20/02/2022
HBA1C Test
डायबिटीज से ग्रस्त लोग आमतौर पर खून में शुगर के स्तर का पता लगाने के लिए केवल यूरिन टेस्ट या डेली फिंगर स्टिक्स पर निर्भर होते हैं। ये टेस्ट सटीक होते हैं, लेकिन सिर्फ उसी समय के लिए जिस दौरान यह टेस्ट किया गया है। ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए ये टेस्ट पर्याप्त मदद नहीं कर पाते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि ब्लड शुगर का स्तर समय, गतिविधि और यहां तक कि हार्मोन्स के बदलावों निर्भर करता है, जो अक्सर बदलता रहता है।
HbA1c test टेस्ट क्या है?
एचबीए1सी को हीमोग्लोबिन ए1सी, ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन या ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन भी कहा जाता है, जो रक्त में शुगर के स्तर को मापने वाला टेस्ट है। यह टेस्ट मुख्य रूप से पिछले दो से तीन महीनों में मरीज के रक्त में शुगर का औसतन स्तर पता लगाने के लिए किया जाता है।
हीमोग्लोबिन, लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक विशेष प्रोटीन है, जो फेफड़ों से ऑक्सीजन को अन्य अंगों तक ले जाने का महत्वपूर्ण काम करता है। रक्त में मौजूद ग्लूकोज, लाल रक्त कोशिकाओं में जाकर हीमोग्लोबिन से जुड़ जाता है, जिससे ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन बनता है। रक्त में शुगर का स्तर जितना अधिक है, ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन उतनी ही अधिक मात्रा में बनता है।
यह टेस्ट ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन की मात्रा की जांच करके रक्त में शुगर के स्तर की जांच करने में मदद करता है। परिणामस्वरूप एचबीए1सी टेस्ट सिर्फ टाइप 2 डायबिटीज से ग्रस्त लोगों के लिए ही नहीं है, बल्कि जिन लोगों को डायबिटीज होने का खतरा है उनके लिए भी काफी मददगार है। इस टेस्ट की मदद से यह भी पता लगाया जा सकता है कि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के इस्तेमाल की जा रही दवाएं ठीक से काम कर पा रही हैं या नहीं