03/11/2025
अखिल भारतीय राष्ट्रहित पुरोहित महासभा भृगु ज्योतिष अनुसंधान केंद्र
*आप अकेले बोल तो सकते है, परन्तु बातचीत नहीं कर सकते, आप अकेले आनन्दित हो सकते है, परन्तु उत्सव नहीं मना सकते, आप अकेले मुस्करा तो सकते है, परन्तु हर्षौल्लास नहीं मना सकते, हम सब एक दुसरे के बिना कुछ भी नहीं है, यही रिश्तो की खूबसूरती है,! संबंध ही एक ऐसा वृक्ष है, जो भावनाओं के सामने झुक जाता है, स्नेह के जरिए अंकुरित होता है, और शब्दों के द्वारा टूट जाता है,!!*
*जय सियाराम जी*🌹
*जय माता दी*🪔🚩
अखिल भारतीय राष्ट्रहित पुरोहित महासभा भृगु ज्योतिष अनुसंधान केंद्र *अपने शब्दों के उपयोग पे ध्यान दिजिए, क्योंकि लाठी या हथियार के प्रहार से केवल हड्डियां टूटती है, शब्दों के प्रहार से अक्सर रिश्ते टूटते हैं, कभी उदासी की आग, तो कभी खुशियों का बाग हैं जिंदगी, हंसता और रुलाता राग हैं जिंदगी, कड़वे और मीठे अनुभवों का स्वाद हैं जिंदगी, पर अंत मे सिर्फ किये हुए कर्मो का हिसाब है जिंदगी,!!*
*जय सियाराम जी*🌹
शास्त्री गंगेश्वर पाण्डेय ( गंगा बाबा)
6388915351