20/12/2018
शीघ्रपतन क्यों होता है
शीघ्रपतन का मुख्य कारण होता है मनोवृति या आदत। यदि किसी व्यक्ति की अधिक कामुक वृत्ति हो तो वो बार बार कामोत्तेजित हो जाता है। सुन्दर स्त्री को देखने मात्र से उसे उत्तेजना होने लगती है। अधिक कामोत्तेजना के कारण धैर्य और संयम रख पाना मुश्किल हो जाता है और व्यक्ति हस्तमैथुन करना शुरू कर देता है।
ऐसा व्यक्ति हस्तमैथुन करके जल्द से जल्द स्खलित होकर कामोत्तेजना को शांत करता है। यही जल्दबाजी और उतावलापन आदत बन जाती है। यही आदत सहवास के समय भी शीघ्र पतन करा देती है।
यौनांग की बनावट और प्रक्रिया के कारण जब भी कोई पुरुष कामुक चिंतन करता है तो उसका शुक्राशय (seminal vesicle ) स्राव से भरना शुरू हो जाता है। इसमें Prostate gland और Bulbourethral gland से होने वाले स्राव तथा अंडकोश ( Te**is ) से आने वाले शुक्राणु मिलते है।
इस तरह वीर्य बनता है और शुक्राशय इससे भर जाता है। यदि कामुक चिंतन नहीं होगा तो शुक्राशय वीर्य से नहीं भरेगा। शुक्राशय खाली होगा तो वीर्यपात नहीं होगा। न सपने में न जागते हुए।
सिर्फ सहवास के समय ही कामुकता होगी तो शुक्राशय भरने में समय लगेगा। सहवास से पहले की क्रीड़ा का आनंद उठा पाएंगे। इससे स्तम्भन शक्ति बढ़ जाएगी!
इसके अलावा पौष्टिक भोजन की कमी और ज्यादा तेज मिर्च मसाले, शराब , खटाई , फ़ास्ट फ़ूड आदि खाने से वीर्य प्रभावित होता है जिसके कारण शीघ्र पतन हो सकता है।
मानसिक तनाव , शोक ,भय आदि की स्थिति में शीघ्र पतन हो सकता है। पार्टनर का सहयोग ना मिले , पार्टनर अरुचि पैदा करता हो , आशंका युक्त वातावरण हो तो इन कारणों से भी शीघ्रपतन हो जाता है।
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