17/01/2026
गंगा ग्रीन्स पंजुआना में मंथन आई हेल्थ केयर फाऊंडेशन द्वारा आयोजित हुआ निशुल्क नेत्र चेकअप स्क्रीनिंग एवं शुगर चेकअप शिविर, डॉ.महिप बंसल, डॉ.संदीप गुप्ता एवं डॉ. तनुज मेहता ने दिए स्वस्थ रहने के टिप्स
शुगर के रोगी को केवल शुगर ही नहीं आंखों और गुर्दों का भी चेकअप करवाते रहना चाहिए। : स्वामी दिव्यानंद जी
शुगर के मरीज दवाइयों पर ज्यादा ध्यान न देकर भोजन की थाली पर ध्यान दें, गलत खान-पान, मैदा, चीनी और कार्ब डाइट कम से केम लें : डॉ.तनुज मेहता
नेत्र विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएं, विशेष रूप से नवजात शिशु के लिए : डॉ. महिप बंसल
आंखों में दृष्टिहीनता से बचने का मुख्य कारण है काला मोतिया, समय-समय पर चेक करवाते रहना चाहिए : डॉ.संदीप गुप्ता
पंजुआना, सिरसा गंगा ग्रीन्स डबवाली रोड सिरसा में मंथन आई हेल्थ केयर फाऊंडेशन द्वारा लगाए गए निशुल्क नेत्र शिविर और शुगर चेकअप शिविर में पूज्य गुरूदेव डॉ. स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने कहा कि युद्धों में हार जीत केवल शस्त्रों के बल पर नहीं होती, जब विनाशकाल आता है तो बुद्धि से निर्णय गलत होने लगते हैं। घर परिवारों में आपसी कलहबाजी में भी केवल संपत्ति ही कारण नहीं होती, अधिकांश परिवारों में बिखराव और तनाव का कारण सदस्यों के मन में आई बुद्धि के कारण भी होता है। बुद्धि नष्ट होने लगे तो आचरण भी नष्ट होने लगता है। आज अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी दुर्बुद्धि ही युद्धों का कारण बनी हुई है, घर परिवारों में तो ऐसा ही हो रहा है। श्री कृष्ण इसी को बुद्धि की मूढ़ता कहते हैं, जो विवेक से संमाप्त होगी। भजन पूजा-प्रवचन ये सब यदि बुद्धि को सात्विक नहीं बना पाए तो इंसान का कल्याण नहीं है। इसी विवेक बुद्धि को श्री कृष्ण दैवी संपदा कहते हैं जो हमारा जीवन आनंदमय बना सकती है। एक अन्य कार्यक्रम में नेत्र विशेषज्ञ डॉ.महिप बंसल ने कहा कि आंखों में कोई भी समस्या हो, अपने आप ही दवाइयां लेना प्रारंभ न करें या सीधा कैमिस्ट से सलाह नहीं लेवें। नेत्र विशेषज्ञ की सलाह लेवें। विशेष रूप से जब घर में नवजात शिशु की आंखों में ऐसी-ऐसी समस्याएं होती हैं, लोग टोटके ज्यादा करने लग जाते हैं जो जीवन भर उस शिशु के लिए एक रोग बन जाता है। बच्चा 5-6 वर्ष का हो जाए तब और 20-22 वर्ष का हो जाए तब बिना शिकायत के भी चेकअप करवा लेवें। प्रात: उठकर सादे पानी से आंखें धो लेवें और सायं घर आने के बाद तो अवश्य ही आंखों को धो लें। डॉ.संदीप गुप्ता ने बताया कि 40 वर्ष में तो लगभग आज चश्मे की जरूरत लग ही रही है। तब अवश्य चेक करवाएं। कैटरेक्ट सफेद मोतिया, काला मोतिया की संभावनाएं होने लगती हैं। काला मोतिया तो नजरों को चुपचाप चुरा लेता है। कुछ रोग एज रिलेटिड भी हो जाते हैं, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है हो जाते हैं। इस अवसर पर प्रथम ज्योति प्रज्ज्वलन हुआ। डॉ.महिप बंसल, डॉ.संदीप गुप्ता एवं डा. तनुज मेहता तथा चंद्रशेखर मेहता ने ज्योति पूजन किया।