29/09/2025
आयुर्वेद में शोधन चिकित्सा का महत्व बताते हुए कहा गया है कि
कदाचित कुप्यन्ति दोषा:, जिता लंघन पाचनै:।
जीता: संशोधनैये, तु न तेषां पुनरुद्भव ।। च. सु. अ. 16/20
अर्थात कभी कभी देखा गया है कि दीपन पाचन चिकित्सा से रोग फिर से आ जाते हैं परंतु संशोधन (Complete Detoxification) के बाद रोगों की पुनरावृत्ति नहीं होती हैं।
सोरायसिस भी एक ऐसा ही रोग है जो आसानी से ठीक नहीं होता, परंतु पुनः पुनः शोधन करने से हमेशा हमेशा के लिए समाप्त हो जाता हैं। इसी का उदाहरण है मेरे एक पेशेंट - जिन्होंने कई डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाया पर आराम नहीं हुआ। आयुर्वेद चिकित्सा कराने के बाद अब उन्हें 2 वर्ष से कोई मेडिसिन की आवश्यकता नहीं पड़ी है। सिर्फ वर्ष में एक बार शरीर का शोधन (शुद्धिकरण) करते हैं।