30/11/2025
शांत मन, सरल जीवन:-
जब भीतर की हलचल कम होती है,
तभी जीवन सरल दिखता है।
हमारा मन ही वह स्थान है
जहाँ कभी अनगिनत विचार दौड़ते हैं,
कभी भावनाएँ टकराती हैं,
और कई बार मौन भी असहज लगने लगता है।
लेकिन जब हम अपने भीतर के शोर को पहचानते हैं
और उसे धीरे-धीरे शांत करना सीखते हैं,
तो बाहरी दुनिया स्वयं ही सुंदर और सहज हो जाती है।
शांति कोई उपलब्धि नहीं—
यह वह अवस्था है जहाँ मन
भूत से मुक्त,
भविष्य से निडर,
और वर्तमान में पूर्णत: स्थिर हो जाता है।
योगाचार्य भरत सिंह
योग साधक • योग चिकित्सक (Yoga Therapist)
Bharat Yoga Station, Jaipur
Therapy • Training • Transformation