01/05/2026
Slightly more emotional:
I may not be here one day, but through my pledge of organ donation, I hope to leave behind smiles and give others a chance to live.
मैं आसमाँ के तारों के बीच से देखती रहूँगी,
खामोश रातों में भी तुम तक पहुँचती रहूँगी।
शायद जाने के बाद ही समझ पाऊँ,
कितना कुछ अधूरा छोड़ आई हूँ यहाँ,
पर एक सुकून साथ ले जाऊँगी—
कि कुछ चेहरों पर मुस्कान दे पाऊँगी वहाँ।
मेरी धड़कनों का कोई हिस्सा,
किसी और की जिंदगी बन जाएगा,
मेरी खामोशी का हर एक लम्हा,
किसी के सपनों में रंग भर जाएगा।
मैं चली जाऊँगी इस दुनिया से एक दिन,
पर यूँ ही मिट नहीं जाऊँगी,
आसमाँ के उन चमकते तारों में,
मैं हर पल मुस्कुराती नज़र आऊँगी।
और जब भी तुम ऊपर देखोगे,
एक हल्की सी रोशनी में मुझे पाओगे,
मैं वहीं से दुआ बनकर,
तुम्हारी हर मुस्कान में जीती जाऊँगी।