27/08/2022
#चक्रासन
पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ीए। एड़ीयां नितम्बों के समीप लगी हुई हों। दोनों हाथों को उल्टा करके कंधों के पीछे थोड़े अन्तर पर रखें इससे सन्तुलन बना रह्ता है। श्वास अन्दर भरकर कटिप्रदेश एवं छाती को ऊपर उठाइये। धीरे-धीरे हाथ एवं पैरों को समीप लाने का प्रयत्न करें, जिससे शरीर की चक्र जैसी आकृति बन जाए।
टिप्पणी: व्यायाम कार्यक्रम की शुरुआत से पहले चिकित्सक से परामर्श करें।
प्रभावित अंग: पीठ, मेरुदण्ड, बांह, टाँग, एब्डोमेन, चूतड़, कलाई
खिंचाव: एब्डोमेन, वक्ष, फेफड़ा