11/03/2026
जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), जयपुर के पंचकर्म विभाग द्वारा कुलपति प्रो. संजीव शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में विभाग के समस्त कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय “व्यक्तित्व विकास” कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिन, 9 मार्च को मुख्य अतिथि के रूप में श्री रविकांत सैनी जी उपस्थित रहे, जिनका विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. गोपेश मंगल द्वारा गर्मजोशी से आत्मीय स्वागत किया गया। अपने संबोधन में श्री सैनी ने कर्मचारियों को आत्मविश्वास बढ़ाने और कार्यस्थल पर शिष्टाचार के महत्व को समझाते हुए बताया कि किस प्रकार एक सकारात्मक व्यक्तित्व संस्थान की कार्यक्षमता और रोगी सेवा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
कार्यशाला के दूसरे दिन, 10 मार्च को मुख्य अतिथि डॉ. दीपिका चौधरी ने उपस्थित कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बहुत ही प्रभावशाली ढंग से व्यक्तित्व विकास के सूक्ष्म पहलुओं पर चर्चा की और तनाव प्रबंधन व प्रभावी संवाद कौशल की बारीकियों को विस्तार से समझाया। प्रो. गोपेश मंगल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि वे अधिक ऊर्जा और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित होते हैं। इस दो दिवसीय सत्र ने जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों को आधुनिक कार्य संस्कृति के अनुरूप ढलने का एक बेहतरीन मंच प्रदान किया।