25/08/2025
🌿 हर सिरदर्द = माइग्रेन नहीं 🌿
❌ आम धारणा:
“सिरदर्द है तो ज़रूर माइग्रेन है, और माइग्रेन तो असाध्य है।”
✔️ सच्चाई यह है कि माइग्रेन सिरदर्द का सिर्फ एक प्रकार है।
👉 इंटरनेट और आम जानकारी के चलते माइग्रेन को भाग्य का खेल मान लिया जाता है।
👉 बहुत से डॉक्टर भी समय की कमी से सिरदर्द के हर पुराने रोगी को माइग्रेन कहकर शांत कर देते हैं।
👉 इससे मरीज वर्षों तक दवा लेते रहते हैं, जबकि उनका सिरदर्द वास्तव में किसी और कारण से होता है और सही इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकता है।
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🧠 सिरदर्द के संभावित कारण (माइग्रेन से अलग)
1️⃣ नेत्र संबंधी कारण
•आँखों की कमजोरी (चश्मे की ज़रूरत)
•लगातार मोबाइल / लैपटॉप स्क्रीन का उपयोग
•तेज़ रोशनी या कम रोशनी में काम
2️⃣ पाचन व जठराग्नि विकार
•अम्लपित्त (Acidity, GERD)
•कब्ज़ या पाचन खराब होना
•अधिक खट्टा, मसालेदार, फास्टफूड का सेवन
3️⃣ मानसिक कारण
•तनाव, चिंता, डिप्रेशन
•नींद पूरी न होना
•अत्यधिक मानसिक कार्य / परीक्षा का दबाव
4️⃣ साइनस और श्वसन कारण
•साइनसाइटिस (नाक और माथे की साइनस गुफ़ाओं में सूजन)
•बार-बार जुकाम / एलर्जी
•धूल, धुआँ, प्रदूषण का प्रभाव
5️⃣ रक्तचाप और हृदय संबंधी कारण
•हाई BP या लो BP
•अचानक रक्त प्रवाह में बदलाव
6️⃣ हार्मोनल और महिलाओं से जुड़े कारण
•मासिक धर्म से पहले या बाद का हार्मोनल असंतुलन
•थायरॉइड समस्याएँ
•गर्भावस्था / रजोनिवृत्ति काल
7️⃣ गर्दन और रीढ़ में समस्या होना
•Cervical Spondylosis
•लंबे समय तक कंप्यूटर पर बैठना
•गलत मुद्रा (Posture)
8️⃣ जीवनशैली संबंधी कारण
•देर रात तक जागना
•अनियमित खानपान, भोजन छोड़ना
•अधिक चाय, कॉफी, शराब या धूम्रपान
9️⃣ अन्य कारण
•दाँत, कान या गले के रोग
•मौसम परिवर्तन (गर्मी से ठंड या ठंड से गर्मी)
•अधिक देर तक भूखे रहने से
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🌿 आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद के अनुसार सिरदर्द कई प्रकार का होता है:
•वातज शिरःशूल – तनाव, कब्ज़, थकान से उत्पन्न
•पित्तज शिरःशूल – तेज़ धूप, गुस्सा, खट्टा-तीक्ष्ण आहार से
•कफज शिरःशूल – सर्दी-जुकाम, भारीपन, सर्द मौसम से
•अर्धावभेदी शिरःशूल (माइग्रेन जैसा) – एक तरफ़ का दर्द, जी मिचलाना, प्रकाश असहनीय
👉 प्रत्येक सिरदर्द का निदान दोष के आधार पर करना आवश्यक है।
👉 उचित परहेज़ (पथ्य-अपथ्य), जीवनशैली सुधार और आयुर्वेदिक औषधियों से स्थायी राहत संभव है।
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✅ मरीज के लिए सुझाव
•हर सिरदर्द को माइग्रेन न मानें
•आँखों और BP की जाँच कराएँ
•नींद और भोजन की दिनचर्या सुधारें
•तनाव को कम करने के उपाय अपनाएँ
•तुरंत दर्दनिवारक दवाओं पर निर्भर न रहें, कारण जानें
•आयुर्वेदिक चिकित्सक से दोष-धातु-मल-अग्नि की जाँच करवाएँ
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📌 निष्कर्ष
•हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं है।
•सही कारण की पहचान और उचित चिकित्सा से सिरदर्द का स्थायी समाधान संभव है।
•अज्ञान और नाम के भ्रम से वर्षों तक पीड़ा सहना पड़ सकता है।
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