15/01/2022
#सफेद दाग छुआछूत की बीमारी नही: होम्योपैथी में स्थाई इलाज संभव! #
सफेद दाग एक प्रकार का त्वचा विकार है जिसे लूकोडर्मा,विटिलिगो भी कहते है जिसमे शरीर के कुछ हिस्से की या सम्पूर्ण त्वचा अपना प्राकृतिक रंग खो देती है अर्थात शरीर में सफेद दाग दिखने लगते है! कुछ लोग इसे छूत की बीमारी (कलंक) रूप में देखने लगते है और कुछ लोग इसे भ्रमवश कुष्ठ रोग मान बैठते है! लूकोडर्मा में आग से जल जाना, दुर्घटना में त्वचा का कट जाना, बाहरी मलहम आदि के प्रयोग विशेष प्रकार से स्टीरॉयड के दुष्प्रभाव से मेलिनोसाइट सेल्स नष्ट हो जाती है वही दूसरी तरफ विटिलिगो में ऑटो इम्यून डिसऑर्डर की वजह से मेलानिन हार्मोन बनाने वाली मेलानोसाइट सेल्स नष्ट हो जाने के कारण त्वचा का रंग सफेद हो जाता है, चिकत्सीय दृष्टि से इन दोनो में यही भेद है!
होम्योपैथी में जब व्यक्ति विशेष के रूप में रोगी की संपूर्ण केस हिस्ट्री लेकर (क्लासिकल पैटर्न) स्पष्ट SINGLE REMEDY का चयन कर दवा को दिया जाता है तो लाभ अवश्य होता है! रोगी को एक बात का और ध्यान रखना चाहिए कि इसमें बाजार में उपलब्ध पेटेंट औषधियां,ट्यूब, बाहरी मलहम,आदि के प्रयोग से पैसे और समय की बर्बादी के साथ रोग असाध्य होता चला जाता है! होम्योपैथी में इसका इलाज संभव है जरूरत है सिर्फ धैर्य और विश्वास की!.call kare 9926334478