Adarsh Ayurvedic Pharmacy

Adarsh Ayurvedic Pharmacy Discover Ayurveda's wisdom, remedies, and health tips for a natural, balanced, and healthy life.
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15/04/2026

आँखों की रोशनी बढ़ाने का आसान तरीका | Weak Eyesight Home Remedy | Improve Your Eyesight



Are you experiencing weak eyesight or eye strain due to today’s lifestyle? In this video, Dr. (Vaid) Deepak Kumar from Adarsh Ayurvedic Pharmacy shares a simple and traditional home remedy using ghee, black pepper, and bura sugar with milk as part of a balanced routine.

This combination is traditionally used in Ayurveda to support overall eye care and nourishment when combined with a healthy diet and lifestyle.

🔹 Topics Covered in This Video:
✅ Common reasons behind weak eyesight
✅ Ayurvedic perspective on eye care
✅ How to prepare and consume this home remedy
✅ Role of ghee, black pepper & milk in daily nutrition
✅ Tips to support eye comfort and reduce strain

🌿 Highlights:
✔️ Simple home remedy using easily available ingredients
✔️ Supports daily eye care routine naturally
✔️ Can be included as part of a balanced diet
✔️ Traditional approach to maintaining eye wellness

🎥 Watch the full video to learn this easy home remedy for better eye care!

15/04/2026

मिट्टी के बर्तनों में खाना खाने और बनाने के फायदे

भोजन धीरे-धीरे पकना लाभकारी माना जाता है

आयुर्वेद के अनुसार, भोजन को धीमी आंच पर पकाने से उसका स्वाद और पोषण बेहतर बना रह सकता है। मिट्टी के बर्तनों में खाना धीरे पकता है, जिससे भोजन अधिक संतुलित और सुपाच्य बन सकता है।

सस्ते और आसानी से उपलब्ध
मिट्टी के बर्तन अन्य धातुओं की तुलना में किफायती होते हैं और विभिन्न आकारों में आसानी से मिल जाते हैं। इन्हें स्थानीय बाजार या ऑनलाइन माध्यम से खरीदा जा सकता है।

स्वाद में प्राकृतिक सुधार
मिट्टी के बर्तनों में पकाया गया भोजन हल्की प्राकृतिक सुगंध के साथ आता है, जिससे खाने का स्वाद अलग और पारंपरिक अनुभव देता है।

विविध आकार और उपयोग
मिट्टी के बर्तन विभिन्न आकार और डिजाइन में उपलब्ध होते हैं। कुल्हड़ में चाय पीना या मटकी का पानी उपयोग करना पारंपरिक और आकर्षक अनुभव देता है।

प्राकृतिक तत्वों का संतुलन
मिट्टी के बर्तनों में भोजन पकाने से उसमें कुछ प्राकृतिक खनिज तत्व मिल सकते हैं, जो संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। विभिन्न धातुओं के बर्तनों के उपयोग के अपने-अपने लाभ और सीमाएं होती हैं।

धीमी आंच पर पकाने के लिए उपयुक्त
मिट्टी के बर्तन धीमी आंच पर उपयोग के लिए बेहतर होते हैं। अधिक तापमान पर इन्हें नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए सावधानी के साथ उपयोग करना चाहिए।
दूध और दुग्ध उत्पादों के लिए उपयोगी

मिट्टी के बर्तनों में दही जमाना या दूध रखना पारंपरिक रूप से प्रचलित है, जिससे स्वाद और बनावट में बदलाव महसूस हो सकता है।

नोट:
यह जानकारी पारंपरिक अनुभवों और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत अनुभव भिन्न हो सकते हैं। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

14/04/2026

वजन कम करने का आसान तरीका | Best Weight Loss Routine & Diet

13/04/2026

खराब पाचन का करें जड़ से इलाज | Fix Your Digestion with These Remedies | Gut Health | Weak Digestion



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Constipation is a common problem caused by poor diet, lifestyle, and imbalance in the body. In this video, Dr. (Vaid) Deepak Kumar from Adarsh Ayurvedic Pharmacy shares 7–8 simple and effective home remedies to help manage constipation naturally and support better digestion.

🔹 What You’ll Learn in This Video:
✅ Common causes of constipation
✅ Simple daily habits to improve bowel movement
✅ Importance of balancing Vaat, Pitt & Kaf
✅ Natural ways to support digestive health

🌿 Home Remedies Shared in This Video:
✔️ Drinking milk at night
✔️ Taking warm water before bed
✔️ Use of Triphala & Harad in routine
✔️ Including fibre-rich foods in diet
✔️ Maintaining proper hydration and lifestyle

These remedies are based on traditional Ayurvedic practices and can help support a healthy digestive system when followed consistently.



13/04/2026

कांजी या छाछ: आंतों के स्वास्थ्य के लिए कौन बेहतर?

गट हेल्थ के लिए फर्मेंटेड ड्रिंक जैसे छाछ और कांजी दोनों ही उपयोगी मानी जाती हैं। इनमें प्राकृतिक रूप से बनने वाले प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पाचन तंत्र के संतुलन में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, इनके पोषक तत्व और उपयोग के तरीके अलग-अलग होते हैं।

फर्मेंटेड ड्रिंक और गट हेल्थ
फर्मेंटेड खाद्य पदार्थों में लाभकारी बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो पाचन प्रक्रिया को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं। गर्म मौसम में ये शरीर को ठंडक देने और पाचन को सहज बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।

छाछ के संभावित लाभ
छाछ में लैक्टिक एसिड, कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन B12 और प्रोटीन पाए जाते हैं।

हल्की और कम फैट वाली होती है
पाचन को सहज बनाने में सहायक हो सकती है
शरीर को ठंडक देने में मदद कर सकती है
पोषक तत्वों के कारण ऊर्जा बनाए रखने में योगदान दे सकती है

फर्मेंटेड राइस वॉटर कांजी
कांजी में स्टार्च, फैटी एसिड, विटामिन B1, B6 और मैग्नीशियम जैसे तत्व होते हैं।

इसमें प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स होते हैं
पाचन क्रिया को सपोर्ट कर सकती है
एसिडिटी और कब्ज जैसी सामान्य समस्याओं में सहायक हो सकती है

बीटरूट कांजी
चुकंदर और सरसों के बीज से तैयार की जाती है।

इसमें एंटीऑक्सीडेंट, आयरन और विटामिन C पाए जाते हैं
शरीर के सामान्य डिटॉक्स प्रोसेस को सपोर्ट कर सकती है
हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन के लिए सहायक मानी जाती है

शकरकंद कांजी
उबले शकरकंद और मसालों से बनाई जाती है।

फाइबर और कार्बोहाइड्रेट का स्रोत
पाचन को संतुलित करने में मदद कर सकती है
शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है

नारियल पानी केफिर
नारियल पानी में केफिर कल्चर से तैयार किया जाता है।

हल्की और कम कैलोरी वाली ड्रिंक
इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में सहायक
पाचन और हाइड्रेशन के लिए उपयोगी

कौन सा विकल्प कब चुनें?

गर्मियों में छाछ का सेवन अधिक उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि यह शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन प्रदान करती है
कांजी का सेवन ठंडे मौसम में किया जा सकता है, क्योंकि यह शरीर को गर्म रखने में सहायक मानी जाती है
पाचन संबंधी संतुलन के लिए दोनों ही ड्रिंक सीमित मात्रा में उपयोग की जा सकती हैं

महत्वपूर्ण सूचना
यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या विशेष स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

Dr. (Vaidya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy, Kankhal, Haridwar

12/04/2026

खराब पाचन के लिए सबसे आसान उपाय | Improve Your Digestion & Gut Health

12/04/2026

क्या गर्मियों में गुड़ खाने से सेहत को होता है नुकसान? डाइट में शामिल करने से पहले जानें

गुड़ के पोषक तत्व
गुड़ में प्राकृतिक रूप से कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे:
• आयरन
• कैल्शियम
• मैग्नीशियम
• पोटेशियम
• विटामिन बी समूह

ये तत्व शरीर के सामान्य पोषण में योगदान दे सकते हैं।

गर्मियों में गुड़ खाने के संभावित लाभ

पाचन में सहायक:
गुड़ का सेवन कुछ लोगों में पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

ऊर्जा का स्रोत:
यह प्राकृतिक शर्करा का स्रोत है, जो शरीर को त्वरित ऊर्जा प्रदान कर सकता है।

आयरन का स्रोत:
गुड़ में आयरन होता है, जो संतुलित आहार का हिस्सा बनने पर शरीर के लिए उपयोगी हो सकता है।

इम्युनिटी सपोर्ट:
इसमें मौजूद कुछ पोषक तत्व शरीर की सामान्य प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।

गर्मियों में गुड़ खाने के संभावित नुकसान

शरीर में गर्मी बढ़ना:
गुड़ की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ लोगों को असहजता महसूस हो सकती है।

पाचन संबंधी समस्या:
कुछ व्यक्तियों में गुड़ के सेवन से एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या हो सकती है।

वजन प्रबंधन पर प्रभाव:
गुड़ में कैलोरी होती है, इसलिए अधिक मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ने की संभावना हो सकती है।

गर्मियों में गुड़ खाने का सही तरीका

• सीमित मात्रा में सेवन करें।
• ठंडे पेय या शरबत के साथ लिया जा सकता है।
• नींबू और पुदीना मिलाकर सेवन करने से स्वाद और ताजगी बढ़ सकती है।
• सुबह या दोपहर के समय सेवन करना अधिक उपयुक्त माना जाता है।

गर्मियों में गुड़ का सेवन पूरी तरह से वर्जित नहीं है, लेकिन इसे संतुलित मात्रा में और व्यक्तिगत प्रकृति के अनुसार लेना चाहिए। यदि आपको कोई विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो सेवन से पहले योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

लीवर को स्वस्थ रखने के 8 आसान तरीके | Healthy Liver Tips
11/04/2026

लीवर को स्वस्थ रखने के 8 आसान तरीके | Healthy Liver Tips

11/04/2026

क्या भोजन के अंत में पानी पीना सही है?

आयुर्वेद में एक प्रसिद्ध श्लोक मिलता है:

"अजीर्णे भेषजं वारि, जीर्णे वारि बलप्रदम।
भोजने चामृतं वारि, भोजनान्ते विषप्रदम।।"

इस श्लोक का अर्थ है कि अपच की स्थिति में पानी औषध के समान कार्य करता है, भोजन पच जाने के बाद पानी शरीर को बल प्रदान करता है, भोजन के दौरान थोड़ी मात्रा में पानी अमृत के समान होता है, जबकि भोजन के तुरंत बाद अधिक मात्रा में पानी पीना पाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

भोजन के बाद शरीर में पाचन की प्रक्रिया शुरू होती है। यह प्रक्रिया आमाशय (stomach) में होती है, जहां भोजन को पचाने के लिए विभिन्न पाचक रस और एंजाइम कार्य करते हैं। आयुर्वेद में इसे जठराग्नि कहा गया है, जो पाचन क्रिया का एक महत्वपूर्ण भाग है।

जब हम भोजन के तुरंत बाद अधिक मात्रा में पानी पीते हैं, तो यह पाचक रसों की क्रिया को कुछ समय के लिए धीमा कर सकता है। इससे पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और कुछ लोगों को भारीपन, गैस या असहजता महसूस हो सकती है।

इसलिए सामान्यतः सलाह दी जाती है कि:

भोजन के दौरान थोड़ी मात्रा में पानी लिया जा सकता है
भोजन के तुरंत बाद अधिक पानी पीने से बचें
भोजन के लगभग 30–60 मिनट बाद पानी पीना अधिक उपयुक्त माना जाता है

हर व्यक्ति की पाचन क्षमता अलग होती है, इसलिए अपनी शरीर प्रकृति और सुविधा के अनुसार आदतों को अपनाना चाहिए।

नोट: यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेदिक सिद्धांतों और सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

Dr. (Vaidya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

10/04/2026

साथ में कभी न खाएं ये विरुद्ध आहार | Don't Eat These Opposite Foods

09/04/2026

भोजन विधि का वैज्ञानिक रहस्य

शास्त्रों में वर्णित है कि भोजन करने से पहले स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पैर धोकर, स्वच्छ वस्त्र धारण कर, तथा शांत और एकांत स्थान में बैठकर भोजन करना उचित माना गया है, जहाँ बाहरी व्यवधान न हो।

भोजन बनाने की रसोई और भोजन करने का स्थान स्वच्छ और पवित्र होना चाहिए। भोजन बनाने और परोसने वाले व्यक्ति का शरीर और मन दोनों शुद्ध होना चाहिए। यह सभी बातें स्वच्छता और संतुलित जीवनशैली को बनाए रखने में सहायक मानी जाती हैं।

शास्त्रों में एक श्लोक आता है:

"आयुष्यं प्राङ मुखो भुङ्क्ते यशस्यं दक्षिणामुखः।"

अर्थात् जो व्यक्ति आयु की कामना करता है, उसे पूर्व दिशा की ओर मुख करके भोजन करना चाहिए, और जो यश की इच्छा रखता है, उसे दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन करना चाहिए। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्व दिशा को ऊर्जा और सूर्य उदय से जोड़ा जाता है, जबकि दक्षिण दिशा को पितरों से संबंधित माना गया है।

इसी प्रकार यह भी कहा गया है कि पूर्व दिशा की ओर सिर करके सोना उचित माना जाता है, जबकि पैरों की दिशा पूर्व की ओर रखने से बचने की सलाह दी जाती है। यह मान्यता शरीर की ऊर्जा संतुलन से जुड़ी हुई मानी जाती है।

मानव शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को लेकर यह भी माना जाता है कि पैरों के माध्यम से ऊर्जा बाहर की ओर और मस्तिष्क के माध्यम से भीतर की ओर संचरित होती है। इसी कारण बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श की परंपरा भी प्रचलित है, जिसे सम्मान और सकारात्मक भावनाओं के आदान-प्रदान से जोड़ा जाता है।

भोजन करते समय सिर ढककर या जूते पहनकर भोजन करने से भी बचने की सलाह दी गई है। पारंपरिक दृष्टिकोण के अनुसार, भोजन के दौरान शरीर में ऊष्मा उत्पन्न होती है, और उसे संतुलित रूप से बाहर निकलने देना आवश्यक माना जाता है।

इसी तरह भोजन के बाद हल्की गतिविधि, जैसे चलना या शारीरिक क्रिया करना, पाचन प्रक्रिया के लिए सहायक माना जाता है।

उपरोक्त सभी नियम पारंपरिक जीवनशैली और अनुशासन का हिस्सा रहे हैं, जिन्हें संतुलित दिनचर्या और स्वास्थ्य के समर्थन के रूप में देखा जाता है।

Dr. (Vaidya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Haridwar

08/04/2026

कमजोरी से लेकर जोड़ों के दर्द के लिए ये सुपरफूड | Best Healthy Super foods

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Adarsh Ayurvedic Pharmacy, Daksh Mandir Road, Kankhal
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Adarsh Ayurvedic Pharmacy

Service to humanity is service to God. This is the principle doctrine of “GMP Certified Adarsh Ayurvedic Aushdhalaya, Kankhal.” This Aushdhalaya has been rendering free services to the poor and the needy.

Mr. Deepak Kumar the talented expert Vaidya belongs to the dynasty of renowned Veteran Vaidya (Late) Shri Lallu Ji, and Late Shri Vijay Kumar Ji who laid the foundation of Adarsh Ayurvedic Aushdhalaya (Regd) in 1947. It is worth remembering that Shri DEEPAK KUMAR was honored with Rastriya Swasthaya Samman Puraskar in 2004 by Central State Minister for Science and Technology, Government of India, Honorable Bacchi Singh Rawat in auspicious Alankaran Samaroh , in presence of Shri G.B.G. Krishanmurty former Chief Election Commissioner, Shri Romesh Bhandari former U.P. Governor, Shri B. Satyanarayan Reddy, former Governor(U.P.), Dr. A.R. Kidwai former Governor, Bihar.

Vaidya Deepak Kumar has been Honored with Arch of Excellence (Medicare) Award in 2006 by All India Achievers Conference, New Delhi on the occasion of 55th National Seminar on “INDIVIDUAL ACHIEVEMENTS & NATION BUILDING”

Vaidya Deepak Kumar has also been Honored with Health Excellence Award in 2007 by All India Business & Community Foundation(AIBCF) on the Occasion of National Seminar on “EMERGING INDIA :CHALLENGES & OPPORTUNITIES”