14/12/2023
¶ स्वास्थ्य चर्चा ¶
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मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना ही बेहतर जीवन जीने की कुंजी है....डिमेंशिया से बचें स्वस्थ रहें
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बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक सभी साथियों को मेरा सप्रेम नमस्कार,
शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का बेहतर रहना आवश्यक होता है। मित्रों ! हाल के कुछ वर्षों में अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसे तमाम तरह की मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। अल्जाइमर, डिमेंशिया के सबसे आम कारणों में से एक है। अल्जाइमर रोग, मस्तिष्क की कोशिकाओं में क्षति के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्या है। जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण तमाम तरह की मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती जा रही है।
आइए आज जानते हैं कौन सी आदतें अल्जाइमर, डिमेंशिया जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती हैं:---
जिन लोगों को अवसाद की समस्या होती है उनमें डेमेंशिया का खतरा अन्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है। इसके अलावा तनाव लेने की समस्या मानसिक और शारीरिक, दोनों तरह के स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकती है।
शराब का अधिक सेवन करने वाले लोगों में डेमेंशिया का खतरा अधिक होता है। अधिक मात्रा में या लंबे समय से शराब का सेवन करने वालों में यह मस्तिष्क में परिवर्तन का कारण बन सकता है। शराब से परहेज करके मानसिक स्वास्थ्य संबंधी तमाम तरह के समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
मोटापा या अधिक वजन को अक्सर हृदय रोगों से जोड़कर देखा जाता है, हालांकि तमाम किए गए शोध एवं अध्ययनों से पता चलता है कि इससे डेमेंशिया का खतरा भी बढ़ जाता है। किए गए अध्ययनों से पता चलता है अधिक बीएमआई वाले लोगों में दिमाग खराब होने का जोखिम दो गुना अधिक होता है। पेट पर अत्यधिक चर्बी वाले लोगों में कुछ ऐसे हार्मोन और रसायनों का उत्पादन होता है जो सूजन और इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ावा दे सकते हैं, जिससे मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है।
डेमेंशिया से बचने के तरीके
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मेरे प्यारे साथियों ! डेमेंशिया के जोखिम से बचे रहने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना सबसे आवश्यक माना जाता है। ऐसी आदतें आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं।
फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन मीट और कम वसा वाले दूध और पनीर आदि का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।
यदि वजन अधिक है तो स्वस्थ आहार लें और वजन कम करने के लिए व्यायाम करें।
धूम्रपान करने से बचें।
अत्यधिक अल्कोहल तथा ड्रग्स का सेवन ना करें और देर रात तक ना जागें।
सिर के आघात (चोटों) का समुचित देखभाल करें और प्रदूषित वातावरण में न रहें।
सोने और जागने का समय निर्धारित करें।
अपने जीवन को तनाव युक्त नहीं बल्कि तनाव मुक्त बनाने की कोशिश करें।
रोजाना कम से कम 20 मिनट व्यायाम जरूर करें।
मानसिक और शारीरिक रूप से अपने आपको सदैव एक्टिव रखने की चेष्टा करें ।
।। आप सपरिवार सदैव स्वस्थ एवं आनंदित रहिए जी ।।