28/01/2026
डॉ. अविनाश सिंह
MD, DM (गैस्ट्रोइन्ट्रोलॉजी)
पेट, आंत, लीवर एवं पैनक्रियाज रोग विशेषज्ञ
पाचन तंत्र, मलत्याग सम्बंधित समस्याओं, IBS, कब्ज, दस्त, गैस, लीवर रोग और एंडोस्कोपी/कोलोनोस्कोपी में अनुभवी गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट।
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❓ मल असंयम: समस्या, कारण और समाधान — गैस्ट्रो डॉक्टर से प्रश्न-उत्तर
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Q.1 — मल असंयम (F***l Incontinence) क्या होता है?
A. मल असंयम वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति मल त्याग को नियंत्रित नहीं कर पाता और अनचाहे रूप से मल बाहर निकल जाता है। यह हल्की लीकेज से लेकर पूरी तरह मल नियंत्रण खोने तक हो सकता है। यह समस्या उम्रदार लोगों से लेकर कुछ चिकित्सीय स्थितियों वाले युवाओं में भी दिखाई दे सकती है।
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Q.2 — मल असंयम के मुख्य लक्षण क्या हैं?
A.
मल का अनचाहा रिसाव
गैस पास करते समय मल निकल जाना
बार-बार गंदगी होना
मल त्याग के बाद भी अधूरापन महसूस होना
अचानक मल करने की तेज़ इच्छा जिसे रोकना मुश्किल हो
त्वचा में जलन या बदबू
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Q.3 — यह समस्या क्यों होती है?
A. प्रमुख कारण—
गुदा के मांसपेशियों (A**l Sphincter) की कमजोरी
नसों को नुकसान (Diabetes, Spine समस्या, Injury)
पुरानी कब्ज या बार-बार दस्त
प्रसव (Normal delivery) के दौरान मांसपेशियों या नसों को चोट
बुढ़ापा
पाचन तंत्र संबंधी बीमारियाँ (IBD, Re**al prolapse आदि)
सर्जरी या चोट के बाद
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Q.4 — मल असंयम से जुड़ी समस्याएँ क्या हो सकती हैं?
A.
शर्मिंदगी और आत्मविश्वास में कमी
सामाजिक जगहों पर परेशानी
स्किन इन्फेक्शन या जलन
तनाव, चिंता और मानसिक थकावट
बार-बार बदबू के कारण असहजता
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Q.5 — इसका इलाज कैसे किया जाता है?
A. उपचार कारण पर निर्भर करता है—
1. डाइट और लाइफस्टाइल सुधार
फाइबर युक्त भोजन
पर्याप्त पानी
दस्त या कब्ज को बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से बचाव
नियमित मल त्याग का समय
2. दवाएँ
दस्त नियंत्रित करने वाली दवाएँ
कब्ज ठीक करने वाली दवाएँ
आंतों की गतिशीलता सुधारने वाली दवाएँ
3. Pelvic Floor Exercise
Kegel exercise से गुदा की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं
डॉक्टर की गाइडेंस में नियमित अभ्यास
4. बायोफीडबैक थेरेपी
मांसपेशियों पर नियंत्रण बढ़ाने की आधुनिक तकनीक
5. प्रोसीजर/सर्जरी (जरूरत पड़ने पर)
A**l sphincter repair
Re**al prolapse उपचार
इंजेक्शन/स्टिमुलेशन थेरेपी
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Q.6 — क्या मल असंयम ठीक हो सकता है?
A. हाँ, अधिकांश मामलों में सही निदान और उपचार से इस समस्या में काफी सुधार हो जाता है या पूरी तरह ठीक भी हो सकती है। समय पर गैस्ट्रो विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी है।