Draskalra - Best Astrologer in Haridwar

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Dr.A.S.Kalra is the Best Astrologer in Haridwar for obtaining astrological consultation through horoscope reading on important issues of life like career (job/business), love life, marriage, married life, childbirth, professional growth, property etc.

01/03/2026
16/02/2026

ज्योतिष परामर्श व उपाय हरिद्वार के प्रसिद्ध ज्योतिषी डॉ०ए०एस०कालरा द्वारा व्हाट्सएप: +91-800-695-90-91, वेबसाइट: https://astrologer-astrology.com

15/02/2026

आप सभी को महाशिवरात्रि पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं। - डॉ०ए०एस०कालरा एस्ट्रॉलॉजर, हरिद्वार, उत्तराखंड, व्हाट्सएप: +91-800-695-90-91

The truth of Valentine's Day
14/02/2026

The truth of Valentine's Day

11/02/2026

शादी के बाद पहले बेटा होगा या बेटी?

कुछ लोग आज के ज़माने में भी उपरोक्त दकियानुसी प्रश्न ज्योतिषी से पूछते हैं जबकि आज के ज़माने में लड़कियां हर उस क्षेत्र में सफल हैं जहां लड़के सफल हैं... और जबकि अनेक लड़कियां माता-पिता की वृद्धावस्था में उनका सहारा भी बन रही हैं...

जबकि अनेक लड़के बड़े होकर माता-पिता के लिए समस्या का कारण बुरी संगति में पड़कर व नशा, जुआ इत्यादि बुरी आदतें अपनाकर बने हुए हैं...

या फिर पुत्र उच्च शिक्षा व नौकरी आदि के उद्देश्य से माता-पिता से दूर चले जाते हैं और उनकी सेवा नहीं कर पाते व अनेक पुत्र वृद्ध माता-पिता की सेवा तो करना चाहते हैं परंतु उनकी पत्नी अपने सास-ससुर के साथ रहना पसंद नहीं करती क्योंकि वह सास-ससुर की रोक-टोक पसंद नहीं करती व न ही वह सास-ससुर की सेवा में पति का सहयोग करना चाहती है क्योंकि या तो वह नौकरी में हैं जिस कारण उसके पास समय का अभाव है या फिर उसे पार्टी, पिकनिक, गेट टुगेदर, टूर प्रोग्राम, शॉपिंग, मूवी और फोन पर सहेलियों से गप्पें लड़ाने व रील बनाकर इंस्टाग्राम व फेसबुक डालने से ही फुर्सत नहीं है।
अनेक जगह सास ही अपने पुत्र और अपनी बहू के बीच दरार डालने पर तुली रहती है जिस कारण पुत्र का घर उजड़ता है।

अनेक घरों में बहू शादी के कुछ समय उपरांत मायके जाकर बैठ जाती है व फिर मायके वालों के कहने पर पति व सास-ससुर पर घरेलू हिंसा व दहेज उत्पीड़न का केस बना देती है व फिर उन्हें पिंड छुड़ाने के लिए लाखों रुपए देने के लिए कहती है जबकि पुत्र के जन्म के समय समारोह मनाते समय व घर में किन्नरों के नाचते समय माता-पिता ने यह सोचा भी नहीं था कि उस पुत्र के विवाह के उपरांत बुढ़ापे में उन्हें यह सब दिन देखने को मिलेंगे।

डॉ०ए०एस०कालरा एस्ट्रॉलॉजर
हरिद्वार, उत्तराखंड
व्हाट्सएप: +91-800-695-90-91
वेबसाइट: https://astrologer-astrology.com

10/02/2026

नौकरी किस दिशा में लगेगी?... शादी किस दिशा में होगी?... आपकी जन्मपत्रिका के अनुसार?

कुछ लोग उपरोक्त प्रश्न ज्योतिषी से पूछते हैं व कथित ज्योतिषी इस प्रश्न का अपनी ओर से तुक्का लगाकर कोई न कोई उत्तर भी स्वयं को ज्ञानी सिद्ध करने के उद्देश्य से दे देते हैं व इस कारण यदि इस प्रकार के प्रश्न दस अलग-अलग कथित ज्योतिषियों से पूछे जाते हैं तो उन सबके उत्तर अलग-अलग होते हैं।

अब यदि कोई ज्योतिषी नौकरी या शादी की दिशा बताता भी है तो उससे समस्या समाप्त नहीं होती क्योंकि फिर अगला प्रश्न यह उत्पन्न होगा कि उस दिशा में कितने किलोमीटर की दूरी पर?... किस शहर में या किस गांव में?... किस राज्य में व देश में?

क्योंकि यदि हम किसी एक दिशा में ही चलना आरंभ कर दें तो उस दिशा में एक के बाद एक अनेक शहर व अनेक गांव आएंगे... अनेक देश आएंगे और जंगल, पहाड़ और नदियां भी आएंगी... समुद्र भी आ सकता है
..और फिर यदि हम किसी एक ही दिशा में किसी हैलीकॉप्टर या हवाई जहाज के माध्यम से जाएं तो चूंकि पृथ्वी गोल है तो इसलिए बहुत लंबी यात्रा के बाद हम घूम फिर कर वापस उसी स्थान पर आ जाएंगे जहां से हमने यात्रा आरंभ की थी।

एक बड़ा प्रश्न तो यह भी है कि दिशाओं की कुल संख्या कितनी है?... मूलतः चार या आठ दिशाओं को माना जा सकता है... परंतु यदि गहराई में सोच-विचार किया जाए तो दिशाओं की संख्या अनंत है...

जैसे कि किन्हीं दो दिशाओं: - पूर्व दिशा और उत्तर-पूर्व दिशा के बीच भी अनेक दिशाएं निकल आएंगी (यदि हम पूर्व दिशा से उत्तर-पूर्व दिशा की ओर धीरे-धीरे घूमना आरंभ करें)।

अतः किसी ज्योतिषी से यह पूछने का कोई लाभ नहीं है कि नौकरी किस दिशा में लगेगी या शादी किस दिशा में होगी...

पूछना ही है तो यह पूछिए कि नौकरी किस कंपनी में व किस शहर में लगेगी... व शादी किस शहर, कस्बे या गांव में व किस घर में होगी व उस घर का एड्रेस क्या है? व उस घर में जो लोग रहते हैं... उनके मोबाइल / व्हाट्सएप नंबर क्या हैं?... परंतु इस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर स्वाभाविक रूप से कोई ज्योतिषी नहीं दे सकेगा।

डॉ०ए०एस०कालरा एस्ट्रॉलॉजर
हरिद्वार, उत्तराखंड
व्हाट्सएप: +91-800-695-90-91
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09/02/2026

क्या आपकी जन्मपत्रिका के अनुसार आपको सरकारी नौकरी मिल सकेगी?

भारत देश में जहां जनसंख्या अत्यधिक है, सरकारी नौकरी के लिए यदि किसी विभाग में रिक्तियां (vacancies) कुछ सौ या कुछ हज़ार निकलती हैं तो आवेदन करने वालों या उसके लिए कंपीटिशन देने वालों की संख्या हज़ारों - लाखों में होती है।...

अतः इतना तो निश्चित है कि जितने भी लोग आवेदन करेंगे उनमें सबको सफलता प्राप्त नहीं हो सकेगी... व सफलता पाने वालों की संख्या एक प्रतिशत से भी कम होगी।... अतः इसमें मेहनत के साथ साथ भाग्य की भूमिका भी स्वाभाविक रूप से रहेगी।

भारत देश में सरकारी नौकरी के संबंध में व्यक्ति का भाग्य इस बात पर भी निर्भर करता है कि उस व्यक्ति का जन्म किस जाति में हुआ था... सामान्य वर्ग या जनरल कैटेगरी के लोगों के लिए सरकारी नौकरी पाना सर्वाधिक कठिन होता है जबकि SC/ST, OBC व अन्य रिज़र्वड कैटेगरी के लोगों के लिए अपेक्षाकृत आसान होता है।...
अतः एक ही शहर में एक साथ, एक ही तारीख व एक ही समय में अलग-अलग घरों में जन्में बच्चों की जन्मपत्रिका तो एक ही बनेगी लेकिन उनमें जो बच्चे रिज़र्वड कैटेगरी में जन्में होंगे उनका भाग्य स्वाभाविक रूप से सरकारी नौकरी पाने के संबंध में बेहतर हो जाएगा।

यदि आप सरकारी नौकरी पाने के लिए प्रयासरत हैं तो प्रयासरत रहिए... इसके लिए किसी ज्योतिषी से मत पूछिए क्योंकि यदि ज्योतिषी यह कहेगा कि आपको सरकारी नौकरी मिल ही जाएगी तो आप ओवर कॉन्फिडेंट हो जाएंगे और फिर आप ठीक से मेहनत नहीं करेंगे और यदि ज्योतिषी यह कह देगा कि आपको सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी तो आप निराश या निगेटिव हो जाएंगे और मेहनत करना छोड़ देंगे।

भगवद्गीता में भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा है कि आप अपना कर्म कीजिए परंतु फल से आसक्ति मत कीजिए... क्योंकि कर्म करने के बावजूद फल मिल ही जाएगा इसकी कोई गारंटी नहीं होती परंतु कर्म किए बिना यह पता भी नहीं चल सकेगा कि वास्तव में फल मिलना भाग्य में है अथवा नहीं... अतः इतना तो निश्चित है कि यदि कर्म नहीं करेंगे तो फल भी नहीं मिलेगा... और कर्म करने पर फल मिल भी सकता है और नहीं भी मिल सकता है।

वैसे जिनकी कुंडली में कर्म स्थान, आय स्थान व भाग्य स्थान में ग्रहों की भरमार होती है या फिर इन स्थानों के स्वामी ग्रह अत्यंत बलवान अवस्था में होते हैं उन्हें सरकारी नौकरी मिलने की संभावना अधिक होती है या फिर इस प्रकार के लोग यदि प्राइवेट नौकरी में भी जाएं तो वहां पर भी उन्नति करते हुए बढ़े स्तर पर पहुंच जाते हैं। इसके अतिरिक्त हस्तरेखाओं के परीक्षण में जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, भाग्य रेखा व सूर्य रेखा का अच्छी स्थिति में होना अनिवार्य है।

वैसे यदि, सरकारी नौकरी मिलेगी अथवा नहीं, इसका उत्तर ज्योतिषी ही दे देते तो भारत सरकार... सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए कंपीटिशन आयोजित करने के बजाए ज्योतिषियों की एक टीम ही बैठा देती यह सोचकर कि जितने भी आवेदनकर्ता आएं उन सबकी जन्मपत्रिकाओं व हस्तरेखाओं का विश्लेषण कर ज्योतिषियों की टीम ही बता दे कि उन आवेदकों में से किन किन को सरकारी नौकरी के लिए चुना जाए।

- डॉ०ए०एस०कालरा एस्ट्रॉलॉजर
हरिद्वार, उत्तराखंड
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08/02/2026

क्या आप भी नौकरी छोड़कर बिज़नेस आरंभ करना चाहते हैं?

यदि आप उच्च शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत गत अनेक वर्षों से नौकरी ही करते आ रहे हैं और अब नौकरी छोड़कर अपना व्यापार आरंभ करने की योजना बना रहे हैं तो: -

(१) आरंभ में एकदम से नौकरी छोड़कर फुल टाइम बिज़नेस आरंभ करने के स्थान पर नौकरी के साथ साथ तीन चार वर्ष तक पार्टी टाइम बिज़नेस करने का विचार करें।

(२) यदि तीन चार वर्ष तक नौकरी के साथ साथ पार्ट टाइम बिज़नेस करने पर उसमें सफलता मिलते हुए दिखती है व उन्नति होते हुए दिखती है तो उस समय नौकरी छोड़कर फुल टाइम बिज़नेस में आने का विचार करें।

(३) नौकरी की अपेक्षा बिज़नेस में जोखिम अपेक्षाकृत कहीं अधिक होता है क्योंकि बिज़नेस में इंन्वेस्टमेंट चाहिए और बिज़नेस में कोई फिक्स मंथली इनकम नहीं होती है और फिर यदि फुल टाइम बिज़नेस करने के उद्देश्य से आप नौकरी छोड़ देते हैं तो नौकरी से प्रतिमाह मिलने वाली इनकम तुरंत बंद हो जाती है जबकि जीवन में रुपए का खर्च पहले की तरह ही होता रहता है और विशेषकर यदि आप शादीशुदा हैं और आपके बच्चे भी हैं तो खर्चे भी प्रतिमाह बढ़े स्तर पर होते हैं और अनैक बार अप्रत्याशित खर्च भी हो जाते हैं।

(४) बिज़नेस आरंभ करने के बाद सामान्यतः आरंभिक तीन-चार वर्ष तक संघर्ष अधिक होता है और उसके बाद उन्नति आरंभ होती है... परंतु यदि भाग्य साथ न दे तो बहुत से लोग बिज़नेस में फेल हो जाते हैं और उनके द्वारा बिज़नेस में इन्वेस्ट किए गए लाखों करोड़ों रुपए डूब जाते हैं जिसमें कि एक बड़ा भाग बैंक से लोन लेकर व मित्रों और रिश्तेदारों से उधार लेकर लगाया होता है।

(५) बिज़नेस आरंभ करने के तीन चार वर्ष बाद तक यदि सफलता प्राप्त नहीं होती है तो तीन चार वर्ष बाद बिज़नेस वाइंड आप कर के पुनः नौकरी ढूंढने निकलते हैं तो उस समय नौकरी भी आसानी से नहीं मिलती है क्योंकि बायोडेटा में लंबा ब्रेक लग चुका होता है।

(६) फिर यह भी कि यदि नौकरी छोड़कर बिज़नेस में आने वाला व्यक्ति किसी बिज़नेस फैमिली से नहीं होता और उसके बाप दादा भी नौकरी में ही थे तो ऐसे व्यक्ति के खून में बिज़नेस नहीं होता, ऐसे व्यक्ति को अपने बाप दादा से बिज़नेस करने की शिक्षा नहीं मिलती... अतः ऐसे व्यक्ति के लिए बिज़नेस में सफल होना अपेक्षाकृत कठिन होता है।

(७) ऐसा भी होता है कि व्यक्ति पार्टनरशिप में बिजनेस आरंभ कर लेता है परंतु कुछ वर्ष बाद पार्टनरशिप किसी कारण से टूट जाती है और बिज़नेस फेल हो जाता है... क्योंकि कुछ लोगों के भाग्य के अनुसार उनके लिए पार्टनरशिप में बिजनेस करना अच्छा नहीं होता... या फिर किसी शुभ ग्रह की दशा में तो पार्टनरशिप में काम सफलतापूर्वक चलता है परंतु अशुभ ग्रह की दशा आते ही पार्टनरशिप टूट जाती है।

(८) बिज़नेस जब भी आरंभ करने का विचार किया जाए तो आरंभ करने से पहले किसी अच्छे ज्योतिषी को जन्मपत्रिका दिखा कर यह पूछ लेना चाहिए कि क्या वह समय बिज़नेस आरंभ करने के दृष्टिकोण से अनुकूल है अथवा नहीं व यदि वह समय बिज़नेस आरंभ करने के लिए अनुकूल नहीं है तो आगे शुभ समय कब तक आरंभ होगा जिसमें कि बिज़नेस आरंभ किया जाए।

(९) बिज़नेस मूलतः तीन प्रकार के होते हैं: - (क) कंसल्टेंसी बेस्ड या सर्विस प्रोवाइड करने वाले, (ख) बाज़ार में कोई दुकान खोलकर या ऑनलाइन माल बेचना (ग) कोई कंपनी या इंडस्ट्री आरंभ करना।... हर व्यक्ति कंपनी या इंडस्ट्री चलाने की क्षमता नहीं रखता है व बाज़ार में दुकान खोलकर माल बेचना भी सभी के बस की बात नहीं होती... अतः यदि कोई कंपनी या इंडस्ट्री आरंभ करनी है या बाज़ार में कोई दुकान खोलनी है तो ज्योतिषी से यह भी पूछना चाहिए कि वह ठीक निर्णय होगा या नहीं... या फिर कंसल्टेंसी बेस्ड या सर्विसेज प्रोवाइड करने का काम ही किया जाए... या फिर नौकरी में रहना ही ठीक रहेगा।

(१०) आप जब लाखों करोड़ों रुपए लगाकर बिज़नेस आरंभ करते हैं तो उस समय आप माइनस में चले जाते हैं... जैसे कि कोई व्यक्ति यदि पचास लाख रुपए लगाकर कोई बिज़नेस आरंभ करता है तो आरंभ में वह माइनस पचास लाख रुपए पर आ जाएगा और उसे वह पचास लाख रुपए नेट प्रोफिट के रूप में मार्केट से कमाने होंगे जिसमें कुछ वर्ष लगेंगे और जब वह पचास लाख रुपए कमा लेगा तब वह आज की पोज़ीशन पर वापस पहुंचेगा... और उसके बाद रियल अर्निंग आरंभ होगी... परंतु यदि भाग्य ने साथ नहीं दिया तो लगाए गए रुपए डूब भी सकते हैं।

- डॉ०ए०एस०कालरा एस्ट्रॉलॉजर
हरिद्वार, उत्तराखंड
व्हाट्सएप: +91-800-695-90-91
वेबसाइट: https//astrologer-astrology.com

07/02/2026

वास्तव में समय के अनुसार अलग-अलग ग्रहों की दशाएं जीवन में एक के बाद एक आती हैं... व अनेक बार बुरे समय में जब कोई व्यक्ति किसी ज्योतिषी के पास जाता है और ज्योतिषी कोई उपाय करने को कहता है तो उपाय का मनोवैज्ञानिक प्रभाव होता है और वास्तव में तो बुरे ग्रह की अंतर्दशा समाप्त होने के बाद जब अच्छे ग्रह की अंतर्दशा आरंभ होती है तो उसके अंतर्गत व्यक्ति के जीवन में अड़चनें स्वयं समाप्त होती हैं व आगे उन्नति होती है व व्यक्ति को तब ऐसा लगता है कि संभवतः ज्योतिषी के बताए गए उपाय करने के कारण ही अड़चनें दूर हुईं हैं व आगे उन्नति हुई क्योंकि ग्रहों की दशाओं को व्यक्ति आंखों से तो देख नहीं पाता।

कहने का तात्पर्य यह है कि जीवन में यदि कोई कार्य होनें हों तो उचित समय आने पर ज्योतिषी के बताए हुए उपाय किए बिना भी हो जाते हैं और यदि वे कार्य दुर्भाग्यवश नहीं होने हों‌ तो ज्योतिषी के बताए उपाय करने के बावजूद भी नहीं होते... बाकी अपनी ओर से सही कर्म कर प्रयासरत रहना चाहिए।

यदि कोई ज्योतिषी ऐसे उपाय बताता है जिसमें ज्योतिषी का अपना हज़ारों लाखों रुपए का आर्थिक लाभ छुपा हुआ हो तो client को समझ जाना चाहिए कि ज्योतिषी चालाकी कर रहा है।... जैसे कि अनेक ज्योतिषी अपने client को कहते हैं कि उस ज्योतिषी से ही या उसके जान पहचान के किसी व्यक्ति से कोई पूजा कराई जाए या कोई रत्न खरीदा जाए... जिसमें कि ज्योतिषी का अपना लाभ छुपा होता है या कमीशन बंधा होता है।
..परंतु चतुर ज्योतिषी अपने बताए उपायों में झूठे और मनगढ़ंत तर्क देकर उन्हें विज्ञान सिद्ध करने पर तुले रहते है और यदि कोई व्यक्ति तर्क देकर उन्हें ग़लत सिद्ध करने का प्रयास करें तो धर्म का लबादा ओढ़े हुए ज्योतिषी उस व्यक्ति को सनातन हिंदू धर्म का विरोधी बताकर अपना बचाव करते हैं... जैसे कि वे स्वयं भगवान् जी के पर्सनल असिस्टेंट हों और उनकी रोज़ भगवान् जी से फोन पर बात होती हो।

यदि भगवान् जी की पूजा ही करनी है तो किसी धर्म के ठेकेदार को रुपए देकर क्यों करवाई जाती है... पूजा प्रार्थना तो स्वयं की जानी चाहिए व आम बोलचाल के शब्दों में भी भगवान् जी को याद किया जा सकता है।

किसी धर्म के ठेकेदार को रुपया देकर पूजा करवाना कुछ ऐसा ही है जैसे व्यक्ति स्वयं बीमार होने पर किसी दूसरे को रुपए देकर यह कहे कि जो दवाई मुझे खानी है वह मेरे स्थान पर तुम खा लो।

- डॉ०ए०एस०कालरा एस्ट्रॉलॉजर
हरिद्वार (उत्तराखंड)
व्हाट्सएप: +91-800-695-90-91
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06/02/2026

वैदिक ज्योतिष हज़ारों वर्ष पूर्व भारत के ऋषि मुनियों के द्वारा दिया गया था जबकि लाल किताब आज से लगभग 75 वर्ष पूर्व पंजाब के किसी आदमी ने अपनी Common sense से लिखी थी।

- डॉ०ए०एस०कालरा एस्ट्रॉलॉजर
हरिद्वार (उत्तराखंड)
व्हाट्सएप: +91-800-695-90-91

09/10/2024

An Introduction to Dr.A.S.Kalra Astrologer

Address

R-239 (first Floor), Near State Bank Of India, Above "Bharat Maruti Repair", Shivalik Nagar
Haridwar
249403

Opening Hours

Monday 10am - 8pm
Tuesday 10am - 8pm
Wednesday 10am - 8pm
Thursday 10am - 8pm
Friday 10am - 8pm
Saturday 10am - 8pm
Sunday 10am - 8pm

Telephone

+919811663228

Website

https://astrologer-astrology.com/best-astrologer-in-haridwar.htm,

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