Ayurvedic medicine आयुर्वेदिक चिकित्सा

  • Home
  • India
  • Hisar
  • Ayurvedic medicine आयुर्वेदिक चिकित्सा

Ayurvedic medicine आयुर्वेदिक चिकित्सा about my life

आयुर्वेद के लाभों से भला कौन वाकिफ नहीं है?बच्चे से लेकर नौजवान तक और गर्भवती महिला से बुजुर्गो तक, आयुर्वेद में सबके जी...
03/07/2023

आयुर्वेद के लाभों से भला कौन वाकिफ नहीं है?
बच्चे से लेकर नौजवान तक और गर्भवती महिला से बुजुर्गो तक, आयुर्वेद में सबके जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने की क्षमता होती है। आयुर्वेद एक बिलकुल ही अलग पद्धति है।

ayurveda tips for health insidel

जवां और हेल्‍दी बनाने वाले आयुर्वेदिक टिप्‍स
1. आयुर्वेद के अनुसार, 'ब्रह्म मुहूर्त' के दौरान यानि सुबह 4-5.30 बजे के बीच उठना सही रहता है।
2. यह बहुत जरूरी है कि आप सुबह-सुबह पानी पीएं। हालांकि, यह ध्यान रखें कि पानी कमरे के तापमान पर होना चाहिए और इसे रात में पहले से शुद्ध तांबे के गिलास में भर कर रख लें।
3. आंखों को प्रतिदिन ताजे पानी या त्रिफला के पानी (जिसे आप रात को बनाकर रख सकती हैं) से साफ करना चाहिए।
4. दांतों, मसूड़ों और जबड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए ऑयल पुलिंग करने की कोशिश करें। इससे आपकी आवाज में सुधार होगा और गालों से झुर्रियां दूर होंगी। गुनगुने तिल के तेल से दिन में दो बार गरारे करें। मुंह में ऑयल को होल्‍ड करके रखें, इसे जोर से मुंह में चारों ओर घुमाएं, फिर इसे बाहर थूक दें और धीरे से एक अंगुली से मसूड़ों की मसाज करें।

इसे जरूर पढ़ेें:आयुर्वेदिक तरीके से रखें अपनी आंखों का ख्‍याल

5. नस्य करना चाहिए। जी हां नस्‍य का अर्थ है नाक से माध्‍यम से कुछ बीमारियों का इलाज करना। इसके लिए प्रत्‍येक नाक में गाय के घी को गुनगुने करके नाक में 3-3 बूंदे डालनी होती है। यह नाक को चिकनाई देने में हेल्‍प करता है, साइनस को साफ करता है और आवाज, आंखों और मानसिक स्‍पष्‍टता में सुधार करता है। इस तरह नाक से प्राण को पोषण होता है और बुद्धि आती है।

6. रोजाना अपने पूरे शरीर की तेल से मालिश करना जरूरी होता है। अगर आप ऐसा नहीं कर सकती हैं, तो कम से कम तीन जरूरी अंगों पर मसाज जरूर करनी चाहिए। जी हां, आपको कान, सिर और पैर पर मसाज करने से आपको खुशी का अहसास होता है और साथ ही सिरदर्द, गंजापन, बालों का सफेद होना और अच्‍छी नींद के लिए प्रेरित करता है और त्‍वचा को मुलायम बनाए रखता हैं।
7. अच्‍छी हेल्‍थ के लिए रेगुलर एक्‍सरसाइज विशेष रूप से योग करना बहुत जरूरी होता है। यह बीमारी के खिलाफ सहनशक्ति और प्रतिरोध बनाता है, बॉडी के के‍मिकल को साफ करता है और ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। यह शरीर के अंगों की प्रभावकारिता को बढ़ाता है, भूख और पाचन को बढ़ावा देता है और मोटापे को भी रोकता है।
8. माथे, बगल और रीढ़ पर पसीना आने तक अपनी क्षमता के अनुसार रेगुलर एक्‍सरसाइज करें।
9. अपनी बॉडी को डिटॉक्‍स करने और नेगेटिविटी को दूर करने के लिए सोने से पहले हर रात को अपने पैरों को धोएं। अपने पैरों को नमक के पानी में सोक करने की कोशिश करें।
10. प्राण को अपने पूरे शरीर में हेल्‍दी तरीके से फ्लो करने में हमेशा सीधे ही बैठें। प्राण, ब्रह्माण्ड-प्राण का वह विशेष काम है, जो मानव-शरीर को अनिवार्य ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है। इसकी एनर्जी नासिका-छिद्रों से हार्ट-लेवल तक प्रवाहित होती है।

11. हर शाम 7 मिनट के लिए, एक दीया की लौ पर टकटकी लगाकर त्राटक क्रिया करें। यह आंखों की रोशनी, मेमोरी में सुधार करता है और विचार को अद्भुत स्पष्टता देता है।

घर बैठे गंजी खोपड़ी पर बाल उगाने के लिये करें ये आयुर्वेद उपचार:-हमारा यकीन मानिये कि अगर आपके बाल तेजी से झड़ रहे हैं त...
21/10/2020

घर बैठे गंजी खोपड़ी पर बाल उगाने के लिये करें ये आयुर्वेद उपचार:-

हमारा यकीन मानिये कि अगर आपके बाल तेजी से झड़ रहे हैं तो आपको महंगे हेयर प्रोडक्‍ट लगाने की जरुरत नहीं है क्‍योकि आपके घर पर ही ऐसी चीज़ें मौजूद हैं जो आयुर्वेद के अनुसार आपका गंजापन तुरंत ही दूर कर सकता है। आज कल महिलाओं के बीच में आयुर्वेदिक प्रोडक्‍ट काफी लोकप्रिय बन रहे हैं तो ऐसे में हमने सोंचा कि क्‍यों ना आपको उन आयुर्वेदिक चीजों के बारे में बताएं, जिससे बालों की खूबसूरती बढेगी और गंजे लोंगो की खोपड़ी पर बाल उगाने के काम आएगा। तो आप भी आजमाए ये आयुर्वेदिक उपचार...

1. भृंगराज
यह बालों का झड़ना रोकने और बालों को घना बनाने में भी यह बेहद उपयोगी होता है। इसके इसी गुण के कारण हर हेयरकेयर उत्‍पाद में जरुर इस्‍तेमाल किया जाता है। इस तेल का प्रभाव आपको काफी जल्‍दी देखने को मिल सकता है।

सामग्री-

5-6 सूखा भृंगराज पाव

लगाने का तरीका

इन पत्‍तियों को थोड़े से पानी के साथ मिक्‍स करें और पेस्‍ट बनाएं। फिर इस पेस्‍ट को सिर पर लगा कर 20 मिनट तक रखें। फिर आप इसे शैंपू से धो लें। इसके पेस्‍ट में तुलसी या आमला भी मिक्‍स किया जा सकता है।

कितनी बार लगाएं: हफ्ते में तीन बार

2. आंवला
आंवला रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है, रूसी (डैंड्रफ) को दूर करता है तथा सिर की त्वचा के रोम छिद्रों को खोलता है जिससे सिर की त्वचा से प्राकृतिक तेलों का उत्पादन होता है।

सामग्री

4 या 5 आंवले
½ कप नारियल का तेल
लगाने का तरीका-

आंवले को छोटे छोटे टुकड़ों में काटें तथा इसे उबलते हुए नारियल के तेल में डालें। इस घोल को छानें तथा इसे एक एयर टाईट डिब्बे में रखें। नहाने से पहले इस मिश्रण से सिर की त्वचा की मालिश करें। इसे 15 मिनिट तक लगा रहने दें तथा बाद में सिर को शैंपू से धो डालें।

कितनी बार लगाएं: इसे हफ्ते में तीन बार लगाएं।

3. नीम
नीम का रेगुलर यूज़ आपके सिर में ब्‍लड सर्कुलेशन बढाएगा और बालों की जड़ों को मजबूत करेगा। यह रूसी से भी छुटकारा दिलाता है।

सामग्री-

मुठ्ठीभर नीम की पत्‍तियां
2 कप पानी
बनाने की विधि-

नीम की पत्‍तियों को 15 मिनट के लिये पानी में उबाल लें और फिर ठंडा करने के लिये रख दें। जब पानी ठंडा हो जाए तब इसे छान लें। बालों को शैंपू करने के बाद इस पानी से बालों को दुबारा गीला कर लें। इसके बाद बालों को किसी भी तरह से ना धोएं।

कितनी बार प्रयोग करें: हफ्ते में तीन बार

आप चाहें तो नीम के पावडर का पेस्‍ट बना लें और बालों को शैंपू करने से 30 मिनट पहले लगाएं।

4. रीठा
रीठा को पुराने जमाने से ही बालों की ग्रोथ बढाने के लिये प्रयोग करते हुए लाया जा रहा है। आप चाहें तो इससे रोजाना ही अपने बालों को धो सकती हैं।

सामग्री-

मुठ्ठीभर रीठा
2 कप पानी
बनाने का तरीका

रात में 2 कप गरम पानी में रीठा को भिगो कर रख दें। सुबह इसी पानी को रीठा सहित 15 मिनट के लिये उबाल लें और फिर ठंडा करने के लिये रख दें। पानी को छान लें और अपने बालों को गीला कर के आधा रीठा का जल लें और उससे अपने सिर को 5 मिनट के लिये मसाज करें। उसके बाद दुबारा फिर इससे अपने बालों को अच्‍छी तरह से धोएं।

5. अश्‍वगंधा
अश्‍वगंधा सीधा बालों की जड़ों पर काम करता है और उन्‍हें मजबूत बनाता है। अश्‍वगंधा में कुछ जड़ी-बूटियां मिलकार उसमें नारियल तेल डालकर लगा सकते हैं। इससे बालों के झड़ने की समस्‍या दूर होती है। अश्‍वगंधा बालों की जड़ों को मजबूत कर बालों में मेलानिन की मात्रा को बढ़ाने मे मदद करता है। इससे बालों की पकड़ मजबूत होती है।

सामग्री-

3 चम्‍मच अश्‍वगंधा पावर

3 टीस्‍पून सूखा आमला पावडर

6 टीस्‍पून पानी

बनाने की विधि -

सारी सामग्रियों को मिक्‍स कर लें और गाढा पेस्‍ट तैयार कर लें। इस पेस्‍ट को सिर पर लगाएं आअैर 30 मिनट तक छोड़ दें। बाद में शैंपू से बाल धो लें।

कितनी बार यूज़ करें: हफ्ते में तीन बार प्रयोग करें

6. मेथीदाने का पेस्ट
मेथीदाने में प्रचुर मात्रा में पोटैशियम, विटामिन सी तथा आयरन (लौह तत्व) पाया जाता है जो बालों की वृद्धि में सहायक होता है।

सामग्री

½ कप मेथी दाने
1 कप नारियल का तेल
लगाने का तरीका

मेथी के दानों को नारियल के तेल में तलें तथा पीसकर इसका पेस्ट बनायें। इसे कुछ मिनिट तक सिर की त्वचा पर लगा रहने दें। इसके बाद सिर को शैंपू से धो डालें।

कितनी बार लगाएं: इसे हफ्ते में दो बार लगाना चाहिये।

What Happens When You Put Cut Up Onions in Your Socks While You SleepOur skin absorbs what we put on it, which makes the...
17/01/2020

What Happens When You Put Cut Up Onions in Your Socks While You Sleep

Our skin absorbs what we put on it, which makes the surface of our skin important for health.

We need to be conscious about the things we apply to our skin. Choosing natural and organic ingredients helps lessen the amount of toxins entering the body. One study proves that substances applied to the skin can permeate into the deeper tissues and pass through the body’s lymphatic system. (1,2)

A perfect demonstration of this is to try the ‘garlic breath’ test. Simply rub some fresh garlic on the soles of your feet and within 15 minutes, your breath should smell like garlic. This fact proves that what you put on your skin circulates throughout your body. (3) Garlic is known to fight a cold or cough, (4) but what about onions?

Onions can purify blood

Onions are allium vegetables, rich in organosulfur compounds and quercetin. Sulfur is considered a master antioxidant. It recycles other spent antioxidants, creating glutathione. Quercetin is an antioxidant flavonoid found in fruits and veggies, but occurs in considerably high amounts with allium vegetables. (5)

Studies reveal that onions can enhance antioxidant status in the body, protect kidney poisoning, reduce breast cancer risks, lower the risk of prostate cancer, and more. (5) In Chinese medicine, onions help purify blood without needing to ingest it. Benefits can occur when the onion is applied via the neural pathways of the feet. (6)

Onions are known as air purifiers and when applied to skin, they can kill germs and bacteria. In addition, onions contain phosphoric acid (the stuff that makes you cry), which upon entering the bloodstream, purifies the blood and kills bacteria or germs. (6)

Feet are a direct link to the organs of the body

In Chinese medicine, the feet contain meridians, which are connected to the body’s internal organs, and help explain why grounding is important for one’s health. Meridians are electrical pathways to each organ within your body. Did you know that there are 7,000 nerve endings on the soles of your feet? (6) There are more nerve endings per square centimeter in your feet than anywhere else on the body! (7)

One of the cheapest ways you can open up meridians and help purify internal organs is to cut up onions and put them in your socks along the soles of your feet while sleeping. Three simple steps:

Cut up organic onions of your choice (red, white, or yellow) into slices.
Put the onion slices in your sock on the underside of each foot.
Go to bed. (6)

Comment below if you’ve used this onion method (or the garlic test) and share your experience!

Address

New Model Town Hisar
Hisar
125001

Telephone

+919034689694

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Ayurvedic medicine आयुर्वेदिक चिकित्सा posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Ayurvedic medicine आयुर्वेदिक चिकित्सा:

Share

Ayurvedic Medicine

शास्त्रीय और पेटेंट दवाओं सहित विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं की जानकारी के लिए उनका समूह विशेष रूप से आयुर्वेदिक चिकित्सकों के नैदानिक ​​अभ्यास के लिए है। यह समूह युवा पीढ़ी औरिवेडिक डॉक्टरों के लिए बेहद उपयोगी होगा, आसानी से अपने मेडिकल करियर के निर्माण के लिए। हमारे महान विज्ञान की बेहतरी और अद्यतन के लिए हर सदस्य इस समूह में अपने ज्ञान का योगदान दे सकते हैं। इस समूह का इस्तेमाल डॉक्टरों के बीच विभिन्न स्व-निर्मित प्रभावी दवाओं के आदान-प्रदान के लिए एक मंच के रूप में भी किया जा सकता है। इच्छुक डॉक्टर कीमत और अन्य विवरण के साथ अपनी दवा पोस्ट कर सकते हैं।