Arogya Clinic and Pancha Karama Kendra

Arogya Clinic and Pancha Karama Kendra Natural Body Purification (Panchakarma) :- In today's hectic routine and unhealthy lifestyle choices, it gets hard to maintain a fine balance between one'

24/02/2021

*_बच्चों में शारीरिक, मानसिक और रोगप्रतिरोधक क्षमता के विकास के लिए_
*सुवर्ण प्राशन संस्कार*
पुष्य नक्षत्र समय - 24 फरवरी 2021 दोपहर 1:17 बजे से 25 फ़रवरी 2021 दोपहर 1:17 बजे तक
आयु वर्ग - 0 से 16 वर्ष तक
*डॉ विवेक सिंह ठाकुर
आरोग्य क्लिनिक आयुर्वेद पंचकर्म एवं होमिओपेथी।
T-25 ग्राउंड फ्लोर सेंट्रल बैंक के आगे हाथिताल कॉलोनी जबलपुर।
8819878713*

23/06/2020

_बच्चों में शारीरिक, मानसिक और रोगप्रतिरोधक क्षमता के विकास के लिए_

*सुवर्ण प्राशन संस्कार*

_पुष्य नक्षत्र समय_ - 23 जून 2020 दोपहर 1:33 बजे से 24 जून 2020 दोपहर 1:10 बजे तक

_आयु वर्ग_ - 0 से 16 वर्ष तक।
डॉ विवेक सिंह ठाकुर,8819878713
आरोग्य क्लिनिक आयुर्वेद एवं पंचकर्म केंद्र।
हाथीताल कॉलोनी जबलपुर।

08/04/2020

We are open to serve the people of jabalpur maintaining all govt norms for protection of covid 19. Morning hours 9 am to 12 pm only.

New address
15/12/2019

New address

15/12/2019

बच्चों में शारीरिक, मानसिक और रोगप्रतिरोधक क्षमता के विकास के लिए सुवर्ण प्राशन संस्कार
पुष्य नक्षत्र
(15 दिसंबर 2019 प्रातः5:03 बजे से 16 दिसंबर 2019 प्रातः 4:01 बजे तक )
आयु वर्ग - 0 से 16 वर्ष तक

Ayurved rocks...cured pcod/pcos with only vaman karm and this is my patient no 10 without any medicine.
15/12/2018

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For sale urgently contact 8962548384Lay down steam box n table
27/06/2018

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23/05/2018

🌿विभिन्न धातु एवं उनमे पक्व भोजन के लाभ🌿

*सोना*

सोना एक गर्म धातु है। सोने से बने पात्र में भोजन बनाने और करने से शरीर के आन्तरिक और बाहरी दोनों हिस्से कठोर, बलवान, ताकतवर और मजबूत बनते है और साथ साथ सोना आँखों की रौशनी बढ़ता है।

*चाँदी*

चाँदी एक ठंडी धातु है, जो शरीर को आंतरिक ठंडक पहुंचाती है। शरीर को शांत रखती है इसके पात्र में भोजन बनाने और करने से दिमाग तेज होता है, आँखों स्वस्थ रहती है, आँखों की रौशनी बढती है और इसके अलावा पित्तदोष, कफ और वायुदोष को नियंत्रित रहता है।

*कांसा*

काँसे के बर्तन में खाना खाने से बुद्धि तेज होती है, रक्त में शुद्धता आती है, रक्तपित शांत रहता है और भूख बढ़ाती है। लेकिन काँसे के बर्तन में खट्टी चीजे नहीं परोसनी चाहिए खट्टी चीजे इस धातु से क्रिया करके विषैली हो जाती है जो नुकसान देती है। कांसे के बर्तन में खाना बनाने से केवल ३ प्रतिशत ही पोषक तत्व नष्ट होते हैं।

*तांबा*

तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से व्यक्ति रोग मुक्त बनता है, रक्त शुद्ध होता है, स्मरण-शक्ति अच्छी होती है, लीवर संबंधी समस्या दूर होती है, तांबे का पानी शरीर के विषैले तत्वों को खत्म कर देता है इसलिए इस पात्र में रखा पानी स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है. तांबे के बर्तन में दूध नहीं पीना चाहिए इससे शरीर को नुकसान होता है।

*पीतल*

पीतल के बर्तन में भोजन पकाने और करने से कृमि रोग, कफ और वायुदोष की बीमारी नहीं होती। पीतल के बर्तन में खाना बनाने से केवल ७ प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट होते हैं।

*लोहा*

लोहे के बर्तन में बने भोजन खाने से शरीर की शक्ति बढती है, लोहतत्व शरीर में जरूरी पोषक तत्वों को बढ़ता है। लोहा कई रोग को खत्म करता है, पांडू रोग मिटाता है, शरीर में सूजन और पीलापन नहीं आने देता, कामला रोग को खत्म करता है, और पीलिया रोग को दूर रखता है. लेकिन लोहे के बर्तन में खाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसमें खाना खाने से बुद्धि कम होती है और दिमाग का नाश होता है। लोहे के पात्र में दूध पीना अच्छा होता है।

*स्टील*

स्टील के बर्तन नुक्सान दायक नहीं होते क्योंकि ये ना ही गर्म से क्रिया करते है और ना ही अम्ल से. इसलिए नुक्सान नहीं होता है. इसमें खाना बनाने और खाने से शरीर को कोई फायदा नहीं पहुँचता तो नुक्सान भी नहीं पहुँचता।

*एलुमिनियम*

एल्युमिनिय बोक्साईट का बना होता है। इसमें बने खाने से शरीर को सिर्फ नुक्सान ही होता है। यह आयरन और कैल्शियम को सोखता है इसलिए इससे बने पात्र का किसी भी रूप में उपयोग नहीं करना चाहिए। इससे हड्डियां कमजोर होती है. मानसिक बीमारियाँ होती है, लीवर और नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचती है। उसके साथ साथ किडनी फेल होना, टी बी, अस्थमा, दमा, बात रोग, शुगर जैसी गंभीर बीमारियाँ होती है। एलुमिनियम के प्रेशर कूकर से खाना बनाने से 87 प्रतिशत पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं।

*मिट्टी*

मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने से ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं, जो हर बीमारी को शरीर से दूर रखते हैं । इस बात को अब आधुनिक विज्ञान भी साबित कर चुका है कि मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से शरीर के कई तरह के रोग ठीक होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, अगर भोजन को पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाना है तो उसे धीरे-धीरे ही पकना चाहिए। भले ही मिट्टी के बर्तनों में खाना बनने में वक़्त थोड़ा ज्यादा लगता है, लेकिन इससे सेहत को पूरा लाभ मिलता है। दूध और दूध से बने उत्पादों के लिए सबसे उपयुक्त हैं मिट्टी के बर्तन। मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से पूरे १०० प्रतिशत पोषक तत्व मिलते हैं। और यदि मिट्टी के बर्तन में खाना खाया जाए तो उसका अलग से स्वाद भी आता है।

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17/05/2018

#रमज़ान में रखें इन बातों का ख्याल तो नहीं पड़ेंगे आप बीमार-

◆ अफ्तार में ठंडे ड्रिंक्स या जूस न लें क्योंकि यह आपको सर्दी, खांसी जुकाम और बुखार दे सकते हैं।

◆ सेहरी में ज्यादा और अफ्तार में कम खाना खाएं, इससे आपका वजन नही बढ़ेगा और इसका उल्टा करने पर आप वज़न बढ़ा लेंगे जबकि दिनभर आप भूखे प्यासे रहेंगे फिर भी।

◆ अफ्तार के वक़्त खाली पेट कोई पेनकि्लर लेने से आपकी किडनी डैमेज हो सकती है।

◆ कोल्ड ड्रिंक में शुगर की मात्रा (मिक़्दार) बहुत ज्यादा होती है इसलिए अफ्तार में लेने से यह आपका शुगर लेवल बढ़ा देगी साथ ही यह हड्डियों, जोड़ों, किडनी और लिवर के लिए भी बहुत नुकसानदायक है।

Address

Hathitaal Colony, Housing Board Office Ke Aage
Jabalpur
482001

Opening Hours

Monday 9am - 9pm
Tuesday 9am - 9pm
Wednesday 9am - 9pm
Thursday 9am - 9pm
Friday 9am - 9pm
Saturday 9am - 9pm
Sunday 9am - 1pm

Telephone

08819878713

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