12/04/2026
संघर्ष की संस्कृति, संकल्प की सजीव परंपरा और संग्राम के साक्षात स्वरूप, महापराक्रमी महाराणा संग्राम जी (राणा सांगा)की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन!
शरीर पर गंभीर अस्सी घावों के बावजूद स्वदेश, स्वधर्म, स्वाभिमान की रक्षा हेतु आपका आजीवन असाधारण संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा है।
आपका बलिदानी जीवन हमें स्मरण कराता है कि जो स्वत्व और सम्मान के लिए अडिग रहता है, उसकी चेतना कभी पराजित नहीं होती है।