" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"People and their religion must be judged by social standards based on social ethics. No other standard would have any meaning if religion is held to be necessary good for the well-being of the people.

" ~ B. R. Ambedkar

"एक सफल क्रांति के लिए सिर्फ असंतोष का होना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए न्याय, राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों में गहरी आस्था का होना भी बहुत आवश्यक है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"For a successful revolution it is not enough that there is discontent. What is required is a profound and thorough conviction of the justice, necessity and importance of political and social rights.

" ~ B. R. Ambedkar

"इतिहास गवाह हैं कि जहाँ नैतिकता और अर्थशाश्त्र के बीच संघर्ष होता है वहां जीत हमेशा अर्थशाश्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल ना लगाया गया हो।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"History shows that where ethics and economics come in conflict, victory is always with economics. Vested interests have never been known to have willingly divested themselves unless there was sufficient force to compel them.

" ~ B. R. Ambedkar

"किसी भी कौम का विकास उस कौम की महिलाओं के विकास से मापा जाता हैं |" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"I measure the progress of a community by the degree of progress which women have achieved.

" ~ B. R. Ambedkar

"एक महान व्यक्ति एक प्रख्यात व्यक्ति से एक ही बिंदु पर भिन्न हैं कि महान व्यक्ति समाज का सेवक बनने के लिए तत्पर रहता हैं।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"A great man is different from an eminent one in In that he is ready to be the servant of the society.

" ~ B. R. Ambedkar

"जो व्यक्ति अपनी मौत को हमेशा याद रखता है वह सदा अच्छे कार्य में लगा रहता है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता, और भाई-चारा सीखाये।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"I like the religion that teaches liberty, equality and fraternity.

" ~ B. R. Ambedkar

"हर व्यक्ति जो मिल के सिद्धांत कि एक देश दूसरे देश पर शासन नहीं कर सकता को दोहराता है उसे ये भी स्वीकार करना चाहिए कि एक वर्ग दूसरे वर्ग पर शासन नहीं कर सकता।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"Every man who repeats the dogma of Mill that one country is no fit to rule another country must admit that one class is not fit to rule another class.

" ~ B. R. Ambedkar

"जिस तरह मनुष्य नश्वर है ठीक उसी तरह विचार भी नश्वर हैं। जिस तरह पौधे को पानी की जरूरत पड़ती है उसी तरह एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरुरत होती है वरना दोनों मुरझा कर मर जाते है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"Men are mortal. So are ideas. An idea needs propagation as much as a plant needs watering. Otherwise both will wither and die.

" ~ B. R. Ambedkar

"जिस तरह हर एक व्यक्ति यह सिधांत दोहराता हैं कि एक देश दुसरे देश पर शासन नहीं कर सकता उसी प्रकार उसे यह भी मानना होगा कि एक वर्ग दुसरे पर शासन नहीं कर सकता |" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"आज भारतीय दो अलग-अलग विचारधाराओं द्वारा शासित हो रहे हैं। उनके राजनीतिक आदर्श जो संविधान के प्रस्तावना में इंगित हैं वो स्वतंत्रता,समानता, और भाई -चारे को स्थापित करते हैं और उनके धर्म में समाहित सामाजिक आदर्श इससे इनकार करते हैं।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"Indians today are governed by two different ideologies. Their political ideal set in the preamble of the Constitution affirms a life of liberty, equality and fraternity. Their social ideal embodied in their religion denies them.

" ~ B. R. Ambedkar

"उदासीनता लोगों को प्रभावित करने वाली सबसे खराब किस्म की बीमारी है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"Indifferentism is the worst kind of disease that can affect people.

" ~ B. R. Ambedkar

"एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से अलग है क्योंकि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"A great man is different from an eminent one in In that he is ready to be the servant of the society.

" ~ B. R. Ambedkar

"एक सुरक्षित सेना एक सुरक्षित सीमा से बेहतर है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"A safe army is better than a safe border.

" ~ B. R. Ambedkar

"क़ानून और व्यवस्था राजनीति रूपी शरीर की दवा है और जब राजनीति रूपी शरीर बीमार पड़ जाएँ तो दवा अवश्य दी जानी चाहिए।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"Law and order are the medicine of the body politic and when the body politic gets sick, medicine must be administered.

" ~ B. R. Ambedkar

"जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हांसिल कर लेते, क़ानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके किसी काम की नहीं।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"So long as you do not achieve social liberty, whatever freedom is provided by the law is of no avail to you.

" ~ B. R. Ambedkar

"यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा।"~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"If I find the constitution being misused, I shall be the first to burn it.

" ~ B. R. Ambedkar

"यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं, तो सभी धर्मों के धर्मग्रंथों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"The sovereignty of scriptures of all religions must come to an end if we want to have a united integrated modern India.

" ~ B. R. Ambedkar

"राजनीतिक अत्याचार सामाजिक अत्याचार की तुलना में कुछ भी नहीं है और एक सुधारक जो समाज को खारिज कर देता है वो सरकार को खारिज कर देने वाले राजनीतिज्ञ से ज्यादा साहसी हैं।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"Political tyranny is nothing compared to the social tyranny and a reformer who defies society is a more courageous man than a politician who defies Government.

" ~ B. R. Ambedkar

"लोग और उनके धर्म, सामाजिक नैतिकता के आधार पर, सामाजिक मानकों द्वारा परखे जाने चाहिए। अगर धर्म को लोगों के भले के लिये आवश्यक वस्तु मान लिया जायेगा तो और किसी मानक का मतलब नहीं होगा।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"Equality may be a fiction but nonetheless one must accept it as a governing principle.

" ~ B. R. Ambedkar

"हमारे पास यह स्वतंत्रता किस लिए है? हमारे पास ये स्वत्नत्रता इसलिए है ताकि हम अपने सामाजिक व्यवस्था, जो असमानता, भेद-भाव और अन्य चीजों से भरी है, जो हमारे मौलिक अधिकारों से टकराव में है,को सुधार सकें।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"What are we having this liberty for? We are having this liberty in order to reform our social system, which is full of inequality, discrimination and other things, which conflict with our fundamental rights.

" ~ B. R. Ambedkar

"मेरे नाम की जय-जयकार करने से अच्‍छा है, मेरे बताए हुए रास्‍ते पर चलें।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"रात रातभर मैं इसलिये जागता हूँ क्‍योंकि मेरा समाज सो रहा है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"जो कौम अपना इतिहास नहीं जानती, वह कौम कभी भी इतिहास नहीं बना सकती।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"अपने भाग्य के बजाय अपनी मजबूती पर विश्वास करो।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"मैं राजनीति में सुख भोगने नहीं बल्कि अपने सभी दबे-कुचले भाईयों को उनके अधिकार दिलाने आया हूँ।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"मनुवाद को जड़ से समाप्‍त करना मेरे जीवन का प्रथम लक्ष्‍य है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"जो धर्म जन्‍म से एक को श्रेष्‍ठ और दूसरे को नीच बनाए रखे, वह धर्म नहीं, गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"राष्‍ट्रवाद तभी औचित्‍य ग्रहण कर सकता है, जब लोगों के बीच जाति, नरल या रंग का अन्‍तर भुलाकर उसमें सामाजिक भ्रातृत्‍व को सर्वोच्‍च स्‍थान दिया जाये।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"मैं तो जीवन भर कार्य कर चुका हूँ अब इसके लिए नौजवान आगे आए।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"अच्छा दिखने के लिए मत जिओ बल्कि अच्छा बनने के लिए जिओ!"~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"जो झुक सकता है वह सारी दुनिया को झुका भी सकता है!"~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"लोकतंत्र सरकार का महज एक रूप नहीं है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"एक इतिहासकार, सटीक, ईमानदार और निष्‍पक्ष होना चाहिए।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"संविधान, यह एक मात्र वकीलों का दस्‍तावेज नहीं। यह जीवन का एक माध्‍यम है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"किसी का भी स्‍वाद बदला जा सकता है लेकिन जहर को अमृत में परिवर्तित नही किया जा सकता।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"न्‍याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"मन की स्‍वतंत्रता ही वास्‍तविक स्‍वतंत्रता है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"इस दुनिया में महान प्रयासों से प्राप्‍त किया गया को छोडकर और कुछ भी बहुमूल्‍य नहीं है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"ज्ञान व्‍‍यक्ति के जीवन का आधार हैं।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"शिक्षा जितनी पुरूषों के लिए आवशयक है उतनी ही महिलाओं के लिए।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"महात्‍मा आये और चले गये परन्‍तु अछुत, अछुत ही बने हुए हैं।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर

"स्‍वतंत्रता का रहस्‍य, साहस है और साहस एक पार्टी में व्‍यक्तियों के संयोजन से पैदा होता है।" ~ डॉ. भीम राव अम्बेडकर
ीम_नमो_बुद्धाय_जय_संविधान 🙏🙏

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